कुम्हेर अनाज मंडी में नहीं दिख रहा मंडी बंद करने का आह्वान, 1500 सरसों की बोरी की प्रतिदिन हो रही है आवक

कुम्हेर अनाज मंडी में नहीं दिख रहा मंडी बंद करने का आह्वान, 1500 सरसों की बोरी की प्रतिदिन हो रही है आवक

कुम्हेर: कस्बे की अनाज मंडी मैं अनाज मंडी बंद रखने का आह्वान का कोई भी असर नहीं दिख रहा है। 15 सौ सरसों की बोरी की कुम्हेर मंडी में प्रतिदिन की आवक हो रही है। वही मंडी के कुछ आढ़तियों ने बताया कि मंडी में कुछ बड़े आढ़तियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र से किसानों की सरसों की बोरी खरीद कर यूपी में भेजी जा रही है।

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लोगों ने बताया कि बड़े व्यापारी तो सीधे किसानों से फसल खरीद कर यूपी भेज रहे थे तथा मंडी बंद होने से छोटे व्यापारियों को नुकसान हो रहा था। जिसके कारण कुम्हेर अनाज मंडी को 2 दिन से खोल कर किसानों की सरसों की खरीद की जा रही है। कुछ किसानों ने बताया कि मंडी के आढ़तियों बेचे हुए माल का कच्ची पर्ची पर हिसाब बना कर रुपए दे देते हैं। पक्की पर्ची बनाकर नहीं दे रहे हैं।

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अगर किसान इस बात को कह रहे हैं तो इससे तो पता चलता है कि मंडी के आढ़तिया किसानों द्वारा बेचे हुए माल पर टैक्स चोरी कर नंबर दो में इस माल को खरीदकर यूपी व अन्य स्थान पर बेच रहे हैं। जब इस मामले को लेकर अनाज मंडी के आढ़तियों से पूछा गया तो मंडी के आढ़तियों ने बताया कि किसानों द्वारा अपने माल बेचने पर नगद रुपए लेने को कहते हैं, जिसके चलते किसानों को आढ़तिया कच्ची पर्ची देकर उनके बेचे हुए माल के नगद रुपए दे देते हैं। अगर किसान पक्की पर्ची मांगते हैं तो उनका पेमेंट चेक से किया जाता है।

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किसान चेक लेने से मना करते हैं, इसलिए उन्हें कच्ची पर्ची और उनके माल बेचने के रुपए दे देते हैं। मंडी समिति के कर्मचारियों ने बताया कि मंडी में आने वाली हर ट्रॉली की एंट्री की जा रही है तथा माल बेचने पर आढ़तियों द्वारा पक्की पर्ची हमें दी जा रही है और पक्की पर्ची के हिसाब से टैक्स भरा जा रहा है। किसानों का तो पता नहीं पक्की पर्ची देते हैं या नहीं देते।