सीता अशोक

असली को कोई नही पूछता नकली हर घर शोभा पा रहा..!!

Mar 3, 2023 - 14:48
Mar 16, 2023 - 08:45
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सीता अशोक
सीता अशोक

#अशोक

#सीताअशोक, #saraca_asoca

अशोक वही वृक्ष हैं जिसका नाम #रामायण में अशोक वाटिका से जुड़ा हैं जहां माता #सीता को रखा गया था... अशोक को सीता अशोक भी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जिस पेड़ के नीचे बैठने से शोक नहीं होता, उसे अशोक कहते हैं, अर्थात् जो #स्त्रियों के सारे शोकों को दूर करने की शक्ति रखता है, वही अशोक है....।

अक्सर हम जिसे अशोक समझ कर घर में लगाते हैं वह अशोक नहीं बल्कि नकली अशोक #polyathia_longifolia है... । अशोक को घर के आसपास लगाना शुभ माना गया है पर हम वास्तविक अशोक को भूल गए हैं...।

अशोक का पेड़ #आम के पेड़ की तरह सदा हरा-भरा रहता है, जो 7.5 से 9 मीटर तक ऊंचा तथा अनेक शाखाओं से युक्त होता है.... इसका तना सीधा आमतौर पर लालिमा लिए हुए भूरे रंग का होता है.... यह पेड़ सारे #भारत में आसानी से मिलता है.... अशोक के पत्ते डंठल के दोनों ओर 5-6 के जोड़ों में 9 इंच लंबे, गोल व नोकदार होते हैं... प्रारंभ में पत्तों का रंग तांबे के रंग के समान होता है, जो बाद में लालिमा लिए हुए गहरे हरे रंग का हो जाता है... सूखने के बाद पत्तों का रंग लाल हो जाता है... पुष्प प्रारंभ में सुंदर, पीले, नारंगी रंग के होते हैं...।

#बंसत_ऋतु में लगने वाले पुष्प गुच्छाकार, सुगंधित, चमकीले, सुनहरे रंग के होते हैं, जो बाद में लाल रंग के हो जाते हैं... मई के माह लगने वाली फलियां 4 से 10 बीज वाली होती हैं... अशोक फली गहरे जामुनी रंग की होती है.. फली पहले गहरे जामुनी रंग की होती है, जो पकने पर काले रंग की हो जाती है... पेड़ की #छाल मटमैले रंग की बाहर से दिखती है, लेकिन अंदर से लाल रंग की होती है.... ।

#आयुर्वेद के अनुसार अशोक का रस कड़वा, कषैला, शीत प्रकृति युक्त, चेहरे की चमक बढ़ाने वाला, प्यास, जलन, कीड़े, दर्द, जहर, खून के विकार, पेट के रोग, सूजन दूर करने वाला, गर्भाशय की शिथिलता, सभी प्रकार के प्रदर, बुखार, जोड़ों के दर्द की पीड़ा नाशक होता है...।

#होम्योपैथी मतानुसार अशोक की छाल के बने मदर टिंचर से गर्भाशय सम्बंधी रोगों में लाभ मिलता है और बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना, पेशाब कम मात्रा में होना, #मासिक_धर्म के साथ पेट दर्द, अनियमित स्राव तथा रक्तप्रदर का कष्ट भी दूर होता है...। 

वैज्ञानिक मतानुसार, अशोक का मुख्य प्रभाव पेट के निचले भागों यानी योनि, गुर्दों और #मूत्राशय पर होता है.... #गर्भाशय के अलावा ओवरी पर इसका उत्तेजक असर पड़ता है, यह महिलाओं में प्रजनन शक्ति को बढ़ाता है... |

Narpat Singh Shekhawat Traditional Yoga instructor , A volunteer nature lover, clean environment health world, tree our friend, social work since 2015, encouraging youth. One World One Meditation - Continuing efforts to spread the message of unity, peace and love. (Master of Arts)