शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई:20 ऑटो टिपर एक माह से खराब, शहर का 25 टन कचरा रोज सड़क पर फेंक रहे

शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई:20 ऑटो टिपर एक माह से खराब, शहर का 25 टन कचरा रोज सड़क पर फेंक रहे

शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। घर-घर से कचरा संग्रहण के लिए नगर परिषद के 53 में से 20 ऑटाे टिपर एक माह से खराब हैं।भुगतान नहीं हाेने के कारण ठेका कंपनी इन्हें ठीक नहीं कर रही है। ऐसे में इनसे उठाए जाने वाला प्रतिदिन का 25 टन कचरा अब सड़क पर ही फैंका जा रहा है।

नगर परिषद की ओर से शहर से प्रतिदिन करीब 150 टन कचरा उठता है। इनमें से करीब 50 टन कचरा उठाने की जिम्मेदारी इन 53 ऑटाे टिपर की है। लेकिन 20 ऑटाे टिपर खराब हाेने से प्रतिदिन का करीब 25 टन कचरा नहीं उठ पा रहा है। अब जिन वार्डाें के ऑटाे टिपर खराब हैं, वहां बदल-बदलकर इन्हें भेजा जा रहा है। सर्वाधिक समस्या पटरी पार रहने वाले लाेगाें काे हाे रही है।

पार्षदाें ने उठाया मामला :

शहर में एक माह से चल रही कचरा संग्रहण व्यवस्था काे लेकर नगर परिषद की बाेर्ड मीटिंग में भी हंगामा हुआ था। कई पार्षदाें ने इस मुद्दे काे उठाया था। उस समय पार्षदाें ने बताया था कि लाेग इंतजार करते हैं। ऑटाेटिपर नहीं आता। ऐसे में लाेग मजबूरीवश रास्ते या सड़क पर कचरा डाल देते हैं। ऑटाे टिपर की समस्या काे लेकर लाेग लगातार पार्षदाें के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

हर वार्ड में एक ऑटो टिपर की जरूरत

शहर में वार्ड बड़े हैं। ऐसे में एक वार्ड के लिए एक ऑटाे टिपर की जरूरत है। बावजूद इसके 65 वार्डां में केवल 53 ऑटाे टिपर ही चल रहे हैं। वहीं नगर परिषद ड्राइवराें की समस्या से भी जूझ रही है। परिषद के पास पहले ही 20 ड्राइवराें की कमी है। अब ऑटाे टिपर खराब हाेने से यह समस्या और अधिक बढ़ गई है।

नगर परिषद के 20 ऑटाे टिपर खराब हैं। इन्हें ठीक हाेने के लिए कंपनी काे भेजा गया है। भुगतान संंबंधी समस्या के कारण ऑटाे टिपर कंपनी ने नहीं भेजे हैं। कंपनी के भुगतान के लिए आर्डर जारी कर दिए। ऑटाे टिपर ठीक हाेने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार हाेगा। इसी तरह ड्राइवराेंं की कमी है। इनके लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन काे लिखा गया है। चालक मिलने के बाद व्यवस्थाओं में और भी सुधार हाेगा।
-जाेधाराम बिश्नाेई, आयुक्त, नगर परिषद।