EduCare न्यूज:IIT ग्रेजुएट्स को मिल रही 10 लाख रुपए से कम एनुअल सैलरी वाली नौकरी; इन 5 वजहों से नहीं मिल रहा प्लेसमेंट

इस साल IIT ग्रेजुएट्स को कॉलेज प्लेसमेंट में सालाना 10 लाख रुपए से कम का सैलरी पैकेज ऑफर किया जा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक किसी एक कॉलेज से लगभग 6-7 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट ऑफर करने वाली कंपनियां अब सिर्फ 2 से 3 स्टूडेंट्स को ही जॉब ऑफर कर रही हैं। हायरिंग घटने और एनुअल सैलरी पैकेज कम होने की वजह से अब ऐसे स्टूडेंट्स जो प्लेसमेंट कॉल में पीछे हैं या जिनके ग्रेड पॉइंट कम हैं, उन्हें 10 लाख रुपए से भी कम एनुअल सैलरी ऑफर की जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अब कंपनियों की डिमांड बदल गई है। कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी स्किल्स सर्च कर रही हैं लेकिन सभी स्टूडेंट्स के पास ये स्किल नहीं है। जॉब ऑफर एक्सेप्ट करने के बाद भी दूसरी नौकरी की तलाश कर रहे हैं स्टूडेंट्स ऐसे स्टूडेंट्स जिन्हें कम सैलरी पैकेज मिला है वो अब भी जॉब मार्केट में बेहतर नौकरी की तलाश कर रहे हैं और लगातार हायरिंग के लिए इंटरव्यू दे रहे हैं। ये स्टूडेंट्स अलग-अलग शहरों में जाकर जॉब फेयर भी अटेंड कर रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट में कम सैलरी ऑफर किए जाने की वजह से अब IIT ग्रेजुएट्स भी सालाना 6 लाख रुपए के सैलरी पैकेज को एक्सेप्ट करने को तैयार हैं। हालांकि, जॉब जॉइन करने के बाद ये ग्रेजुएट्स नए ऑप्शन ढूंढ रहे हैं। IIT इंदौर के डायरेक्टर बोले- मंदी का सीधा असर प्लेसमेंट पर पड़ रहा है IIT इंदौर के डायरेक्टर प्रोफेसर सुहास जोशी ने IIT ग्रेजुएट्स को अच्छी नौकरी न मिलने और कम सैलरी ऑफर किए जाने पर टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि आर्थिक मंदी का असर IIT इंदौर से 2024 में ग्रेजुएट होने वाले बैच पर भी पड़ा है। पिछले साल की तुलना में इस साल स्टूडेंट्स को रिक्रूट करने वाली कंपनियों की संख्या भी कम हुई हैं। इस वजह से प्लेसमेंट पर असर पड़ रहा है। इसे देखते हुए IIT इंदौर ने अपने एलुमनाई नेटवर्क और कुछ पुरानी कंपनियों से पहले ही कॉन्टैक्ट कर लिया है। 5-8 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट देने वाली कंपनियां अब सिर्फ 2 स्टूडेंट्स को नौकरी दे रहीं टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा IIT बॉम्बे के एक स्टूडेंट ने कहा कि वो कंपनियां जो अब तक कम से कम 5 से 8 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट देती थीं अब वो सिर्फ 1 से 2 स्टूडेंट्स को नौकरी दे रही हैं। कुछ स्टूडेंट्स की हायरिंग भी अब तक नहीं हो सकी है। कोचिंग क्लासेस से लेकर स्टार्ट-अप्स जैसी कंपनियों ने तक ग्रेजुएट्स को प्लेसमेंट के सेकंड फेज में 60,000 रुपए से 80,000 रुपए तक का एनुअल सैलरी पैकेज ऑफर किया है। IIT खड़गपुर में मिल रही 3.6 लाख से 6 लाख रुपए तक की नौकरी रिपोर्ट के मुताबिक IIT खड़गपुर के एक स्टूडेंट ने बताया - स्पेक्ट्रम टेक्नोलॉजीज ने ट्रेनी इंजीनियर्स को 3.6 लाख रुपए और ट्रेनी डिजाइन इंजीनियर्स को 6 लाख रुपए तक की एनुअल सैलरी ऑफर की है। Startoon Labs और Gem Machinery ने एनुअली 5.5 लाख रुपए का पैकेज दिया है। Skyroot ने 5 लाख रुपए की एनुअल सैलरी ऑफर की है। वहीं, Sri Chaitanya और Next Education ने 4.8 लाख रुपए से 6 लाख रुपए तक का पैकेज ऑफर किया है। 6 लाख रुपए की सालाना सैलरी के साथ दूसरी नौकरी ढूंढ रहे हैं स्टूडेंट्स कोचिंग इंस्टीट्यूट PACE IIT के ओनर प्रवीण त्यागी ने कहा कि इस साल प्लेसमेंट की सिचुएशन काफी अलग है। अब हालत ये है कि ज्यादातर स्टूडेंट्स 6 लाख के एनुअल सैलरी की जॉब एक्सेप्ट करने के बाद नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। कॉलेजों में प्लेसमेंट सेल से जुड़े ऑफिसर्स ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को कॉन्टैक्ट कर रहे हैं, NGOs और जॉब पोर्टल्स के साथ कॉन्टैक्ट में हैं और फाइनल ईयर स्टूडेंट्स को गाइडेंस दे रहे हैं। प्लेसमेंट के लिए नहीं आ रही FANG कंपनियां, EdTech कंपनी ने ऑफर की 12 लाख रुपए की जॉब प्रवीण त्यागी ने आगे कहा- AI की वजह से नौकरियां कम हुई हैं और इंटरनेशनल FANG कंपनियां (फेसबुक, एमेजन, नेटफ्लिक्स, गूगल) कैंपस प्लेसमेंट के लिए नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हमनें इस मौके का फायदा उठाया और अपने इंस्टीट्यूट में IITians को हायर करने के लिए टेस्ट कंडक्ट कराए। कई स्टूडेंट्स ने ये टेस्ट दिए और ऑनलाइन लेक्चर्स भी लिए। ऐसे स्टूडेंट्स जिनकी कम्युनिकेशन स्किल अच्छी थी, उन्हें सिलेक्ट किया गया है। हमने करीब 25 स्टूडेंट्स को 12 लाख रुपए से ज्यादा का एनुअल पैकेज ऑफर किया है। OCS पर रजिस्टर्ड 60% लोगों को मिल गई नौकरी IIT दिल्ली के ग्रेजुएट्स इंस्टीट्यूट के प्लेसमेंट सेल ऑफिस ऑफ करियर सर्विसेज (OCS) के जरिए अब भी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। OCS पर 5 अप्रैल तक 1,814 स्टूडेंट्स ने OCS पर रजिस्टर किया है और इनमें से 1,083 लोगों को नौकरी मिल चुकी है। अब भी OCS पर रजिस्टर्ड 40% स्टूडेंट्स बेरोजगार हैं। ग्रेजुएट्स को मिल रही है नौकरी, PhD कैंडिडेट्स के लिए खास प्लेसमेंट ड्राइव चलानी होगी : OCS इन चार्ज OCS के प्रोफेसर इन चार्ज आर अयोथिरामन ने कहा कि ग्रेजुएट्स को नौकरी के ऑफर मिलने में ज्यादा परेशानी नहीं है। प्लेसमेंट में शामिल हुए 903 स्टूडेंट्स में से 81% को नौकरी के ऑफर मिल गए हैं। फिलहाल, PhD कैंडिडेट्स के लिए अलग से रिक्रूटमेंट ड्राइव चलाना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने बताया कि IIT दिल्ली में Bharat Petroleum Corp Ltd ने 19.5 लाख रुपए का एनुअल पैकेज ऑफर किया है। वहीं, HCL Software ने 21.9 लाख रुपए की सैलरी ऑफर की है। TCS ने 9 लाख और Larsen Toubro ने 7 लाख रुपए का पैकेज ऑफर किया है। अब AI-ML लोगों की ज्यादा डिमांड IIT-दिल्ली के एक स्टूडेंट्स ने प्लेसमेंट के बारे में बात करते हुए कहा कि यहां प्लेसमेंट काफी दिनों तक चलते हैं। हर फेज कम से कम 15 दिनों का होता है। हम इंटरव्यू देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं लेकिन इस बार कंपनियों की डिमांड बदल गई है। अब कंपनियां अलग तरीके का स्किलसेट सर्च कर रही हैं। मेरा इंटरेस्ट सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में है। अब कंपनियों को 1

EduCare न्यूज:IIT ग्रेजुएट्स को मिल रही 10 लाख रुपए से कम एनुअल सैलरी वाली नौकरी; इन 5 वजहों से नहीं मिल रहा प्लेसमेंट
इस साल IIT ग्रेजुएट्स को कॉलेज प्लेसमेंट में सालाना 10 लाख रुपए से कम का सैलरी पैकेज ऑफर किया जा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक किसी एक कॉलेज से लगभग 6-7 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट ऑफर करने वाली कंपनियां अब सिर्फ 2 से 3 स्टूडेंट्स को ही जॉब ऑफर कर रही हैं। हायरिंग घटने और एनुअल सैलरी पैकेज कम होने की वजह से अब ऐसे स्टूडेंट्स जो प्लेसमेंट कॉल में पीछे हैं या जिनके ग्रेड पॉइंट कम हैं, उन्हें 10 लाख रुपए से भी कम एनुअल सैलरी ऑफर की जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अब कंपनियों की डिमांड बदल गई है। कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी स्किल्स सर्च कर रही हैं लेकिन सभी स्टूडेंट्स के पास ये स्किल नहीं है। जॉब ऑफर एक्सेप्ट करने के बाद भी दूसरी नौकरी की तलाश कर रहे हैं स्टूडेंट्स ऐसे स्टूडेंट्स जिन्हें कम सैलरी पैकेज मिला है वो अब भी जॉब मार्केट में बेहतर नौकरी की तलाश कर रहे हैं और लगातार हायरिंग के लिए इंटरव्यू दे रहे हैं। ये स्टूडेंट्स अलग-अलग शहरों में जाकर जॉब फेयर भी अटेंड कर रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट में कम सैलरी ऑफर किए जाने की वजह से अब IIT ग्रेजुएट्स भी सालाना 6 लाख रुपए के सैलरी पैकेज को एक्सेप्ट करने को तैयार हैं। हालांकि, जॉब जॉइन करने के बाद ये ग्रेजुएट्स नए ऑप्शन ढूंढ रहे हैं। IIT इंदौर के डायरेक्टर बोले- मंदी का सीधा असर प्लेसमेंट पर पड़ रहा है IIT इंदौर के डायरेक्टर प्रोफेसर सुहास जोशी ने IIT ग्रेजुएट्स को अच्छी नौकरी न मिलने और कम सैलरी ऑफर किए जाने पर टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि आर्थिक मंदी का असर IIT इंदौर से 2024 में ग्रेजुएट होने वाले बैच पर भी पड़ा है। पिछले साल की तुलना में इस साल स्टूडेंट्स को रिक्रूट करने वाली कंपनियों की संख्या भी कम हुई हैं। इस वजह से प्लेसमेंट पर असर पड़ रहा है। इसे देखते हुए IIT इंदौर ने अपने एलुमनाई नेटवर्क और कुछ पुरानी कंपनियों से पहले ही कॉन्टैक्ट कर लिया है। 5-8 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट देने वाली कंपनियां अब सिर्फ 2 स्टूडेंट्स को नौकरी दे रहीं टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा IIT बॉम्बे के एक स्टूडेंट ने कहा कि वो कंपनियां जो अब तक कम से कम 5 से 8 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट देती थीं अब वो सिर्फ 1 से 2 स्टूडेंट्स को नौकरी दे रही हैं। कुछ स्टूडेंट्स की हायरिंग भी अब तक नहीं हो सकी है। कोचिंग क्लासेस से लेकर स्टार्ट-अप्स जैसी कंपनियों ने तक ग्रेजुएट्स को प्लेसमेंट के सेकंड फेज में 60,000 रुपए से 80,000 रुपए तक का एनुअल सैलरी पैकेज ऑफर किया है। IIT खड़गपुर में मिल रही 3.6 लाख से 6 लाख रुपए तक की नौकरी रिपोर्ट के मुताबिक IIT खड़गपुर के एक स्टूडेंट ने बताया - स्पेक्ट्रम टेक्नोलॉजीज ने ट्रेनी इंजीनियर्स को 3.6 लाख रुपए और ट्रेनी डिजाइन इंजीनियर्स को 6 लाख रुपए तक की एनुअल सैलरी ऑफर की है। Startoon Labs और Gem Machinery ने एनुअली 5.5 लाख रुपए का पैकेज दिया है। Skyroot ने 5 लाख रुपए की एनुअल सैलरी ऑफर की है। वहीं, Sri Chaitanya और Next Education ने 4.8 लाख रुपए से 6 लाख रुपए तक का पैकेज ऑफर किया है। 6 लाख रुपए की सालाना सैलरी के साथ दूसरी नौकरी ढूंढ रहे हैं स्टूडेंट्स कोचिंग इंस्टीट्यूट PACE IIT के ओनर प्रवीण त्यागी ने कहा कि इस साल प्लेसमेंट की सिचुएशन काफी अलग है। अब हालत ये है कि ज्यादातर स्टूडेंट्स 6 लाख के एनुअल सैलरी की जॉब एक्सेप्ट करने के बाद नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। कॉलेजों में प्लेसमेंट सेल से जुड़े ऑफिसर्स ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को कॉन्टैक्ट कर रहे हैं, NGOs और जॉब पोर्टल्स के साथ कॉन्टैक्ट में हैं और फाइनल ईयर स्टूडेंट्स को गाइडेंस दे रहे हैं। प्लेसमेंट के लिए नहीं आ रही FANG कंपनियां, EdTech कंपनी ने ऑफर की 12 लाख रुपए की जॉब प्रवीण त्यागी ने आगे कहा- AI की वजह से नौकरियां कम हुई हैं और इंटरनेशनल FANG कंपनियां (फेसबुक, एमेजन, नेटफ्लिक्स, गूगल) कैंपस प्लेसमेंट के लिए नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हमनें इस मौके का फायदा उठाया और अपने इंस्टीट्यूट में IITians को हायर करने के लिए टेस्ट कंडक्ट कराए। कई स्टूडेंट्स ने ये टेस्ट दिए और ऑनलाइन लेक्चर्स भी लिए। ऐसे स्टूडेंट्स जिनकी कम्युनिकेशन स्किल अच्छी थी, उन्हें सिलेक्ट किया गया है। हमने करीब 25 स्टूडेंट्स को 12 लाख रुपए से ज्यादा का एनुअल पैकेज ऑफर किया है। OCS पर रजिस्टर्ड 60% लोगों को मिल गई नौकरी IIT दिल्ली के ग्रेजुएट्स इंस्टीट्यूट के प्लेसमेंट सेल ऑफिस ऑफ करियर सर्विसेज (OCS) के जरिए अब भी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। OCS पर 5 अप्रैल तक 1,814 स्टूडेंट्स ने OCS पर रजिस्टर किया है और इनमें से 1,083 लोगों को नौकरी मिल चुकी है। अब भी OCS पर रजिस्टर्ड 40% स्टूडेंट्स बेरोजगार हैं। ग्रेजुएट्स को मिल रही है नौकरी, PhD कैंडिडेट्स के लिए खास प्लेसमेंट ड्राइव चलानी होगी : OCS इन चार्ज OCS के प्रोफेसर इन चार्ज आर अयोथिरामन ने कहा कि ग्रेजुएट्स को नौकरी के ऑफर मिलने में ज्यादा परेशानी नहीं है। प्लेसमेंट में शामिल हुए 903 स्टूडेंट्स में से 81% को नौकरी के ऑफर मिल गए हैं। फिलहाल, PhD कैंडिडेट्स के लिए अलग से रिक्रूटमेंट ड्राइव चलाना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने बताया कि IIT दिल्ली में Bharat Petroleum Corp Ltd ने 19.5 लाख रुपए का एनुअल पैकेज ऑफर किया है। वहीं, HCL Software ने 21.9 लाख रुपए की सैलरी ऑफर की है। TCS ने 9 लाख और Larsen Toubro ने 7 लाख रुपए का पैकेज ऑफर किया है। अब AI-ML लोगों की ज्यादा डिमांड IIT-दिल्ली के एक स्टूडेंट्स ने प्लेसमेंट के बारे में बात करते हुए कहा कि यहां प्लेसमेंट काफी दिनों तक चलते हैं। हर फेज कम से कम 15 दिनों का होता है। हम इंटरव्यू देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं लेकिन इस बार कंपनियों की डिमांड बदल गई है। अब कंपनियां अलग तरीके का स्किलसेट सर्च कर रही हैं। मेरा इंटरेस्ट सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में है। अब कंपनियों को 10 से 50 लाख रुपए के एनुअल पैकेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में ट्रेन लोग चाहिए लेकिन हमारे पास इसके लिए जरूरी स्किलसेट नहीं है।