खिलाड़ियों की अनदेखी:50% नेशनल लेवल खिलाड़ियों में हीमोग्लोबिन और 75% में विटामिन डी कम, बेटियां हांफेंगी तो खेलेंगी-जीतेंगी कैसे
महिला खिलाड़ियों के लिहाज से राजस्थान सबसे पिछड़े राज्यों में शुमार है। स्पोर्ट्स एजेंसी की 4 राज्यों के 213 खिलाड़ियों पर कराए सर्वे के मुताबिक 2011 के बाद से खेलों में सर्वाधिक भागीदारी हरियाणा और मणिपुर की महिला खिलाड़ियों की रही। इन्होंने पदक भी सर्वाधिक जीते। बिहार, राजस्थान अंतिम पायदान पर हैं। भास्कर ने खिलाड़ियों की हैल्थ जांच कराई तो सामने आया 50% खिलाड़ियों में खून की तो 75% में विटामिन डी की कमी है।
खो-खो, कबड्डी, बास्केटबॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन व क्रिकेट के 30 नेशनल खिलाड़ियों की सीबीसी, विटामिन डी समेत प्रमुख जांचें कराई। इनमें 20 महिला खिलाड़ी हैं। 10 में हीमोग्लोबीन, 15 में विटामिन डी और 8 में आरबीसी कम है। एक खिलाड़ी फिट मिली। खेल मंत्री अशोक चांदना कहते हैं- अधिकतर महिला खिलाड़ी गांवों से हैं। उनमें पोषक तत्वों की कमी है। फेडरेशन्स को हर 3 माह में टेस्ट के निर्देश देंगे।
ग्रामीण ओलिंपिक कराने वाला राजस्थान खिलाड़ियों का रुटीन टेस्ट तक नहीं करवाता
10 में खून ही कम, 15 की मसल्स और बोन कमजोर हो रहीं
हीमोग्लोबिन कम
- सभी अंगों में उचित मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचती। सांस फूलने, जल्दी व ज्यादा थकने जैसी समस्याएं आती हैं।
- वीओ2 मैक्स टेस्ट से खिलाड़ी में ऑक्सीजन की खपत का आंकलन करते हैं।
विटामिन डी कम
- हड्डियों की सेहत बिगड़ती है। आउटडोर खेल गतिविधियां स्केलटन से जुड़ी होती हैं। स्पोर्ट्स इंजरी की आशंका बढ़ती है।
- कमजोर कैल्शियम मेटाबॉलिज्म, मांसपेशियों में खिंचाव, भूख में कमी और थकान होती है।
यानी... घटती है परफॉर्मेंस
- एचबी, बी 12, विटामिन डी व आयरन की कमी से प्रदर्शन 30% घटता है।
- स्पोर्ट्स एकेडमियों में जो डाइट है, अन्य खिलाड़ियों को भी वैसी ही डाइट मिलनी चाहिए।
हरियाणा में खिलाड़ी को पैसे देते हैं, राजस्थान में लेते हैं
हरियाणा में स्कूल से स्टेट में चुनी खिलाड़ी को सरकार एक हफ्ते में 50 हजार रुपए देती है ताकि वे पोषण-प्रशिक्षण पर ध्यान दें। राजस्थान में टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में गोल्ड जीती 5 बेटियों को 6 माह भी टीए-डीए और इनामी राशि नहीं मिली। -एसएस भाटी, क्रिकेट कोच
सुझाव...रूटीन में डाइट और फिटनेस की मैपिंग की जानी चाहिए
एसोसिएशन टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों का डोप टेस्ट करवाती है। अभ्यास के दौरान ब्लड टेस्ट, न्यूट्रीशन जांच होनी चाहिए। -गोपाल सैनी, प्रेसिडेंट, राज. एथलेटिक एसो.
रुटीन में खिलाड़ियों की जांच का सिस्टम बने ताकि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के उद्देश्य की पूर्ति हो। -मनोज दासोत, सेक्रेटरी, जयपुर बैडमिंटन एसो.
Naresh Chouhan 

