सिम कार्ड का KYC वेरिफिकेशन होगा पूरी तरह से डिजिटल:एक ID पर जारी होंगे 9 की जगह 5 सिम, 6 महीने में लागू हो सकते हैं नए नियम

kyc-verification-of-sim-card-will-be-completely-digital

सिम कार्ड का KYC वेरिफिकेशन होगा पूरी तरह से डिजिटल:एक ID पर जारी होंगे 9 की जगह 5 सिम, 6 महीने में लागू हो सकते हैं नए नियम
kyc-verification-of-sim-card-will-be-completely-digital

नकली सिम कार्ड की धोखाधड़ी को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) नो योर कस्टमर (KYC) प्रोसेस को बदलने की योजना बना रहा है। साथ ही एक ID पर जारी किए जाने वाले सिम कार्ड की संख्या 5 की जा सकती है। अभी नियम के मुताबिक, एक ID पर 9 सिम एक्टिवेट किए जा सकते हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर, असम सहित उत्तर-पूर्व राज्य की ID पर 6 सिम एक्टिवेट हो सकते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, KYC वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरी तरह डिजिटलाइज्ड किया जा सकता है। इसके लिए डिजिटली वेरिफाइड डॉक्युमेंट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। यही नहीं, फ्रॉड करने वाले व्यक्ति के पकड़े जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि, 'फर्जी ID के मुद्दे से निपटने के लिए डिजिटल डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाकर मजबूत KYC मेकेनिज्म बनाने पर चर्चा चल रही है।'

6 महीने में जारी हो सकते हैं नए नियम
DoT की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (AI & DIU) विंग सिम कार्ड वेरिफिकेशन के मुद्दे पर काम कर रही है। ये विंग नेशनल वर्किंग ग्रुप की सलाह से 6 महीने के अंदर KYC के नए नियम जारी कर सकती है।

नेशनल वर्किंग ग्रुप में RBI और मिनिस्ट्री ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं। KYC नॉर्म्स में DoT दो महीने के अंदर टेलीकॉम एनालिटिक्स फॉर फ्रॉड मैनेजमेंट एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन (TAF-COP) पोर्टल पैन-इंडिया लॉन्च करने की भी योजना बना रहा है। फिलहाल यह पोर्टल आंध्र प्रदेश, केरल, राजस्थान, तेलंगाना और जम्मू और कश्मीर जैसे राज्यों में सक्रिय है।www.jaimamart.com

फर्जी सिम कार्ड ब्लॉक करने के लिए AI का उपयोग करेगी सरकार
रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी सिम कार्डों की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए AI का प्रयोग किया जा रहा है और टेलीकॉम सिम सब्सक्राइबर वेरिफिकेशन (TSSV) के लिए फेशियल रिकॉग्निशन भी सरकार द्वारा पूरे भारत में लागू किया जा रहा है। TSSV को हरियाणा के मेवात में एक पायलट प्रोग्राम के रूप में शुरू किया गया था। TSSV का उपयोग करते हुए सरकार जाली दस्तावेजों का उपयोग कर सिम कार्ड का इस्तेमाल करने वाले लोगों की पहचान आसानी से हो सकती है।