85 किलो का सूमो: 10 साल के जापानी सूमो की कहानी, जिसने अपनी से अधिक उम्र के पहलवानों को धूल चटाई

85 किलो का सूमो: 10 साल के जापानी सूमो की कहानी, जिसने अपनी से अधिक उम्र के पहलवानों को धूल चटाई
  • जापान में सबसे ज्यादा सूमो टोक्यो शहर से से निकलते हैं
  • क्यूटा ने पिछले साल अंडर-10 वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीती थी

क्यूटा कुमागाई की उम्र 10 साल है। वजन 85 किलो है और 16 साल के लड़क को पटखनी देने का दम रखते हैं। क्यूटा ने पिछले साल यूके और यूक्रेन के पहलवान को हराकर अंडर-10 वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीती थी। टोक्यो के रहने वाले क्यूटा कहते हैं, अपनी उम्र से बड़े पहलवानों को हराने में सबसे ज्यादा मजा आता है। लेकिन कभी-कभी मुकाबला इतना तगड़ा हो जाता है कि मन करता है कि हार मान लूं।

क्यूटो पहलवानी के लिए खुद को कैसे तैयार करते हैं, पढ़िए स्टोरी...

फिटनेस रूटीन: हफ्ते में तीन करते हैं वेट ट्रेनिंग
क्यूटो हफ्ते में तीन दिन लोकल क्लब में वेट ट्रेनिंग करते हैं। इसके अलावा बॉडी को फ्लेक्सिबल रखने के लिए स्वीमिंग करते हैं। रोजाना प्रैक्टिस करना नहीं भूलते। क्यूटा करीब 3 साल की उम्र से ट्रेनिंग ले रहे हैं। उस समय उनके पिता टूर्नामेंट में हिस्सा लेते थे।

डाइट चार्ट: मांस का टिक्का खाना है पसंद
क्यूटा की डाइट में एक लीटर दूध और काफी मात्रा प्रोटीन लेते हैं। मांस का टिक्का खाना खासतौर पर पसंद है। एक दिन में वो 3 से 4 हजार कैलोरी लेते हैं। वो रोजाना एक कटोरा चेनो नाबे खाते हैं। यह खास तरह की डिश है, जिसमें सब्जियों के अलावा नॉनवेज का प्रयोग किया जाता है। सूमो पहलवान अपना वजन बढ़ाने के लिए इस डिश को खाते हैं।

कुछ खास सिखाने की जरूरत नहीं पड़ी
क्यूटा के पिता ताइसुके कहते हैं, मुझे क्यूटा को कुछ भी सिखाने की जरूरत नहीं पड़ी। वो कई चीजें खुद से करता है। वह काफी टैलेंटेड है और कई टूर्नामेंट जीत चुका है। मुझे लगता है उसमें खास तरह की प्रतिभा है और उसे अपना वजन 20 किलो और बढ़ाने की जरूरत है। ताइसुके टोक्यो में अपने परिवार के साथ रहते हैं।

वर्तमान में पूर्व रेसलर शिनिची तायरा क्यूटा की ट्रेनिंग करना रहे हैं। शिनिची कहते हैं, क्यूटा में बहुत टैलेंट है।

मंदिर में होती है ट्रेनिंग
क्यूटा की ट्रेनिंग यहां के एक मंदिर में होती है। क्यूटा के साथ उनके पिता भी यहां प्रैक्टिस करते हैं। ट्रेनिंग के दौरान क्यूटा कभी-कभी पस्त हो जाता है और रोने लगता है। पिता ताइसुके का मानना है, यही वो स्थिति है जो उसे एक बेहतरीन पहलवान बनने में मदद करेगी।