NEET पेपर लीक मामले में 4 राज्यों से 26 गिरफ्तारियां:हजारीबाग में बैंक पहुंचने से पहले पेपर से हुई छेड़छाड़; महाराष्ट्र में ATS कस्टडी में आरोपी

NEET पेपर लीक मामले में CBI केस दर्ज कर चुकी है। बिहार EOU की रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के हजारीबाग में क्वेश्चन पेपर के रखरखाव और रिसीविंग में लापरवाही हुई है। क्वेश्चन पेपर्स को 3 मई को दिल्ली से रांची फ्लाइट से लाया गया। क्वेश्चन पेपर सीधे SBI बैंक की ब्रांच में पहुंचने चाहिए थे, लेकिन इन्हें कूरियर कंपनी के बाहर ही छोड़ दिया। इसके बाद कुरियर कंपनी के ई रिक्शा की मदद से पेपर्स को बैंक तक ले जाया गया। कुरियर कंपनी और बैंक के बीच क्वेश्चन पेपर लीक होने का शक है। बिहार EOU की जांच की रिपोर्ट के मुताबिक पेपर लीक कराने में हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल, ऑब्जर्वर और सेंटर इनचार्ज की भूमिका हो सकती है। दरअसल, क्वेश्चन पेपर का ऑटोमैटिक डिजिटल बॉक्स नहीं खुला। वहीं, जिस बैग में क्वेश्चन पेपर का बॉक्स था, वह नीचे से फटा हुआ था। पेपर लीक मामले में 8 आरोपियों की जमानत याचिका पर 2 जुलाई को सुनवाई NEET पेपर लीक मामले में 25 जून को 8 आरोपियों की जमानत याचिका पर पटना ADJ-5 कोर्ट में सुनवाई हुई। पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपी बिहार से और 6 झारखंड के देवघर से गिरफ्तार किए गए हैं। इन्हीं में से आठ आरोपियों ने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी। पूरी खबर पढ़ें अस्पातल में 6 मई से 5 जून तक एडमिट रहा पेपर लीक मास्टरमाइंड पेपर लीक का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया उर्फ संजीव कुमार 6 मई यानी एग्जाम के अगले दिन से गायब है। वह नालंदा के नूरसाराय उद्यान महाविद्यालय में तकनीकी सहायक के पद पर है। कॉलेज से बिना बताए 6 मई से 14 मई तक गायब रहने पर कॉलेज ने संजीव को कारण बताने के लिए पत्र लिखा। इसका जवाब संजीव कुमार ने 18 मई को दिया। उसने लिखा कि अचानक तबीयत खराब होने की वजह से उसे छुट्टी लेनी पड़ी और वह 6 मई से अस्पताल में है। उसने कॉलेज से 5 जून तक छुट्टी दी जाने की परमिशन ली। पूरी खबर पढ़ें महाराष्ट्र से गिरफ्तार 2 आरोपियों की पुलिस रिमांड 2 जुलाई तक बढ़ी पेपर लीक मामले में 25 जून को महाराष्‍ट्र में ATS ने 4 शिक्षकों के खिलाफ पब्लिक एग्‍जाम एक्‍ट 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, लातूर के 2 टीचर्स- संजय तुकाराम जाधव और जलील खान को गिरफ्तार किया गया है। स्‍पेशल कोर्ट ने आज दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड 2 जुलाई तक बढ़ा दी है। तीसरे आरोपी कोंगलवार को हिरासत में लिया गया जबकि चौथा गंगाधर अब भी फरार है। NEET परीक्षा पर स्‍टूडेंट्स ने कीं 2 बड़ी शिकायतें अब तक NEET UG एग्जाम में खास तौर पर दो गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं। पहली शिकायत : परीक्षा में कई स्‍टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्‍स दिए गए जिसकी वजह से 67 स्‍टूडेंट्स AIR 1 के साथ टॉपर बन गए। दूसरी शिकायत : पेपर लीक होने के आरोप के साथ पेपर कैंसिल कर रीएग्जाम की मांग की गई। NTA ने रीएग्जाम कराया, पेपर लीक की जांच CBI को सौंपी एग्जाम में गड़बड़ियों को लेकर देशभर में प्रदर्शन के बाद NTA ने 8 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। NTA ने बताया कि देश के 6 सेंटर्स पर स्टूडेंट्स को एग्जाम हॉल में कम समय मिला था इसलिए कुल 1563 कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए। हालांकि, NTA ने ये नहीं बताया कि ये मार्क्स किस आधार पर दिए गए। इन स्टूडेंट्स के लिए 23 जून को रीएग्जाम कंडक्ट किया गया। एग्जाम में सिर्फ 813 कैंडिडेट्स शामिल हुए जबकि 750 ने एग्जाम नहीं दिया। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने NEET पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंप दी है। 20 हजार स्‍टूडेंट्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में होगा फैसला देशभर में NEET UG 2024 में गड़बड़ियों को लेकर अलग-अलग राज्यों में लगभग 20 हजार स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। NTA ने 14 जून को देश के 7 अलग-अलग हाईकोर्ट में लगी याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किए जाने की मांग की थी। कोर्ट ने 20 जून को राजस्थान, बॉम्बे और कलकत्ता हाईकोर्ट में NEET मामले में लगी याचिकाओं को क्लब कर दिया। अब इन सभी मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी। शिक्षामंत्री ने पहले बचाव किया, फिर मानी NTA में गड़बड़ी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 20 जून को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा - NEET के मामले में जो लाखों मेधावी छात्र परीक्षा में पास हुए हैं, उनके हितों का भी हमें ध्‍यान रखना है। एक नई कमेटी का गठन किया जाएगा जो NTA को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी। NTA के DG को हटाया, अर्जेंट फैसले अब भी चेयरमैन ले रहे NEET पेपर लीक मामले में NTA डायरेक्टर सुबोध कुमार हटाए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी सभी बड़े फैसले चेयरमैन ले रहे हैं। NTA के सबसे अर्जेंट फैसले चेयरमैन प्रोफेसर प्रदीप जोशी की अध्यक्षता में NTA की गवर्निंग बॉडी लेती है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार पुलिस ने जले हुए क्वेश्चन पेपर्स से मिलाने के लिए NTA से ओरिजिनल क्वेश्चन पेपर मांगा था, लेकिन एक महीने तक पुलिस को ये पेपर नहीं दिए गए। परीक्षा प्रणाली से जुड़े जानकारों के मुताबिक पेपर लीक, परीक्षा में देरी, कुछ स्टूडेंट्स को मनमाने सेंटर मिलने जैसी शिकायतें अर्जेंट मैटर की लिस्ट में आती हैं। NTA मैनुअल के मुताबिक अर्जेंट मामलों पर फैसला NTA की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन की मंजूरी से होता है। NTA में सुधार के लिए 7 सदस्‍यों की कमेटी कर रही है विचार कमेटी के चेयरमैन और ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर के राधाकृष्णनन ने 25 जून को कहा कि कमेटी में सुधार के लिए पेरेंट्स और स्टूडेंट्स से भी चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही एग्जाम कंडक्ट करने के लिए फूलप्रूफ और ट्रांसपेरेंट सिस्टम बनाया जाएगा। अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए होता है NEET एग्‍जाम NEET UG यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्‍ट, अंडरग्रेजुएट राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। NEET परीक्षा मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती ह

NEET पेपर लीक मामले में 4 राज्यों से 26 गिरफ्तारियां:हजारीबाग में बैंक पहुंचने से पहले पेपर से हुई छेड़छाड़; महाराष्ट्र में ATS कस्टडी में आरोपी
NEET पेपर लीक मामले में CBI केस दर्ज कर चुकी है। बिहार EOU की रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के हजारीबाग में क्वेश्चन पेपर के रखरखाव और रिसीविंग में लापरवाही हुई है। क्वेश्चन पेपर्स को 3 मई को दिल्ली से रांची फ्लाइट से लाया गया। क्वेश्चन पेपर सीधे SBI बैंक की ब्रांच में पहुंचने चाहिए थे, लेकिन इन्हें कूरियर कंपनी के बाहर ही छोड़ दिया। इसके बाद कुरियर कंपनी के ई रिक्शा की मदद से पेपर्स को बैंक तक ले जाया गया। कुरियर कंपनी और बैंक के बीच क्वेश्चन पेपर लीक होने का शक है। बिहार EOU की जांच की रिपोर्ट के मुताबिक पेपर लीक कराने में हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल, ऑब्जर्वर और सेंटर इनचार्ज की भूमिका हो सकती है। दरअसल, क्वेश्चन पेपर का ऑटोमैटिक डिजिटल बॉक्स नहीं खुला। वहीं, जिस बैग में क्वेश्चन पेपर का बॉक्स था, वह नीचे से फटा हुआ था। पेपर लीक मामले में 8 आरोपियों की जमानत याचिका पर 2 जुलाई को सुनवाई NEET पेपर लीक मामले में 25 जून को 8 आरोपियों की जमानत याचिका पर पटना ADJ-5 कोर्ट में सुनवाई हुई। पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपी बिहार से और 6 झारखंड के देवघर से गिरफ्तार किए गए हैं। इन्हीं में से आठ आरोपियों ने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी। पूरी खबर पढ़ें अस्पातल में 6 मई से 5 जून तक एडमिट रहा पेपर लीक मास्टरमाइंड पेपर लीक का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया उर्फ संजीव कुमार 6 मई यानी एग्जाम के अगले दिन से गायब है। वह नालंदा के नूरसाराय उद्यान महाविद्यालय में तकनीकी सहायक के पद पर है। कॉलेज से बिना बताए 6 मई से 14 मई तक गायब रहने पर कॉलेज ने संजीव को कारण बताने के लिए पत्र लिखा। इसका जवाब संजीव कुमार ने 18 मई को दिया। उसने लिखा कि अचानक तबीयत खराब होने की वजह से उसे छुट्टी लेनी पड़ी और वह 6 मई से अस्पताल में है। उसने कॉलेज से 5 जून तक छुट्टी दी जाने की परमिशन ली। पूरी खबर पढ़ें महाराष्ट्र से गिरफ्तार 2 आरोपियों की पुलिस रिमांड 2 जुलाई तक बढ़ी पेपर लीक मामले में 25 जून को महाराष्‍ट्र में ATS ने 4 शिक्षकों के खिलाफ पब्लिक एग्‍जाम एक्‍ट 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, लातूर के 2 टीचर्स- संजय तुकाराम जाधव और जलील खान को गिरफ्तार किया गया है। स्‍पेशल कोर्ट ने आज दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड 2 जुलाई तक बढ़ा दी है। तीसरे आरोपी कोंगलवार को हिरासत में लिया गया जबकि चौथा गंगाधर अब भी फरार है। NEET परीक्षा पर स्‍टूडेंट्स ने कीं 2 बड़ी शिकायतें अब तक NEET UG एग्जाम में खास तौर पर दो गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं। पहली शिकायत : परीक्षा में कई स्‍टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्‍स दिए गए जिसकी वजह से 67 स्‍टूडेंट्स AIR 1 के साथ टॉपर बन गए। दूसरी शिकायत : पेपर लीक होने के आरोप के साथ पेपर कैंसिल कर रीएग्जाम की मांग की गई। NTA ने रीएग्जाम कराया, पेपर लीक की जांच CBI को सौंपी एग्जाम में गड़बड़ियों को लेकर देशभर में प्रदर्शन के बाद NTA ने 8 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। NTA ने बताया कि देश के 6 सेंटर्स पर स्टूडेंट्स को एग्जाम हॉल में कम समय मिला था इसलिए कुल 1563 कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए। हालांकि, NTA ने ये नहीं बताया कि ये मार्क्स किस आधार पर दिए गए। इन स्टूडेंट्स के लिए 23 जून को रीएग्जाम कंडक्ट किया गया। एग्जाम में सिर्फ 813 कैंडिडेट्स शामिल हुए जबकि 750 ने एग्जाम नहीं दिया। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने NEET पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंप दी है। 20 हजार स्‍टूडेंट्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में होगा फैसला देशभर में NEET UG 2024 में गड़बड़ियों को लेकर अलग-अलग राज्यों में लगभग 20 हजार स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। NTA ने 14 जून को देश के 7 अलग-अलग हाईकोर्ट में लगी याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किए जाने की मांग की थी। कोर्ट ने 20 जून को राजस्थान, बॉम्बे और कलकत्ता हाईकोर्ट में NEET मामले में लगी याचिकाओं को क्लब कर दिया। अब इन सभी मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी। शिक्षामंत्री ने पहले बचाव किया, फिर मानी NTA में गड़बड़ी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 20 जून को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा - NEET के मामले में जो लाखों मेधावी छात्र परीक्षा में पास हुए हैं, उनके हितों का भी हमें ध्‍यान रखना है। एक नई कमेटी का गठन किया जाएगा जो NTA को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी। NTA के DG को हटाया, अर्जेंट फैसले अब भी चेयरमैन ले रहे NEET पेपर लीक मामले में NTA डायरेक्टर सुबोध कुमार हटाए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी सभी बड़े फैसले चेयरमैन ले रहे हैं। NTA के सबसे अर्जेंट फैसले चेयरमैन प्रोफेसर प्रदीप जोशी की अध्यक्षता में NTA की गवर्निंग बॉडी लेती है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार पुलिस ने जले हुए क्वेश्चन पेपर्स से मिलाने के लिए NTA से ओरिजिनल क्वेश्चन पेपर मांगा था, लेकिन एक महीने तक पुलिस को ये पेपर नहीं दिए गए। परीक्षा प्रणाली से जुड़े जानकारों के मुताबिक पेपर लीक, परीक्षा में देरी, कुछ स्टूडेंट्स को मनमाने सेंटर मिलने जैसी शिकायतें अर्जेंट मैटर की लिस्ट में आती हैं। NTA मैनुअल के मुताबिक अर्जेंट मामलों पर फैसला NTA की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन की मंजूरी से होता है। NTA में सुधार के लिए 7 सदस्‍यों की कमेटी कर रही है विचार कमेटी के चेयरमैन और ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर के राधाकृष्णनन ने 25 जून को कहा कि कमेटी में सुधार के लिए पेरेंट्स और स्टूडेंट्स से भी चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही एग्जाम कंडक्ट करने के लिए फूलप्रूफ और ट्रांसपेरेंट सिस्टम बनाया जाएगा। अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए होता है NEET एग्‍जाम NEET UG यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्‍ट, अंडरग्रेजुएट राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। NEET परीक्षा मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है। इस साल लगभग 24 लाख स्टूडेंट्स ने ये एग्जाम दिया था। इसके जरिए भारत और रूस, यूक्रेन समेत कुछ अन्‍य देशों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन मिलता है। NEET विवाद से जुड़ी ये अहम खबरें भी पढ़ें... 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