नई हिंदी पहेलियाँ – Best 25 New Hindi Paheliyan with Answer
नई हिंदी पहेलियाँ – Best 25 New Hindi Paheliyan with Answer – यहाँ पर दी गई प्रत्येक पहेली पूर्णतः नई है। सभी पहेलियां छंदबद्ध रूप में है। जो आपके के सवाल पढ़ने और उत्तर की खोज को और भी मजेदार बनाएगी। आप जिस किसी दोस्त से भी ये पहेलियां पूछेंगे तो आपका अनुभव निश्चित रूप से रोचक होगा। तो पढ़े
नई हिंदी पहेलियाँ
देखो मेरे 12 बॉस हैं
3 भाई जिसे गिनते दिन रात
देख इनको चलते जाना
क्योंकि हर बॉस बोले चल भाग
उत्तर – घड़ी
तेरा नाम जानती हूँ
तेरा पता मैं जानती हूँ
मुझे देख दुनिया यह कहे
हाँ इसे मैं जानती हूँ
उत्तर – पहचान पत्र
मेरे स्वाद में घुला असर
मिल जाती हर वक्त शहर शहर
दे गए हैं अंग्रेज मुझे तुम्हे गिफ्ट में
इंडियन हो तो ले लो किसी भी वक्त में
जवाब – चाय
सारी दुनिया को जोड़ मैंने
रख लिया है जी संभाल
कुछ मेरा मिसयूज कर
मचा भी रहे बवाल
पर मैं हूँ ऐसा जाल
जिसमें उलझ तुम बने खुशहाल
जवाब – इंटरनेट
लटकाये लटकाये मुझे घूमो
मैं खोल के रख दूंगी
मुझे खो कर मेरे पति को मारा
तो मिलकर में बेकार बनूँगी
उत्तर – चाबी
चढ़ा दूँ मेरे सिर पर
या पैरों पर आओगे
जरा आराम से पगले
ना संभले तो कमर सहलाओगे
उत्तर – सीढ़ी
बचपन जवानी हरी भरी
बुढ़ापा हुआ लाल
हरी थी तब फूटी थी जवानी
लेकिन बुढ़ापे में मचाया धमाल
उत्तर – मिर्ची
जरूरत पड़ने पर मैं घर घर जाता
जरूरत ख़त्म तो भूल मैं जाता
काम से ज्यादा चिल्लाना आता
लेकिन मुझे फिर भी मत भुलाना
घर आऊं तो माला पहनाना
उत्तर – नेता
आप खोलो तो बोलें
तुम्हारे अंगना डोलें।
बंद कर दो जो आप हमें
तो आप खुद को ही खोलें।।
उत्तर – दरवाज़ा या खिड़की
हिमालया से खिली कली
हिम हिम में पली बढ़ी।
गर्मी में मेरी ठंडक की आदत
तुम्हारी जुबां पर क्यों पड़ी।।
उत्तर – आइसक्रीम
दुशमन में भी दोस्त दिखा दे
साम दाम दंड सब सीखा दे।
इज्जत बड़ा दे, बम से उड़ा दे
करके घपला चल नाम बता दे।
उत्तर – राजनीति या सत्ता
कर ले जो मन को काबू
बना दे चाकर या बाबू।
छूने का उसे करे है मन
पिटवा दे जो हुए बेकाबू।।
उत्तर – लड़की
तीन टांगो पे होके सवार
चलता जा रहा मेरा यार।
सुबह से रुके ना शाम
उल्टा ऊपर से करे राम राम।।
उत्तर – छत का पंखा
यादों को छिपा के रखती
वो लम्हा समा के रखती।
आज देख उसका चेहरा
तु आज से तुलना करती।।
उत्तर – तस्वीर या फोटो
आदत कुछ कर गुजर जाने की
जरूरत बस आपका साथ निभाने की।
कहानियों को दी साँसे, इतिहास किया दफ़न
मैंने ही सींचे सपने, करो मेरी शक्ति को नमन।।
उत्तर – कलम / पेन
खड़ा हुआ था तुम्हारे लिए
जब दिखे तत्पर शरण आने को।
पेट तुम्हारा तृप्त किया
लगे जब भूख मिटाने को।
बिन मेरे बदसूरत संसार
है करोड़ों नस्ल का मेरा परिवार।।
उत्तर – वृक्ष / पेड़
चार पैर हैं दो हाथ हैं
दूंगी सहारा जब तु साथ है।
चाहे दिन है चाहे रात है
मेरी औकात की होती बात है।
उत्तर – कुर्सी
मुझे देख तु मुस्काये
जो गई ढूंढ ना पाये।
छिपा के रखती सिलवटें
क्योंकि तुम सुन्दर कहलाये।।
उत्तर – मुस्कान / हँसी
बंद कुँवें से बाहर जब निकला
संसार मिला मुझको पगला।
डूबा गया जो मुझ में खुद को
जहान देखो फिर उसका बदला।।
उत्तर – शराब
खोज करोगे ज्ञान की
या जरूरत विद्वान की
राह में ही दिखाती हूँ।
समेट कर के संसार
रख भांति भांति का परिवार
मैं जीवन दर्शन सिखाती हूँ।।
उत्तर – किताब
जो बंद करके मुझे चले जाओ
सुकून से कटे तुम्हारी रात।
खोल ना मुझको जो पाओ
मार हथोड़ा तोड़ दो साथ।।
उत्तर – ताला
मेरी याद तुझे जब आयेगी
जब तु मेरे बिना
मेरे भाई को ले जायेगी।
जान बसी है भाई की मुझ में
क्योंकि मैं जान फूंकता
पर तेरी जान बसी क्यों भाई में
यह तो खुद भाई भी सोचता।।
उत्तर – मोबाइल चार्जर
बड़ी ही स्वादिष्ट हूँ मैं
फल से लेकर पकवान तक।
बड़ी ही कड़वी हूँ मैं
करेले से लेकर नीम तक
बताओ कौन हूँ मैं।
जब तक मौन हूँ मैं
उत्तर – जुबान
वैसे तो मैं हूँ तुम्हारी शान
शान को सिर पे बिठा दिया
तो हो जाये घोर अपमान
घिस घिस के सेवा तुम्हारी पूरी
मेरा जुड़वाँ भी करे मजदूरी।
उत्तर – जूते / चप्पल
मुंह से ऊई निकला
हाथ लगाया रुई निकला।
देख तुम्हारी शक्ल बेचारी
तुझे ठीक करने को
जी मेरा मचला।
उत्तर – इंजेक्शन
ठंडा ठंडा कूल कूल
नहीं मनाली डर्मी कूल
जो गए आज खाना भूल
आओ मेरे पास दूंगा कूल कूल
उत्तर – फ्रीज़
रगड़ रगड़ के, रगड़ रगड़ के
चमका दिए मोती
जब भी तुम सोती
विलुप्त हो जाते मोती
मोती का कितना रखता ख्याल
चलेगा पता जब हँसेगा लाल
उत्तर – टूथ ब्रश
आसमान हूँ मैं तुम्हारा
देता हूँ तुमको सहारा।
मेरे ऊपर बैठ जाओ तो
दूर दूर तक दिखे नजारा।।
उत्तर – छत
दिल में आग रखता हूँ
जलने की प्यास रखता हूँ।
दिन रात जला कर पेट अपना
तेरे पेट का ख्याल रखता हूँ।
उत्तर – चूल्हा
खुशबू से खुशबू जुड़ी हुई है
प्रेम उल्लास में उलझी हुई है।
कोमल मेरे अंग छूकर
लगे आज किसी के अंगों को
कोमलांगी मिल गई है।
उत्तर – वरमाला
मुंह में डालो या गले में
या निचोड़ दो अकेले में।
बाजार से लिए या मेले में
याद करो लगे जब छींटे झमेले में।
उत्तर – रुमाल
सूत्रधार हूँ प्यार का
लटका हुआ रोबदार सा
पर कीमत लगाना मत
क्योंकि छिपी मुझ में उसकी जिंदगी
जिसके भी हूँ मैं नाम का।
उत्तर – मंगल सूत्र
हवा में घुल जायेगा
अभी अभी निकला है
दोगे तकलीफ तो और निकल आयेगा
क्योंकि बड़ा ही पगला है
छोटा है शर्मिला है
कभी लगता बुरा
कभी बहुत प्यारा
जैसा भी है चमकीला है।
उत्तर – आंसू
नई हिंदी पहेलियाँ
पप्पू को मैं सर्दी से बचाया
फिर मैंने गर्मी से बचाया
और देखी एक दिन मुझे भूल गया
और उसने अपनी इज्जत को उड़ाया
उत्तर – कपड़े


