प्रशासन का विरोध:17 जनवरी तक मांगे नहीं मानने पर नेशनल हाइवे पर जाम लगाने का किया ऐलान
- गांव रायपुर में प्रशासन द्वारा वनभूमि से अतिक्रमण हटाने का मामला, तीन मांगों को लेकर हुई सर्वजातीय महापंचायत
गांव रायपुर में 8 जनवरी को प्रशासन द्वारा वनभूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले को लेकर रविवार को सर्वजातीय महापंचायत का आयोजन हुआ। जिसमें 17 जनवरी तक मांगे नही माने जाने पर 20 जनवरी को नेशनल हाइवे 21 स्थित मोलोनी गांव पर जाम लगाने का ऐलान किया। महापंचायत की अध्यक्षता कैप्टन आरामसिंह ने की। महापंचायत में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक विजय बैंसला, डांग विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह बेढम, सांसद रंजीता कोली, पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली ने भाग लिया। बैठक का संचालन अजित ताजपुर ने किया।
बैठक में मौजूद सभी लोगों ने आपसी सहमति से निर्णय लिया कि सरकार उनकी तीनों मांगे अन्यथा हाइवे पर जाम लगाया जाएगा। वक्ताओं ने बताया कि पुलिस में दर्ज मुकदमे का वापिस हो, दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जावे तथा जिस स्थान पर ग्रामीण रह रहे उन लोगो के पट्टे जारी किए जाए। इन तीनों मांगों को नही माने जाने पर अगले रविवार 17 जनवरी को गांव रायपुर में ही तैयारी बैठक कर 20 जनवरी को नेशनल हाइवे स्थित मोलोनी पर जाम लगाने का ऐलान किया।
नियम विरूद्ध होटलों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते प्रशासनिक अधिकारी : विजय बैंसला
बैठक को संबोधित करते हुये विजय बैंसला ने कहा कि डीएफओ को भरतपुर के घना पक्षी विहार के चारो ओर व रणथंभौर में चारो ओर अतिक्रमण हुए है। उनको क्यों नही हटाया जा रहा है जहां नियम विरूद्ध होटल भी संचालित हो रहे है। उनको तोड़कर दिखाये। सांसद रंजीता कोली ने ग्राम रायपुर के पीडित परिजनों ने उनके आकर चर्चा की। जिसमें उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई बर्बरता के बारे में अवगत कराया है। प्रशासन ने महिलाओं व बच्चों तक को नही बख्शा है। मामले की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री से कर दी है।
सरकार द्वारा अगर हमारी मांगे नही मानी तो अंजाम भुगतने को तैयार रहे। महापंचायत में विजय बैंसला ने उपस्थित जन समूह से रायपुर निवासी सूबेदार राजेन्द्र सिंह व गुर्जर आरक्षण आन्दोलन के दौरान शहीद हुये 72 शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। महापंचायत में पूर्व सरपंच दरबारी सिंह, देवीसिंह बुढवार, भूरा भगत, श्रीराम बैंसला, जगदीश बौराज, हरदेव पावटा, प्रहलाद खटाना, जयवीर पोशवाल, आरामी सिंह, राजू रायपुर, शेरसिंह गुठाकर, यादराम सरपंच, सियाराम रायपुर, केशव कमांडों, चिरमोली राम जाटव, लखपत गुर्जर, गुमान सरपंच, करतार सिंह आदि मौजूद रहे।
न्योते के बाद भी महापंचायत में नहीं आए मंत्री : जवाहर
जवाहरसिंह बेढम ने कहा कि रायपुर में प्रशासन के लोगों ने जो अत्याचार किया है। उसका न्याय मिलना चाहिए। कांग्रेस के राज्यमंत्री भजन लाल जाटव पर निशाना साधते हुये बोले की उनको महापंचायत में आने के लिये निमंत्रण दिया गया था। लेकिन महापंचायत में शामिल नहीं हुये। इस क्षेत्र की जनता ने ही उनको जीताकर सरकार में मंत्री बनाया है और जनता के दुख में जनता के साथ नही खड़े हुये है तो उनको मंत्री पद पर रहने का कोई अधिकार नही है। प्रशासन ने हमारी मांगे नहीं मानी तो मजबूरन हमकों आंदोलन का रास्ता अपनाना पडे़गा।


