ई-सिगरेट पीते हैं तो स्मोकर बनने का खतरा 3 गुना तक बढ़ जाता है

ई-सिगरेट पीते हैं तो स्मोकर बनने का खतरा 3 गुना तक बढ़ जाता है
अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की रिसर्च ने किया गया दावा

ज्यादातर लोग सोचते हैं ई-सिगरेट सेफ है। इससे स्मोकिंग का एडिक्शन नहीं होता, लेकिन हालिया रिसर्च चौंकाने वाली है। रिसर्च कहती है, ई-सिगरेट पीते हैं तो भविष्य में सिगरेट स्मोकर बनने का खतरा बढ़ता है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की इस रिसर्च के मुताबिक, ई-सिगरेट पीने वाले 12 से 24 साल के लोगों के सिगरेट स्मोकर बनने का खतरा 3 गुना तक ज्यादा होता है।

ई-सिगरेट स्मोकिंग की शुरुआत
शोधकर्ता जॉन पियर्स कहते हैं, रिसर्च यह बात समझ में आई है कि ई-सिगरेट स्मोकिंग का पहला स्टेप होता है। ऐसा करने वाले डेली स्मोकर बन जाते हैं। धीरे-धीरे जब इंसान निकोटिन पर निर्भर हो जाता है तो उसे सिगरेट पीने की आदत पड़ जाती है।

2014 में शुरु हुई थी स्टडी
वैज्ञानिकों के मुताबिक, रिसर्च 2014 में शुरु हुई थी। इसमें 12 से 24 साल तक के लोग शामिल किए गए थे। रिसर्च में शामिल टीनएसर्ज से 2014 में बात की गई तो पता चला कि हर इंसान कोई न कोई एक तम्बाकु उत्पाद का इस्तेमाल कर रहा था। अगले 4 साल बाद 2018 में 73 फीसदी लोगों ने सिगरेट पीने की कोशिश की। 72 फीसदी ई-सिगरेट पी रहे थे। वहीं, 50 फीसदी लोगों ने हुक्का और सिगार पीने की कोशिश की।
2019 तक 12 फीसदी लोग रोजाना तम्बाकू प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने लगे थे। 70 फीसदी लोग सिगरेट स्मोकिंग के साथ दूसरे तम्बाकू उत्पाद का सेवन भी कर रहे थे।

27% टीनएजर्स मानते हैं, ई-सिगरेट महज एक फ्लेवर है
एक सर्वे कहता है, 27 फीसदी टीनएजर्स ई-सिगरेट पीते हैं। उनका मानना है कि ये स्मोकिंग नहीं सिर्फ फ्लेवर है और सेहत के लिए खतरनाक नहीं। इस पर मेदांता हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की डायरेक्टर विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया का कहना है, यह एक गलतफहमी है, वैपिंग भी सिगरेट पीने जितना खतरनाक है।

टीनएजर्स में सिगरेट से ज्यादा आसान ई-सिगरेट की लत पड़ना
कुछ लोग कहते हैं हम तो सिगरेट नहीं ई-सिगरेट पी रहे हैं और इसका बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। इस पर डॉ. सुशीला कटारिया का कहना है कि ई-सिगरेट में खासतौर पर एक लिक्विड होता है, जिसमें अक्सर निकोटिन के साथ दूसरे फ्लेवर होते हैं। हमें इसकी लत लग जाती है और फेफड़े भी डैमेज होते हैं।

इन दिनों यह कई फ्लेवर में उपलब्ध हैं ऐसे में बच्चों में इसकी लत लगना सिगरेट से भी ज्यादा आसान है। ई-सिगरेट की आदत पड़ने के बाद सिगरेट और तम्बाकू की लत पड़ना काफी आसान हो जाता है, ऐसा कई शोध में भी सामने आया है।