REET-मेंस लेवल-1 में 90 नंबर पक्के करने के टिप्स:एक्सपर्ट से जानिए कहां होती है बड़ी गलती, सॉल्व कीजिए मॉडल टेस्ट

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REET-मेंस लेवल-1 में 90 नंबर पक्के करने के टिप्स:एक्सपर्ट से जानिए कहां होती है बड़ी गलती, सॉल्व कीजिए मॉडल टेस्ट
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शिक्षक भर्ती परीक्षा के लेवल-1 में एक्सपर्ट इस बार कॉम्पिटिशन कम मानकर चल रहे हैं, लेकिन ऐन वक्त पर छोटी सी गलती आपको भारी पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है जो दिन बचे हैं, उनमें पूरी स्ट्रेटजी के साथ रिवीजन किया जाए। कई बार कैंडिडेट स्कूली सब्जेक्ट को हल्के में लेते हैं, लेकिन बेसिक प्रश्न भी आपको उलझन में डाल सकते हैं।

इस बार परीक्षा में स्कूली सब्जेक्ट (हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक अध्ययन, सामाजिक विज्ञान, गणित) से 25 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके अलावा शिक्षण विधियों से 20 प्रश्न पूछे जाएंगे। यानी कुल 90 नंबर का पेपर इन दो यूनिट से आएगा। आपको इन यूनिट का रिवीजन कैसे करना है, यह बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं परिष्कार कोचिंग से सब्जेक्ट एक्सपर्ट डॉ. दीपक अवस्थी, राकेश सिरावत, मनीष वशिष्ठ और धर्मेंद्र गुप्ता।

सभी एक्सपर्ट आपको टिप्स तो देंगे ही साथ ही एग्जाम पैटर्न पर आधारित एक मॉडल पेपर भी आपके लिए तैयार किया गया है, जिसकी आंसर की हर प्रश्न के साथ दी गई है। आप इस पेपर को सॉल्व कर अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं।

संविधान से जुड़े सवाल जरूर आएंगे : डॉ. दीपक अवस्थी
इस बार लेवल-1 में संविधान से जुड़े तीन से चार सवाल आने की पूरी संभावना है। इसमें भी बेसिक जानकारी के प्रश्न ही पूछे जाएंगे। ऐसे में संविधान को लेकर स्टूडेंट्स को अपने बेसिक क्लियर रखने होंगे। संविधान की विशेषता भी महत्वपूर्ण टॉपिक है। इसमें भी हमने किस देश से क्या लिया है या उस प्रावधान में क्या है। इस तरह का सवाल पूछा जा सकता है।

इसके साथ ही स्टूडेंट्स को पिछले सालों में हुए रीट और ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती के एग्जाम के प्रश्नों को भी सॉल्व करना चाहिए, क्योंकि एग्जाम में पुराने पैटर्न को भी कुछ हद तक फॉलो कर नए सिरे से सवाल पूछे जाते हैं।

  • पंचायती राज का स्थानीय शासन टॉपिक में से हर बार एक सवाल आता है, जिसमें बेसिक जानकारी ही पूछी जाती है। चाहे वह तथ्यात्मक हो या फिर अवधारणा हो। एग्जाम में आर्टिकल से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। उनके भीतर उचित रूप से क्या लिखा है। उसकी हमें पूरी और सही जानकारी होनी चाहिए।
  • राज्य सरकार से जुड़ा सवाल भी हर बार एग्जाम में पूछा जाता है, जिसमें कार्यपालिका, मुख्यमंत्री कैसे काम करता है। उसके बेसिक कार्य क्या हैं? राज्यपाल की शक्तियों को लेकर भी सवाल आ सकता है। इसकी जानकारी स्टूडेंट को होनी चाहिए। साथ ही संविधान के अनुच्छेद को लेकर भी सवाल आ सकता है, इसलिए स्टूडेंट्स को शॉर्ट नोट्स बनाकर अनुच्छेद की अच्छे से तैयारी करनी चाहिए।
  • जिला प्रशासन और राज्य प्रशासन से जुड़े सवाल भी इस बार पेपर में पूछे जाएंगे, इसलिए स्टूडेंट्स मुख्य सचिव से लेकर जिला कलेक्टर के काम की अच्छे से पढ़ाई करें।jaimamart.com

लास्ट टाइम में इन टिप्स के आधार पर करें तैयारी

  • संविधान एवं राजव्यवस्था के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को अवधारणात्मकता के साथ याद रखना होगा।
  • राजस्थान बोर्ड की कक्षा 6 से कक्षा 10 तक की किताबों के मुख्य-मुख्य टॉपिक्स का रिवीजन करना चाहिए।
  • संविधान सभा एवं राजस्थान की भूमिका टॉपिक में से संविधान सभा में राजस्थान के कौन-कौन सदस्य रहे है। इसके साथ ही उनकी मुख्य भूमिका क्या रही इस पर फोकस करें।
  • स्थानीय शासन एवं राजस्थान की भूमिका अर्थात् राजस्थान में पंचायतीराज अधिनियम तथा स्थानीय नगरीय शासन के संबंध कि तैयारी जरूर करें। इसमें से सवाल आने कि पूरी संभावना है।

अंग्रेजी में नया पढ़ने की बजाय रिवीजन करें : राकेश सिरावत
इंग्लिश सब्जेक्ट एक्सपर्ट राकेश सिरावत का कहना है कि नया पढ़ने के बजाय सिर्फ उसी को रिवाइज करना है। रिवीजन के साथ ज्यादा से ज्यादा टेस्ट सीरीज में पार्टिसिपेट कर क्वेश्चन सॉल्व करने चाहिए। ऐसा करने से उनकी एग्जाम देने की प्रैक्टिस तो बनेगी ही। इसके साथ ही वह अपनी गलतियों को पकड़ उन्हें सही वक्त पर ठीक कर सकेंगे।

एग्जाम से पहले इन टिप्स को ध्यान में रखकर करें इंग्लिश की तैयारी

  • इंग्लिश के क्वेश्चंस का लेवल मॉडरेट रहेगा इसलिए बेसिक्स पर सबसे ज्यादा फोकस करें।
  • अब पढ़ने की बजाय ज्यादा से ज्यादा क्वेश्चंस की प्रैक्टिस करें। प्रैक्टिस सेट निकालिए, लेकिन ध्यान रखिए प्रैक्टिस सेट निकालने के बाद में उनका एनालिसिस कीजिए। क्यों गलत हुआ, केवल प्रैक्टिस सेट निकालने से कुछ नहीं होगा।
  • कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक जैसे कि टेंस, एक्टिव-पैसिव, डायरेक्ट-इनडायरेक्ट, इवैल्यूएशन और प्रिंसिपल्स ऑफ़ टीचिंग इंग्लिश काफी महत्वपूर्ण हैं।
  • क्वेश्चन सॉल्व करते समय उसकी लैंग्वेज पर विशेष रुप से ध्यान दें। कई बार लैंग्वेज समझ में नहीं आने की वजह से उत्तर गलत हो जाता है। इसलिए क्वेश्चन को ध्यान से पढ़कर ही जवाब दें।
  • किसी भी क्वेश्चन को अटेम्पट करते समय मेथड ऑफ एलिमिनेशन का ध्यान रखें। जो ऑप्शन डिलीट हो सकता है। उसको सबसे पहले डिलीट कीजिए। आप अपने आप सही उत्तर तक पहुंच जाएंगे।
  • अगर स्टूडेंट इन सभी पॉइंट्स का ध्यान में रखकर एग्जाम देगा। तो उसको सिलेक्शन से कोई नहीं रोक सकता है।

टॉपिक बेस्ड स्टडी फायदेमंद : मनीष वशिष्ठ
शिक्षण विधियों के एक्सपर्ट मनीष वशिष्ठ ने बताया कि आखिरी वक्त में टॉपिक बेस्ट स्टडी स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इस बार पाठ योजना से संबंधित विशिष्ट प्रकार और उपागम में से सवाल आने की पूरी संभावना है।

  • कौनसा टॉपिक किस सिद्धांत पर आधारित है। उसका भी स्टूडेंट को अच्छे से पता होना चाहिए।
  • शिक्षण विधियों के सोपान से जुड़ा सवाल हर बार एग्जाम में आता है। इसलिए सोपान का अच्छे से रिवीजन करें। इनमें भी ज्यादातर सोपान की संख्या और उनका क्रम पूछा जाता है।
  • पेपर में कुछ ऐसे सवाल भी आएंगे जिनमें पूछा जाएगा कि अगर ऐसा हो तो क्या करें। इस तरह के सवाल में आपको अभ्यर्थी या फिर टीचर की तरह नहीं सोचना है। बल्कि पांचवीं के विद्यार्थी के तौर पर किताब में दी गई जानकारी को आधार मानकर उसका जवाब देना है। ऐसा करने से वह आसानी से हल हो जाएगा।
  • इस बार शिक्षण सूत्र से जुड़ा सवाल आने की भी पूरी संभावना है। इसमें भी आगमन-निगमन और संश्लेषण विश्लेषण विधि में से पूछा जाएगा।

मैथ्स के पिछले साल के पेपर सॉल्व करें : धर्मेंद्र गुप्ता
मैथ्स के सब्जेक्ट एक्सपर्ट धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि गणित में रटने जैसा कुछ नहीं है। केवल प्रेक्टिस करने से ही सवाल और उन्हें सॉल्व करने का तरीका आसान लगने लगेगा। लेवल-1 की तैयारी के लिए स्टूडेंट्स ज्यादा पिछले सालों के पेपर को सॉल्व करने की कोशिश करें। इससे एग्जाम में सवाल हल करने का तरीका और गलती दोनों का पता चल सकेगा।