ई-कॉमर्स की दो दिवसीय प्रथम ट्रेनिंग का समापन:नाबार्ड GM ने कहा - ई कॉमर्स बाजार में महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है

ई-कॉमर्स की दो दिवसीय प्रथम ट्रेनिंग का समापन:नाबार्ड GM ने कहा - ई कॉमर्स बाजार में महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है

नाबार्ड की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के तहत भारत की प्रथम ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर दो दिवसीय ट्रेनिंग का शुभारंभ राजस्थान राज्य के अलवर जिले के बानसूर ब्लॉक युवा जागृति संस्थान पर किया गया था।जिसके समापन समारोह कार्यक्रम में आज नाबार्ड हेड ऑफिस मुंबई से GM प्रतिभा शर्मा जिला विकास प्रबंधक प्रदीप चौधरी उपस्थित रहे।

GM नाबार्ड प्रतिभा शर्मा ने बताया कि यह नाबार्ड की ओर से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रदान की जाने वाली देश की प्रथम ट्रेनिंग थी। जिसमें दिल्ली के ट्रेनर ने ओएनडीसी, फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसे प्लेटफार्म पर समूह की महिलाएं अपने उत्पादों को विक्रय करने के लिए किस प्रकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड कर सकती है।

नाबार्ड जिला विकास प्रबंधक प्रदीप चौधरी ने बताया कि भविष्य में महिलाएं भारत के बढ़ते ई-कॉमर्स बाजार में काफी योगदान देने वाली है। आज 30 फीसदी ऑनलाइन शॉपर्स महिलाएं हैं, जिनमें ग्रामीण महिलाओं की संख्या कम है, लेकिन जैसे-जैसे जितनी ज्यादा ये महिलाएं मध्यमवर्ग का हिस्सा बनेंगी, वैसे- वैसे आने वाले कुछ सालों में यह संख्या बढ़ेगी

राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत चल रहे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है।जिन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने समूह के खाते से लोन लेकर लघु और अति लघु उद्योग स्थापित किए गए है और उनकी ओर से उत्पादित किए गए सभी उत्पादों को ई-कॉमर्स वेबसाइट्स जैसे फ्लिपकार्ट अमेजन पर बिकेंगे, इससे महिलाओं को अत्यधिक लाभ होगा।

इस मौके पर एफपीओ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर मनीषा ने बताया कि महिलाओं को उक्त प्रशिक्षण उपरांत इसे किस प्रकार से उपयोगी बनाने की बात कही। जिसमें पहला आपको अपने ग्रामीण प्रोडक्ट को ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड करना है। दूसरा अपनी एसएचजी की अन्य बहनों के साथ उक्त प्रशिक्षण की जानकारी साझा करनी है। इसके बाद अपने हाथों से बनाए जाने वाले प्रोडक्ट को ग्रामीण पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलानी है