दो गोली लगीं और पत्नी की गोद में जा गिरे:अमेरिकी राष्ट्रपति कैनेडी की रहस्यमयी हत्या

दो गोली लगीं और पत्नी की गोद में जा गिरे:अमेरिकी राष्ट्रपति कैनेडी की रहस्यमयी हत्या

22 नवंबर 1963 की दोपहर। अमेरिका का डलास शहर। उस वक्त के अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी खुली लिमोजिन कार में बैठकर एक रैली के लिए निकले। रैली स्थल पर सड़क के दोनों तरफ जमा भीड़ उनका इस्तकबाल कर रही थी।

कोई कैनेडी से हाथ मिलाना चाहता था, तो कोई उन पर फूलों की बारिश कर रहा था। इस दौरान भीड़ के बीच से दो गोलियां चलीं। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले खून से लथपथ कैनेडी अपनी पत्नी जैकलीन कैनेडी ओनासिस की गोद में जा गिरे।

इस घटना को आज ठीक 60 साल पूरे हो चुके हैं। कैनेडी पर गोली चलाने के आरोप में सेना से निकाले गए एक पूर्व सैनिक ओसवाल्ड को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, 2 दिन बाद उसकी हत्या हो गई।​​​​ अमेरिका के दूसरे सबसे युवा राष्ट्रपति की हत्या आज भी रहस्य बनी हुई है।

अपनों की नाराजगी दूर करने टेक्सास गए थे राष्ट्रपति कैनेडी

अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी 1964 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी में लगे थे। भले ही कैनेडी ने औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की हो, लेकिन राष्ट्रपति पद के लिए उनकी दावेदारी पक्की थी। उन्हें भरोसा था कि एक बार फिर से वो अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाएंगे।

कैनेडी ने सितंबर 1963 में महज एक हफ्ते के अंदर 9 राज्यों में जनसभा को संबोधित किया। इस वक्त कैनेडी का सबसे ज्यादा ध्यान किसी राज्य पर था तो वो टेक्सास था। दरअसल, टेक्सास में उनकी पार्टी डेमोक्रेट्स के नेताओं के बीच आपसी विवाद था। कुछ डेमोक्रेट्स कैनेडी से नाराज थे। चुनाव से पहले कैनेडी हर हाल में नेताओं की नाराजगी दूर करना चाहते थे।

कैनेडी ने अगले दो सप्ताह में फ्लोरिडा और टेक्सास राज्य का दौरा करने का फैसला किया। उनके टेक्सास की दो दिवसीय यात्रा के लिए 21 नवंबर की तारीख तय हुई। उनके साथ पत्नी जैकलीन ने भी जाने का फैसला किया।

दरअसल, जॉन और जैकलीन को 9 अगस्त 1963 को एक बेटा पैदा हुआ था। जन्म के दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। इस सदमे के बीच जैकलीन कैनेडी ने पति के साथ टेक्सास दौरे पर जाने का फैसला किया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये टेक्सास दौरा कितना खास था।

21 नवंबर को राष्ट्रपति कैनेडी का एयरफोर्स वन विमान टेक्सास के सैन एटोनियो शहर में लैंड करता है। उपराष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन, टेक्सास के गवर्नर जॉन बी. कोनली और सीनेटर राल्फ डब्ल्यू ने राष्ट्रपति और उनकी पत्नी जैकलीन का स्वागत किया।

एयरपोर्ट से निकलने के बाद कैनेडी ने तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत की। आखिर में राष्ट्रपति कैनेडी ने रात टेक्सास के फोर्ट वर्थ शहर में बिताने का फैसला किया।

22 नवंबर की सुबह राष्ट्रपति कैनेडी के विमान एयरफोर्स वन ने कार्सवेल एयरफोर्स बेस से डलास शहर के लिए उड़ान भरी। डलास के सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ थी। कैनेडी के यहां पहुंचने से पहले ही गवर्नर जॉन बी. कोनली और उनकी पत्नी नेली कोनली डलास पहुंच गई थीं। कैनेडी अपने एयरफोर्स वन विमान से निकलकर पत्नी जैकलीन के साथ वहां खड़ी एक खुली लिमोजिन कार में बैठ गए। उन दोनों के अलावा इस कार में दो और लोग सवार हुए। इनमें एक टेक्सास के गवर्नर कोनली और दूसरी उनकी पत्नी नेली कोनली थीं।

जैसे ही कार एयरपोर्ट से बाहर निकली रोड के दोनों ओर भारी भीड़ थी। दोपहर 12:30 बजे काफिला शहर के डी जी प्लाजा पहुंच गया। राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी लोगों की भीड़ देखकर काफी खुश थे।

गोद में खून से लथपथ पति को देख बेहोश हो गई जैकलीन कैनेडी

राष्ट्रपति कैनेडी के चेहरे पर खुशी देखकर टेक्सास के गवर्नर ने धीरे से उनसे पूछा- मिस्टर प्रेसिडेंट, आप अब ये नहीं कह सकते हैं कि डलास आपसे प्यार नहीं करता।

इस पर कैनेडी ने कहा- आप सही कह रहे हैं। अब मैं ऐसा नहीं कह सकता।

अभी राष्ट्रपति अपनी बात खत्म भी नहीं कर पाए थे कि तभी भीड़ से दो गोलियां चलीं। एक गोली सीधे कैनेडी के सिर में और दूसरी उनकी गर्दन में लगी।

कुछ देर पहले तक मुस्कुराकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार करते कैनेडी, अब अपनी पत्नी ओनासिस के गोद में गिरे हुए थे। लिमोजिन कार में खून के छींटें और मांस के लोथड़े पड़े हुए थे।

इस घटना के दौरान खुफिया सेवा के कर्मचारी क्लिंट हिल उनके ठीक पीछे कार में थे। क्लिंट कहते हैं, 'मैं राष्ट्रपति की कार के ठीक पीछे था, तभी मुझे अपने दाएं कंधे की तरफ से कोई आवाज सुनाई दी। मैं तुरंत कार से कूदा और राष्ट्रपति की ओर दौड़ा, लेकिन जब तक मैं कार तक पहुंचा राष्ट्रपति के सिर में गोली लग चुकी थी। हमने मिसेज कैनेडी को कार के अंदर ही छिपा दिया।'

राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे जवान उनको लेकर पार्कलैंड मेमोरियल अस्पताल पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने दोपहर के 1 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हमले में कैनेडी की गाड़ी में सवार गवर्नर कोनली भी घायल हुए थे, लेकिन वो जल्द ही ठीक हो गए।

24 साल के संदिग्ध लड़के की गिरफ्तारी के बाद हुई हत्या
घटना के कुछ देर बाद ही डीजी प्लाजा के पास पुलिस अफसर जेडी टिपिट ने एक 24 साल के संदिग्ध नौजवान को देखा। पुलिस के आवाज देते ही वह भागने लगा। पुलिस के पीछा करने पर उसने गोलियां चलाईं।

आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। नौजवान की पहचान ली हार्वे ओसवाल्ड के तौर पर हुई। उसके खिलाफ राष्ट्रपति की हत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया। दो दिन बाद जब उसे कंट्री जेल में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी डलास में नाइट क्लब चलाने वाले जैक रूबी नाम के शख्स ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

बाद में रूबी ने ये कहकर सभी को चौंका दिया कि वो कैनेडी की हत्या से दुखी था और गुस्से में उसने ओसवाल्ड की हत्या कर दी। जैक रूबी ने भी एक रोज जेल में आत्महत्या कर ली। इसके बाद कैनेडी की हत्या का रहस्य और भी गहरा गया।

पहली थ्योरी: हत्या के वक्त कैमरे में कैद हुई ‘द बाबुश्का लेडी’
जब अमेरिकी एजेंसी FBI राष्ट्रपति कैनेडी के हत्यारे का पता कर रही थी, तभी उसके हाथ एक तस्वीर लगी। इस तस्वीर में सिर से पांव तक ढकी एक महिला नजर आ रही थी। जब कैनेडी की हत्या हुई और लोग भाग रहे थे, तब वह महिला आराम से वहां तस्वीरें खींच रही थी। उसके चेहरे पर कोई डर या आश्चर्य के भाव नहीं थे। उस महिला को बाद में कहीं नहीं देखा गया था। इसके बाद से ही ये चर्चा होने लगी कि किसी एक ने कैनेडी की हत्या की है या उसके साथ वो महिला भी थी। इस महिला को द बबुश्का लेडी का नाम दिया गया। रूसी भाषा में इसका अर्थ रहस्यमयी महिला होता है।

पहली थ्योरी: हत्या के वक्त कैमरे में कैद हुई ‘द बाबुश्का लेडी’
जब अमेरिकी एजेंसी FBI राष्ट्रपति कैनेडी के हत्यारे का पता कर रही थी, तभी उसके हाथ एक तस्वीर लगी। इस तस्वीर में सिर से पांव तक ढकी एक महिला नजर आ रही थी। जब कैनेडी की हत्या हुई और लोग भाग रहे थे, तब वह महिला आराम से वहां तस्वीरें खींच रही थी। उसके चेहरे पर कोई डर या आश्चर्य के भाव नहीं थे। उस महिला को बाद में कहीं नहीं देखा गया था। इसके बाद से ही ये चर्चा होने लगी कि किसी एक ने कैनेडी की हत्या की है या उसके साथ वो महिला भी थी। इस महिला को द बबुश्का लेडी का नाम दिया गया। रूसी भाषा में इसका अर्थ रहस्यमयी महिला होता है।

दूसरी थ्योरी: रूसी खुफिया एजेंसी KGB का हाथ हो सकता है
1963 वो समय था, जब अमेरिका और रूस के बीच कोल्ड वॉर चल रहा था। एक साल पहले ही रूस ने अमेरिका के पड़ोसी देश क्यूबा में न्यूक्लियर मिसाइलें तैनात कर दी थीं।

इसके बाद दुनिया जंग के मुहाने पर पहुंच गई थी। मिसाइल हटाने के लिए रूस और अमेरिका के बीच एक समझौता भी हुआ, जिसमें कैनेडी की भूमिका बेहद खास थी। इससे अमेरिका ही नहीं रूस में भी कैनेडी की वाहवाही हुई।

ये कहा जाने लगा कि इसी से चिढ़कर रूस के नेता ख्रुश्चेव ने कैनेडी की हत्या करवाई। इस हत्या को अंजाम रूस की खुफिया एजेंसी KGB पर देने के आरोप लगे। हालांकि, इस आरोप को लेकर कुछ भी पुख्ता तौर पर सामने नहीं आ सका।

तीसरी थ्योरी: अमेरिकी माफिया ने राष्ट्रपति को मरवाया

ये कहा जाने लगा कि अमेरिका के कई माफिया सरगनाओं ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। ऐसा इसलिए क्योंकि माफिया ने क्यूबा में बहुत सारा पैसा लगा रखा था। क्यूबा के साथ अमेरिका के संबंध में जो कड़वाहट आई, इससे उनको काफी नुकसान हुआ था।

इसीलिए अमेरिका और क्यूबा के माफियाओं ने मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति के हत्या की सुपारी दी थी। हालांकि, इस मामले में भी अमेरिकी एजेंसियों को जांच में कुछ खास हाथ नहीं लगा।

चौथी थ्योरी: क्यूबा के नेता फिदेल कास्त्रो पर कैनेडी के हत्या का आरोप

1962 के बाद से ही क्यूबा सरकार अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA पर फिदेल कास्त्रो की हत्या की साजिश रचने के आरोप लगा रही थी।

इसी बीच जब कैनेडी की हत्या हुई तो ये कहा जाने लगा कि कास्त्रो ने कैनेडी के हत्या की पूरी प्लानिंग की थी। बॉस्टन कॉलेज में प्रेसिडेंसी इतिहास के प्रोफेसर पैट्रिक मैनी ने एक इंटव्यू में कहा था कि कास्त्रो की हत्या के लिए CIA की कोशिशों और कैनेडी की हत्या में कुछ न कुछ संबंध जरूर है।

अक्टूबर 2017 में अमेरिकी सरकार ने कुछ डॉक्यूमेंट्स जारी किए थे। इनमें अमेरिकी खुफिया विभाग और फ्लोरिडा से आए क्यूबा के प्रवासियों के बीच कुछ बैठकें होने की बात थी। क्यूबा ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि इन बैठकों में फिदेल कास्त्रो की हत्या के लिए 1 लाख डॉलर, उनके भाई राउल कास्त्रो को मारने के लिए 20 हजार डॉलर और चे ग्वेरा को मारने के लिए 20 हजार डॉलर की रकम दिए जाने की बात कही थी।

50 लाख पन्नों में जांच हुई, लेकिन अपराधी का कुछ भी पता नहीं
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे अर्ल वॉरेन के नेतृत्व में बनी कमेटी ने ये माना था कि ओसवाल्ड ने ही राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या की थी। हालांकि, रिपोर्ट में उसके मकसद और हत्या के पीछे की साजिश का कुछ साफ-साफ पता नहीं चल पाया। अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या की रिपोर्ट 50 लाख पन्नों में है।

2017 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैनेडी की हत्या से जुड़ी 2800 गोपनीय फाइलें सार्वजनिक करने का आदेश दिया था। ट्रंप सरकार ने सुरक्षा कारणों से कुछ अन्य फाइलों को जारी करने से इनकार कर दिया। कहा जा रहा था कि इस घटना से जुड़ी गोपनीय फाइलें जारी होने के बाद हत्या की गुत्थी सुलझ जाएगी। हालांकि, ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है।