विषधारी जंगल में भगौड़े टाइगर की दहाड़- पिंजरे से निकलते ही लगाई छलांग, 3 महीने पहले सरिस्का से हरियाणा पहुंचा था
अलवर के सरिस्का के बफर जोन के जंगल से निकल कर हरियाणा के झाबुआ में पहुंचे टाइगर- ST2303 को 3 महीने बाद ट्रैंकुलाइज किया गया है। टाइगर को अब बूंदी के रामगढ़ विषधारी जंगल में तड़के सुबह साढ़े 5 बजे छोड़ा गया। टाइगर जंगल में पिंजरे से निकलते ही दहाड़ते हुए लम्बी छलांग लगाते हुए दौड़ा।
सरिस्का के DFO अभिमन्यु साहरण ने बताया- 17 अगस्त से टाइगर ST 2303 अलवर बफर जोन के जंगल से निकल गया था। वह कोटकासिम बीबीरानी होते हुए हरियाणा के झाबुआ के बीहड़ में पहुंच गया था। उसके बाद दो बार टाइगर वापस बाजरे और कपास के खेतों में आया। अलग-अलग जगहों पर 5 जनों को टाइगर ने हमला कर घायल भी किया था।
इन हमलों के बाद सरिस्का की टीम ने टाइगर को ट्रैंकुलाइज करने का पूरा प्रयास किया लेकिन 3 महीने बाद 10 नवंबर को टाइगर को झाबुआ के जंगल में ट्रैंकुलाइज किया जा सका। उसके बाद रात को ही टाइगर को झाबुआ से बूंदी के विषधारी जंगल में ले जाया गया। सोमवार सुबह करीब साढे 5 बजे टाइगर को पिंजर से छोड़ा गया। टाइगर पिंजरे से निकलते ही छलांग और दहाड़ लगाता हुआ जंगल में दौड़ गया।
Kumkum sharma 

