पार्क में खेलते बच्चों के बीच बदमाशों ने चलाई गोली:जोधपुर गैंगवार में जिस गार्ड ने फायर किया, उसे बिना वेरिफिकेशन नौकरी दी थी

जोधपुर में बुधवार को हिस्ट्रीशीटर राकेश मांजू को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। अभी वह गंभीर हालत में शहर के मथुरा दास माथुर हॉस्पिटल में एडमिट है। गोली मारने के बाद बजरंग सिंह पालरी राठौड़ नाम के एक बदमाश ने फेसबुक पर इस वारदात की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा- हमने बदला ले लिया है। मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बिल्डिंग के जिस गार्ड पर गोली मारने का आरोप है, उसे 6 महीने पहले ही जॉब पर रखा गया था, वो भी बिना पुलिस वेरिफिकेशन के।

इस गैंगवार का लाइव वीडियो सामने आया है। अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात सामने आ चुकी है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि बदमाश मांजू पर सोसायटी में ही फायर कर भागने लग जाते हैं। इनका पीछा करते हुए जब मांजू सोसायटी के गेट के बाहर जाता है तो वहां पहले से खड़ा गार्ड उसे गिरा देता है।

इतनी ही देर में गार्ड उसका गला दबाते हुए पीठ पर बैठ जाता है फायर कर देता है। इसी बीच एक कार से चार-पांच बदमाश नीचे उतरते हैं और एक के बाद एक फायर करते रहते हैं। मांजू को मारने के बाद आरोपी कार में बैठ फरार हो जाते हैं। पढ़िए, कैसे सोसायटी में घुसकर बदमाशों ने की फायरिंग, उससे पहले पांच तस्वीरों में देखें पूरी गैंगवार..

फायरिंग के दौरान सोसायटी में खेल रहे थे बच्चे
इस घटना के बाद से सोसायटी के लोगों में अब तक डर फैला हुआ है। लोग अब भी फ्लैट में बंद हैं और इस घटना के बाद कुछ भी बोलने से मना कर दिया है। सीसीटीवी से सामने आया कि जब बदमाशों ने पहली बार सोसायटी में फायरिंग की थी, तब वहां बच्चे भी खेल रहे थे। बुधवार की घटना के बाद गुरुवार को सोसायटी का गार्डन भी सूना नजर आया।

पहली बार में चूके, दूसरी बार में मारी गोली
बताया जा रहा है कि राकेश मांजू बुधवार को अपने चाचा और भाई से मिलने आया था। इसी दौरान उसके पास किसी का फोन आया। कॉलर ने मांजू से फोन पर कहा कि चेक देने सोसायटी में खड़ा हूं। मांजू इन दिनों जोधपुर जिले के बालेसर में ठेकेदारी का काम कर रहा था, उसी का पेमेंट लेना था। सीसीटीवी में मांजू फ्लैट से निकलते हुए और सीढ़ियों से उतरते हुए दिखाई दे रहा है।

पार्किंग में छिपे थे बदमाश
इसी दौरान एक कार सोसायटी में आती है, जिसमें ड्राइवर समेत चार लोग थे। ये बदमाश पार्किंग में छिप गए थे। जैसे ही मांजू सीढ़ियों से नीचे आता है, पार्किंग में छिपे बदमाश उस पर फायरिंग कर देते हैं। पहली बार फायरिंग में वह बच जाता है।

मांजू दौड़ते हुए गेट पर पहुंचता है। सीसीटीवी से साफ नजर आ रहा है कि जैसे ही वह गेट पर दौड़ते हुए आता है, वहां पहले से मौजूद एक गार्ड टांग अड़ा कर उसे नीचे गिरा देता है और कार में बैठे लोग पास में आकर कंधे पर फायर कर देते हैं।

अब जानिए क्यों हुआ ये गैंगवार.....

सट्‌टे से जुड़े थे और यहीं से गैंगवार
इस जानलेवा हमले की वजह है सट्‌टे का कारोबार। इस दुश्मनी की जड़ें 18 साल पुरानी हैं। 2005 में राकेश का भाई दिनेश मांजू और उसका दोस्त दिनेश बंबानी सट्‌टे का कारोबार चलाते थे। दोनों ने जाेधपुर में करोड़ों का सट्‌टा कारोबार खड़ा कर दिया था।

31 दिसंबर 2010 को दिनेश मांजू अपने साथियों के साथ नए साल का जश्न मनाने बाड़मेर गया था। इसी बीच आधी रात को होटल से रवाना होने के बाद श्रवण बाबल और स्वरूप सिंह सोढ़ा नाम के हिस्ट्रीशीटर ने दिनेश मांजू की हत्या कर दी। दिनेश बंबानी उसका बिजनेस पार्टनर था। ऐसे में एक बार मांजू के परिवार का शक बंबानी पर भी गया।

दिनेश की मौत के बाद उसके छोटे भाई राकेश मांजू और चाचा कैलाश मांजू ने दिनेश बंबानी से सट्‌टे के कारोबार का हिसाब मांगा। यहीं से इनके बीच दुश्मनी शुरू हो गई। बंबानी ने मांजू के भाई और चाचा को साफ मना कर दिया था कि वे सट्‌टे के कारोबार का एक भी रुपया नहीं देने वाला है। रंजिश बढ़ी और इनके बीच तीन बार फायरिंग भी हुई।

2018 में दिनेश बंबानी के घर फायरिंग हुई, मॉल में एक साथ फायर किए
मांजू और बंबानी के बीच मामला इतना बढ़ गया कि मार्च 2018 में दिनेश बंबानी घर फायरिंग की गई। बंबानी ने इसका आरोप राकेश और कैलाश मांजू पर लगाया और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में इनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया।

इससे पहले जोधपुर के शास्त्री नगर स्थित एक मॉल के पास बंबानी पर मांजू गैंग ने 17 फायर किए। इनमें से एक गोली बंबानी के पैर में लगी थी। इस फायरिंग की घटना के बाद दोनों गैंग जान की दुश्मन बन गई।

और, फिर हुई विक्रम की एंट्री, राजू फौजी को दी थी 80 लाख की सुपारी
दिनेश बंबानी पर जब फायरिंग हुई तब उसके साथ उसका दोस्त विक्रम सिंह नांदिया भी था। विक्रम ने ही उसे बचाया। इसके बाद भी राकेश मांजू ने दिनेश बंबानी को कई बार करोड़ों रुपए के सट्‌टे के कारोबार का हिसाब देने के लिए धमकाया। दोनों के बीच लगातार दुश्मनी बढ़ रही थी।

दो साल पहले विक्रम नांदिया ने राजू फौजी नाम के हिस्ट्रीशीटर को कैलाश मांजू को मारने के लिए 80 लाख रुपए की सुपारी दी। राजू फौजी भीलवाड़ा में 2 कॉन्स्टेबल की हत्या का आरोपी था और उस समय मारवाड़ में फरारी काट रहा था। राजू फौजी कैलाश मांजू की हत्या कर पाता, इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

राजू फौजी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि कैलाश मांजू को मारने के लिए विक्रम नांदिया ने सुपारी दे रखी थी। इसके बाद राकेश मांजू ने विक्रम नांदिया को मारने का प्लान बनाया।

11 मार्च को 2021 में विक्रम को मारी गोली
11 मार्च 2021 को शिवरात्रि के दिन राकेश मांजू के इशारे पर विक्रम सिंह नांदिया पर गोली चलाई गई। डाली बाई मंदिर के पास हमलावरों ने 8 फायर किए, जिनमें एक गोली विक्रम की कमर पर लगी। इसके बाद से ही दिनेश बंबानी और विक्रम नांदिया राकेश मांजू की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे। बुधवार को उनके इशारे पर राकेश मांजू पर जानलेवा हमला हुआ।

मांजू के चचेरे भाई सहीराम ने भी दावा किया कि हमले के दौरान एक ही कार में बंबानी और विक्रम थे। उन्हीं के कहने पर शूटर्स ने राकेश को गोली मारी थी।

अल्टो में आए थे बदमाश, पुलिस कर रही है तलाश
डीसीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने टीमें बना दी है। अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि हमलावर जिस गाड़ी में सवार होकर आए थे, उसमें विक्रमसिंह नांदिया और दिनेश बंबानी दोनों थे।