Ukraine युद्ध के बीच लौटे 2000 भारतीय छात्र कहां करेंगे पढ़ाई? इस देश ने दिया ऑफर

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर देश लौटे भारतीय स्टूडेंट्स (Indian Students) के लिए उम्मीद की किरण जगी है और वे अब अपनी पढ़ाई पूरी कर पाएंगे.

Ukraine युद्ध के बीच लौटे 2000 भारतीय छात्र कहां करेंगे पढ़ाई? इस देश ने दिया ऑफर

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Ukraine-returned Indian Students: रूस और यूक्रेन के बीच इस साल फरवरी में युद्ध (Russia-Ukraine War) शुरू होने के बाद हजारों छात्रों को यूक्रेन छोड़ना पड़ा, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स (Indian Students) भी शामिल थे जो वहां मेडिकल की पढ़ाई (MBBS Students) कर रहे थे. युद्ध की वजह से यूक्रेन छोड़ने वाले स्टूडेंट्स को बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन अब इन छात्रों के लिए उम्मीद की किरण जगी है और वे अपनी पढ़ाई पूरी कर पाएंगे.

मेडिकल छात्र उज्बेकिस्तान में करेंगे पढ़ाई पूरी

युद्ध प्रभावित यूक्रेन से भारत लौटे करीब 2000 मेडिकल छात्र-छात्राओं (Ukraine-returned Indian Students) को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए उज्बेकिस्तान के विश्वविद्यालयों (Universities in Uzbekistan) में स्थानांतरित किया जाएगा. भारत में उज्बेकिस्तान के राजदूत दिलशोद अखातोव (Dilshod Akhatov) ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही.

कुछ छात्रों को दिए प्रोविजनल एडमिशन कार्ड

कार्यक्रम के दौरान उज्बेकिस्तान के राजदूत दिलशोद अखातोव (Dilshod Akhatov) ने कुछ छात्रों को अस्थायी प्रवेश पत्र (Provisional Admission Card) भेंट किए. अखातोव ने कहा, 'यूक्रेन में पढ़ाई करने वाले कुछ भारतीय छात्र-छात्राओं को उज्बेकिस्तान के संस्थानों में ट्रांसफर करने के लिए संभावनाओं की जांच करने के लिहाज से हमारे पास भारतीय भागीदारों से कुछ अनुरोध और प्रस्ताव आए थे.' उन्होंने यह भी कहा कि उज्बेकिस्तान का लक्ष्य एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के रूप में उभरना है.

भारत सरकार ने चलाया था ऑपरेशन गंगा

रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा चलाया और 90 फ्लाइट्स की मदद से करीब 22 हजार 500 भारतीयों को यूक्रेन से निकालकर भारत लाया गया था. इसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे, जो यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे और वतन वापसी के बाद से ही उनका करियर अधर में लटका हुआ था.