फैमिली पेंशन पर सरकार से जवाब-तलब:मेडिकल शिक्षकों, अन्य कर्मचारियों के लिए पेंशन अवधि अलग-अलग, हाईकोर्ट में याचिका

फैमिली पेंशन पर सरकार से जवाब-तलब:मेडिकल शिक्षकों, अन्य कर्मचारियों के लिए पेंशन अवधि अलग-अलग, हाईकोर्ट में याचिका

हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार से पूछा है कि सरकार के कर्मचारियों और मेडिकल शिक्षकों की फैमिली पेंशन की अवधि अलग-अलग क्यों हैं। सीजे पंकज मित्थल व जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश डॉ. नीलम जैन की याचिका पर दिया। याचिका में कहा कि राज्य सरकार ने 2018 में नियमों में बदलाव कर मेडिकल शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर 65 कर दी। वहीं पेंशन नियम के नियम 62 के तहत फैमिली पेंशन का प्रावधान है। इसके तहत राज्य कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के सात साल की अवधि तक फैमिली पेंशन देने का प्रावधान है।

राज्य सरकार के कर्मचारी 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। ऐसे में उनके परिवार को आगामी 7 साल तक फैमिली पेंशन दी जाती है। वहीं दूसरी ओर मेडिकल शिक्षकों की सेवानिवृत्ति उम्र 65 साल होती है। ऐसे में उनके परिवार को केवल दो साल के लिए ही फैमिली पेंशन का लाभ मिल पाता है।

ऐसे में उन्हें सेवानिवृत्ति 65 साल से अगले 7 साल यानी 72 साल की उम्र तक फैमिली पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मांग की गई है कि उनकी फैमिली पेंशन की अवधि भी 67 के बजाय 72 साल की जाए। याचिका में कहा कि उसके पति डॉ. शशिकांत जैन की न्यूरो सर्जरी के वरिष्ठ प्रोफेसर रहने के दौरान 63 साल की उम्र में मौत हो गई थी। उसने इस संबंध में राज्य सरकार को प्रतिवेदन देकर उसके पति की सेवानिवृत्ति आयु 65 साल के बाद अगले सात साल तक के लिए फैमिली पेंशन देने का आग्रह किया गया है।