इलेक्ट्रिक हाइवे को मार्च में शुरू करने की तैयारी:पहले चरण में 100 कार और 15 बसें चलाई जाएंगी

जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल (एनएचईवी) की ओर से सितंबर माह में किया गया इलेक्ट्रिक वाहनों का तकनीकी ट्रायल सफल रहा है। इस ट्रायल की रिपोर्ट भी दिल्ली में हुई जाे बैठक में सौंपी जा चुकी है। रिपोर्ट में हाइवे पर कुछ सुधार और सुविधाएं बढ़ाने के सुझाव दिए गए हैं। ऐसेे में उम्मीद की जा रही है कि एनएचईवी अधिकारिक तौर पर मार्च से दिल्ली-जयपुर के बीच देश के पहले और दुनिया के सबसे लंबे इलेक्ट्रिक हाइवे को श्ुारु कर देगा।

इसके लिए तैयारियां भी शुुरु कर दी गई हैं। यह इलेक्ट्रिक हाइवे कई एडवांस टेक्नालॉजी से लैस होगा। बहरोड़ के समीप ईवी व्हीकल का मॉडल चार्जिंग स्टेशन भी शुरु किया जाना है। जिसके लिए तीन जगह देखी गई है, इनमें से एक जगह को फाइनल किया जाने का काम भी जोरों पर हैं।

एनएचईवी ने 9 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक दिल्ली से गुरुग्राम, धारूहेड़ा, नीमराना होते हुए जयपुर के अल्वर्ट हॉल तक कार और बस दौड़ाकर ट्रायल रन किया था। ट्रायल के दौरान देखा गया कि इलेक्ट्रिक वाहनों के सफर में किस तरह की दिक्कतें आती है। ट्रायल में रोड की जमीनी स्थिति पर इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रदर्शन, बारिश, जाम जैसी परिस्थितियों में समय और रेंज की स्थिति, प्रति वाहन और प्रति सीट का खर्च जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया था।

ट्रायल की रिपोर्ट में जो तथ्य निकलकर आए उनके मुताबिक एनएचईवी को यहां अनुमान से अधिक सफलता मिली। उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली से जयपुर का सफर ने केवल सस्ता होगा बल्कि प्रकृति के हिसाब से भी हितकर होगा। ट्रायल रन की रिपोर्ट दिल्ली में हुई एनएच फॉर ईवी की 5वीं वर्किंग कमेटी की बैठक में प्रस्तुत की गई। कमेटी के सदस्यों ने हाइवे पर कुछ सुधार और सुविधाओं के विस्तार के संबंध में अपने सुझाव रखे।

दुनिया में सबसे लंबा एनएच फॉर ईवी होगा

इस हाइवे को अटल हरित विद्युत राष्ट्रीय महामार्ग नाम दिया जाएगा। यह देश का पहला और दुनिया का सबसे लंबा नेशनल हाईवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल होगा। दिल्ली-जयपुर ई-हाइवे ट्रायल रन भारत में अब तक का सबसे लंबा ईवी टेक-ट्रायल रन भी रहा है। इससे पहले दिसंबर 2020 में अटल हरित विद्युत राष्ट्रीय महामार्ग परियोजना का पहला ट्रायल 210 किमी लंबे दिल्ली-आगरा यमुना एक्सप्रेसवे पर किया गया था

जबकि इसकी लंबाई 278 किलोमीटर होगी। 30 मिनट से भी कम समय में हेल्पलाइन की सुविधा वाहनों को मिलेगी। आगे चलकर दिल्ली-आगरा और दिल्ली-जयपुर हाईवे एक ई-हाईवे के रूप में विलय हो जाएंगे और यह दुनिया का सबसे लंबा ई-हाईवे हो जाएगा। इसका नाम बदलकर अटल हरित विद्युत राष्ट्रीय महामार्ग कर दिया जाएगा। जिसकी कुल लंबाई करीब 500 किलोमीटर होगी। अभी 109 किलोमीटर का सबसे लंबा इलेक्ट्रिक हाइवे बर्लिन में है।

बहरोड़ के समीप तलाशी जा रही संभावनाएं

278 किमी लंबे इस हाइवे पर कुल 20 चार्जिंग स्टेशन होंगे। जहां चार हजार वाहनों को चार्ज किया जा सकेगा। इनमें से एक स्टेशन बहरोड़ के समीप होगा। मिड प्वाइंट के हिसाब से इसे स्थापित किया जाएगा। यहां तीन जगह देखी गई हैं। इनमें से जो जगह फाइनल होगी, उस पर आगे की कार्रवाई होगी। इस स्टेशन पर 20 चार्जिंग प्वाइंट होंगे। यदि उपयुक्त स्थान पर जमीन एनएचएआई की मिल जाती है तो एनएचएआई को भेज दिया जाएगा। अन्यथा किसी खातेदार से जमीन ली जाएगी।

एनएचईवी का जयपुर-दिल्ली हाइवे पर किया गया ट्रायल रन सफल रहा है। इसकी रिपोर्ट वर्किंग कमेटी के समक्ष रखी जा चुकी है। इसमें कुछ सुझाव आए हैं। जिन पर फरवरी के पहले सप्ताह तक काम होगा। उम्मीद है कि मार्च तक हम इसे शुरु कर देंगे। बहरोड़ के समीप मिड प्वाइंट पर एक चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन फाइनल करना काम चल रहा है। -अभिजीत सिन्हा, प्रोजेक्टर डायरेक्टर, एनएचईवी