लुटेरी दुल्हन: शादी के 22 दिन बाद दुल्हन घर से लाखों रुपए के गहने और नकदी लेकर फरार, खोजने के दौरान एक और ठगा हुआ दूल्हा मिला
किसी परिचित के जरिए आए शादी के रिश्ते को बगैर जांच पड़ताल हां कहना एक युवक को भारी पड़ गया। दुल्हन शादी के 22 दिन बाद घर से लाखों रुपए के गहने और नकदी लेकर फरार हो गई। पीड़ित के साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली तो ऐसे ही ठगा गया एक और दूल्हा मिल गया। दोनों ने मिलकर थाने में लुटेरी दुल्हन और परिचित के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया है।
दरअसल, नेछवा के गाड़ोदा तन में मंगलदास की ढाणी का रहने वाला प्रेमचंद जाट की परिचित हरी सिंह ने पिपराली की प्रिया से मुलाकात कराई थी। 22 जनवरी प्रेमचंद ने प्रिया से उसके माता-पिता की मौजूदगी में कोर्ट में शादी कर ली। प्रेम प्रिया को अपने घर लेकर आ गया। प्रेम ने प्रिया को शादी की रात ही सोने का मंगलसूत्र, पायजेब और नाक में सोने का कांटा गिफ्ट किया। दो दिन बाद ही प्रिया अपने गांव जाने लगी तो उसने पिता ओमप्रकाश के खाते में 15 हजार रुपए डलवाने के लिए कहा। प्रेम ने ओमप्रकाश के खाते में 15 हजार रुपए डाल दिए। प्रिया अपने मायके चली गई।
15 मार्च को प्रेम के ताउ के लड़के की शादी थी। प्रिया ने वहां जाने के लिए पहनने के लिए ननद से गहने मांग लिए। उसी रात को करीब सवा ग्यारह बजे प्रिया शादी से बाहर निकली और पिता ओमप्रकाश के साथ वैन में बैठकर रवाना हो गई। प्रेम की बहन ने उसे वैन में बैठते हुए देखा तो पीछा भी किया। घर पहुंचे तो घर से कीमती गहने और रखे हुए 50 हजार रुपए भी नहीं मिले।
इसके बाद जब प्रेम पत्नी की तलाश कर रहा था तब उसकी मुलाकात दूधवा गांव के सिकंदर गोस्वामी से हुई। उसने बताया कि वह भी ऐसे ही ओमप्रकाश के झांसे में आकर शादी की थी। इसके बाद उसकी दुल्हन भी सामान समेट कर फरार हो गई। पूछताछ में सामने आया कि प्रिया और उसकी मां अंजली दोनों महाराष्ट्र के नांदेड़ के हैं। ओमप्रकाश के साथ मिलकर वे परिवार बनकर प्रिया की शादी जरूरतमंद के यहां करते हैं फिर मौका देखकर वे सामान समेट कर फरार हो जाते हैं। फिलहाल पुलिस मनोज और ओमप्रकाश के बारे में जानकारी जुटा रही है।


