गणतंत्र दिवस पर आसमान में सुखोई व राफेल के साथ गरजेंगे 50 विमान

गणतंत्र दिवस पर आसमान में सुखोई व राफेल के साथ गरजेंगे 50 विमान

 पहली व आखिरी बार फ्लाई पास्ट में दिखेगा नौसेना का आईएल-78 विमाननई दिल्ली। पहली बार बनकर तैयार हुए कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के मौके 50 विमान और हेलिकॉप्टर आसमान में गरजेंगे। इस मौके होने वाले फ्लाई पास्ट में पहली और आखिरी बार 44 साल की सेवा के बाद नौसेना से पिछले साल रिटायर हुआ निगरानी विमान आईएल-38 एसडी भी मालवाहक विमान एएन-32 के साथ विक फॉर्मेशन में नजर आएगा। फ्लाई पास्ट में इसके अलावा वायुसेना के 45 व थलसेना के चार विमान भी शामिल होंगे।

वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि दो चरणों में होने वाले फ्लाई पास्ट में सभी विमान नौ फार्मेशन में उड़ते हुए अपना जलवा दिखाएंगे। शुरुआत ध्वज के साथ होगी। इसमें वायुसेना के चार एमआई-17 हेलिकॉप्टर इन्वर्टेड वाइनग्लास फॉर्मेशन में सलामी मंच के ऊपर से गुजरेंगे। इसके बाद चार एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर डायमंड फार्मेशन व तीन मिग-29 हेलिकॉप्टर विक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच), अपाचे व एएलएच जैसे 5 हेलिकॉप्टर्स एरो फॉर्मेशन और पांच एएलएच सारंग हेलिकॉप्टर तिरंगे झंडे के साथ लैडर फार्मेशन में उड़ते नजर आएंगे।

फ्लाई पास्ट के दौरान विंटेज एयरक्राफ्ट तीन डैकोटा व डीओ-228 विमान विक, पांच सी-130 व राफेल एब्रिस्ट, नौसेना का आईएल-78 व एएन-32 विक के बाद पांच राफेल व अवाक्स विमान एरो फॉर्मेशन में जलवा दिखाएंगे। साथ ही तीन सुखोई-30 व सी-17 विमान 40 डिग्री पिचअप में सुखोई में ईंधन भरने का प्रदर्शन करते हुए गुजरेंगे। इसके अलावा 6 जगुआर व तीन सुखोई-30 गरजेंगे। आखिर में राफेल विमान आसमान में वर्टिकल चार्ली फॉर्मेशन में कलाबाजियां दिखाएगा। परेड में स्क्वाड्रन लीडर सिंधु रेड्डी के नेतृत्व में वायुसेना के चार अधिकारियों व 144 जवानों का दस्ता 72 सदस्यीय बैंड दस्ते के साथ मार्चपास्ट करेगा।

वायुसेना की झांकी का अनावरण

परेड में प्रदर्शित की जाने वाली वायुसेना की झांकी की थीम इस पर 'पॉवर बियोन्ड बाउंड्रीज' रखी गई है। इसका बुधवार को औपचारिक रूप से अनावरण किया गया। झांकी में लगा एक घूमता हुआ ग्लोब वायुसेना की पहुंच और मित्र विदेशी देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यासों को प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा झांकी में अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट नेत्र, एलसीए तेजस-एमके-2, एलसीएच प्रचंड, एयरबस सली-295 की प्रतिकृतियां भी होंगी।

आम लोगों के लिए 32 हजार सीटें

रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने बताया कि इस बार गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर सीटों की संख्या 45 हजार होगी। इनमें से 32 हजार सीटें आम जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। पहली बार परेड देखने के लिए सेंट्रल विस्टा और नए संसद भवन के निर्माण में जुटे कार्मिकों के साथ सब्जी-दूध बेचने वाले श्रम योगियों को विशेष आमंत्रित के रूप में बुलाया गया है। इन्हें मुख्य मंच के सामने बैठाकर परेड देखने का मौका दिया जाएगा। गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के साथ होगी और समापन 30 जनवरी को शहीद दिवस के दिन किया जाएगा।