अपने ही स्टाफ से मांग रहा था रिश्वत, आयुर्वेद विभाग का सहायक अधिकारी रुपये 15 हजार लेते पकड़ा

अपने ही स्टाफ से मांग रहा था रिश्वत, आयुर्वेद विभाग का सहायक अधिकारी रुपये 15 हजार लेते पकड़ा

आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक कार्यालय में सहायक प्रशासनिक अधिकारी 53 वर्षीय पवन शर्मा काे 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई गुरुवार दाेपहर एसीबी चाैकी श्रीगंगानगर ने की। उसे शुक्रवार काे एसीबी मामलाें की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। एसीबी चाैकी श्रीगंगानगर के डीएसपी वेदप्रकाश लखाेटिया ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले के नाेहर तहसील के फेफाना गांव निवासी व

हाल सादुलशहर आयुर्वेद अस्पताल में नियुक्त वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी गाेवर्धनलाल शर्मा ने 20 सितंबर काे ब्यूराे कार्यालय में शिकायत दी। इसमें बताया कि परिवादी की एसीपी (एश्याेर कॅरियर प्राेगरेशन रिपाेर्ट) भेजने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। ब्यूराे के सीआई विजेंद्र शीला ने उसी दिन शिकायत का सत्यापन करवाया ताे आराेपी पवन शर्मा ने परिवादी से 3 हजार रुपए ले लिए। आराेपी ने बुधवार काे

परिवादी काे वापस बुलाया। इस पर ब्यूराे ने दाेबारा सत्यापन करवाया तब आराेपी ने 15 हजार रुपए की मांग की। इस पर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार करने काे गुरुवार दाेपहर परिवादी काे 15 हजार रुपए के नाेटाें के विशेष रसायन युक्त पाउडर लगाकर भेजा गया। परिवादी से आराेपी ने अपनी सीट पर ही उक्त रुपए लेकर रख लिए। इशारा मिलते ही ब्यूराे टीम प्रभारी विजेंद्र शीला व टीम ने उनकाे रंगे हाथाें पकड़ लिया।

आराेपी के हाथ धुलवाए गए ताे नाेटाें के लगे रसायन का रंग हाथाें से छूट गया। अाराेपी काे रिश्वत लेेने के अाराेप में गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में उपनिदेशक हरविंद्रकुमार दाबड़ा की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। प्रकरण में उनकी भूमिका की जांच की जाएगी।

परिवादी ने बताया कि वह 59 साल के हाे चुके हैं अाैर अक्सर बीमार रहते हैं। इसके बावजूद ड्यूटी पर नियमित उपस्थित रहते हैं। डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय ने ही परिवादी की ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायतें करवाईं ओर फिर जांच कमेटी गठित कर दी। खुद ही जांच करने पहुंचे ताे पता चला कि परिवादी मेडिकल लीव पर है और अस्पताल में श्रीगंगानगर भर्ती है। इस पर परिवादी काे नाेटिस देकर पूछा गया कि मुख्यालय किसकी अनुमति से छाेड़ा, कारण बताएं।

पड़ताल...27 माह में 20 चक्कर कटवाए, 181 पर शिकायत, फिर भी चाय-पानी के नाम पर 3 हजार लिए

परिवादी आयुर्वेद अधिकारी गाेवर्धनलाल शर्मा ने बताया कि 30 जून 2018 काे विभाग में 30 साल की सेवा पूरी हाे गई थी। विभाग से 10 और 20 साल की सेवाकाल पूरा हाेने की एसीपी दी जा चुकी थी लेकिन 30 वर्ष पूर्ण हाेने पर दी जाने वाली एसीपी की रिपोर्ट डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय से डायरेक्ट्रेट नहीं भेजी जा रही थी।

आराेपी पवन शर्मा ने परिवादी काे 27 माह में 20 चक्कर कटवाए लेकिन रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही थी। 20 सितंबर काे आराेपी ने परिवादी से 3 हजार रुपए लिए तब वह डायरेक्ट्रेट से रिपोर्ट करवाकर लेकर अाने काे तैयार हुअा। 21 सितंबर काे वह परिवादी की सेवा पुस्तिका व अन्य दस्तावेज लेकर

डायरेक्ट्रेट पहुंच गया। 23 सितंबर काे वापस श्रीगंगानगर आते ही उसने परिवादी काे फाेन कर बुलाया और रिपोर्ट ओके करवाने के बदले 15 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। इस पर शिकायत का सत्यापन करवाया गया। परिवादी का एसीपी रिपोर्ट नहीं हाेने से करीब तीन लाख रुपए का परिलाभ रुका हुआ है।

परेशान परिवादी ने 181 पर की शिकायत, फिर भी देने पड़े 3 हजार : परिवादी आयुर्वेद अधिकारी गाेवर्धनलाल शर्मा ने बताया कि उन्हाेंने राजस्थान संपर्क पाेर्टल 181 पर शिकायत दर्ज करवाई। इसका संज्ञान लेकर डायरेक्टर अजमेर कार्यालय से डिप्टी डायरेक्टर के पास फाेन आया और उनसे एसीपी काे राेके रखने के कारण पूछे गए। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय में हलचल हुई लेकिन आराेपी ने अजमेर जाकर अाने के लिए भी परिवादी काे घर बुलाकर 3 हजार रुपए खर्चा पानी के नाम पर ले लिए।