अब सेविंग अकाउंट में सिर्फ इतने पैसे कर सकेंगे जमा, जान क्या है बैंक का नया नियम
Now only this much money can be deposited in the savings account, know what is the new rule of the bank
हर कोई चाहता है कि उसका भविष्य सुरक्षित रहे, इसलिए वह बैंक में कुछ राशि जमा करते हैं. आज देश में हर आदमी बैंक खाते में पैसा Deposit करता है. बैंक में कई तरह के अकाउंट Open होते हैं, उनमें से एक Saving Account होता है और यह वो खाता है जो सभी के पास होता हैं. इस अकाउंट में आमतौर पर लोग अपनी Saving का पैसा रखते हैं. इसके लिए कोई सीमा भी तय नहीं है आप जितने चाहे उतने सेविंग अकाउंट खुलवा सकते हैं.
इनकम टैक्स विभाग को जानकारी देना अनिवार्य
इतना ही नहीं सेविंग खाते में पैसे जमा कराने की भी कोई सीमा निश्चित नहीं की गई है. यानि कि आप सेविंग खाते में चाहें जितना पैसा जमा कर सकते हैं. सेविंग खाते में पैसा जमा कराने पर इनकम कानून या बैंकिंग रेगुलेशन में कोई सीमा Fix नहीं है. बस आपको इतना ध्यान रखना है कि अगर आप अपने सेविंग खाते में 10 लाख रुपये से ज्यादा का Cash एक Financial Year में जमा कराते हैं तो इसकी सूचना बैक इनकम टैक्स विभाग को अवश्य दें दें. इनकम टैक्स अधिनियम 1061 की धारा 286B ए के अनुसार बैंकों के लिए ये जानकारी देनी अनिवार्य है.
जारी किया जा सकता है Notice
सेविंग अकाउंट में रखे कैश का आपकी इनकम टैक्स की जानकारी से Match नहीं होने पर Income Tax टैक्स विभाग को नोटिस जारी किया जा सकता है.ITR फाइल करते समय इनकम टैक्स को अपने सेविंग खाते में जमा पैसे की जानकारी भी देनी होती है. आपके सेविंग खाते में जमा राशि से जो भी ब्याज मिलता है, वह आपकी Income में Add किया जाता है और Interest पर इनकम टैक्स वसूल किया जाता है. बैंक की तरफ से 10 फीसदी TDS का ब्याज काटा जाता है. सेविंग खाते से प्राप्त हुए ब्याज पर भी टैक्स कटौती का लाभ लिया जा सकता है. इनकम टैक्स की धारा 80 टीटीए के अनुसार हर व्यक्ति 10 हजार तक की टैक्स छूट का फायदा ले सकता है.
Refund पा सकते है काटा गया TDS
सेविंग खाते में जमा पैसे से ब्याज 10 हजार रुपये से कम बना होगा तो आपको कोई भी टैक्स नहीं देना होगा. 60 साल से ज्यादा आयु के खाताधारक को 50 हजार रुपये तक के ब्याज पर टैक्स नहीं चुकाना होगा. अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय खाते से मिले ब्याज को मिलाने के बाद भी इतनी नहीं होती कि उस पर टैक्स देनदारी बन सकें तो फिर वह फॉर्म 15G जमा करके बैंक की ओर से काटे गए टीडीएस का रिफंड पा सकता है.
Kumkum sharma 

