सिर्फ 35 दिन में लाखों कमा रहे ये पिता-पुत्र
This father and son are earning lakhs in just 35 days
अमित कुमार/समस्तीपुर. मुर्गा पालन का बिजनेस कम पूंजी में अच्छा मुनाफा वाला साबित हो रहा है. यही कारण है कि हाल के दिनों में समस्तीपुर जिले में बड़ी संख्या में लोगों का झुकाव इस बिजनेस की ओर गया है. मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र के रमगमा गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने पड़ोसी के मुर्गा पालन का बिजनेस देख 4 साल पहले खुद का बिजनेस शुरू किया. आज वे प्रत्येक 35 दिन पर खर्च काटकर 1 लाख से अधिक का मुनाफा कमा लेते हैं. 3500 क्षमता वाले मुर्गा फार्म में उन्होंने दो लोगों को रोजगार भी दे रखा है. वह चूजा वैशाली जिले के हाजीपुर हैचरी से खरीदते हैं और सही तौर तरीका से देखरेख करते हुए 35 दिनों के बाद तैयार मुर्गा को व्यापारियों के हाथों बेच देते हैं.
राकेश कुमार राय बताते हैं कि उनका एक पड़ोसी कई वर्षों से मुर्गा का फार्म चला रहे थे. इससे उन्हें अच्छी खासी कमाई हो रही थी.पड़ोसी के मुर्गा बिक्री का हिसाब-किताब देखकर अच्छा मुनाफा होने जैसी बात अपने पिता को बताई, तो इस काम को करने के लिए राजी हो गए. फिर पिता-पुत्र ने मिलकर अपने घर पर ही मुर्गा फॉर्म खोल लिया. वे बताते हैं सही तकनीक से चीजों की देखभाल की जाए तो नुकसान का कोई चांस नहीं रहता है. मुनाफा अच्छा-खासा हो जाता है. यही कारण है कि चूजा हर 35 दिन पर बेचने लायक हो जाता है. हर एक लॉट में उन्हें एक लाख से अधिक रुपए तक का मुनाफा हो जाता है.
चूजों का रखना होता है विशेष ध्यान
राकेश बताते हैं कि तैयार मुर्गा को हाजीपुर और पटना के व्यापारी आकर खरीद लेते हैं. वह बताते हैं कि जब फार्म में चूजा रखते हैं, तो टेंपरेचर का खासा ध्यान रखना पड़ता है. इसके लिए इन्होंने हैलोजन सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगा रखे हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में जब ठीक से तौर तरीका नहीं मालूम था, तो उस समय नुकसान भी सहना पड़ा. लेकिन अब कोई दिक्कत नहीं है. इस कारण से मुनाफा हो रहा है.
Kumkum sharma 

