गीता बासरा बोलीं-मां बनते ही सब कुछ बदल गया, बच्चों की वजह से बिना शर्त जीने का मतलब सीखा

गीता बासरा बोलीं-मां बनते ही सब कुछ बदल गया, बच्चों की वजह से बिना शर्त जीने का मतलब सीखा

दुनियाभर में आज 'मदर्स डे' सेलिब्रेट किया जा रहा है। इस खास मौके पर एक्ट्रेस गीता बसरा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कई बातें शेयर की हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी हिनाया को विशेष अवसरों के लिए ग्रीटिंग कार्ड बनाना बहुत पसंद है। इस साल भी वह ऐसा कुछ करेंगी और मां से अपने इमोशंस एक्सप्रेस करेंगी।

बच्चों की वजह से बिना शर्त जीने का मतलब सीखा
गीता बसरा ने बताया, "मां बनने का एहसास दुनिया की सबसे अच्छी चीज है। मेरा पहला बच्चा, बेटी हिनाया ने मुझे बहुत बदल दिया है। हम कहते हैं कि हम बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि बच्चे हमें और भी बहुत कुछ सिखाते हैं। मातृत्व के बाद, हम एक व्यक्ति के रूप में बदलते हैं, हमारा स्वभाव बदलता है और हमारे धैर्य का स्तर भी बदलता है। सब कुछ उनके अनुसार हो जाता है। मैं वास्तव में अपने बच्चों की वजह से बिना शर्त जीने का अर्थ सीखी हूं।

मां बनते ही सब कुछ बदल गया
एक्ट्रेस ने आगे कहा, "मां बनते ही सब कुछ बदल गया। हिनाया कार्ड बनाने में अद्भुत है और यकीन मानिए वे बहुत सुंदर होते हैं। मैं मदर्स डे का इंतजार करती हूं, सिर्फ उसके हाथों का कार्ड बना देखने के लिए। वह उसमें जिस तरह से अपने इमोशंस एक्सप्रेस करती है, वो वाकई में अद्भुत होता है। मेरे लिए मदर्स डे बस इसी मोमेंट के लिए स्पेशल है और उम्मीद करती हूं कि हमेशा रहेगा।"

हर दिन मदर्स डे होना चाहिए
गीता के मुताबिक, हर दिन मदर्स डे होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हर दिन उन्हें (मां) दिया जाना चाहिए। मेरी मां बहुत स्पेशल है, मैं ऐसी अद्भुत मां के लिए बहुत आभारी हूं जो इतनी निस्वार्थ हैं और हमें केवल प्राथमिकता में रखते हुए आगे बढ़ी। उन्होंने खुद को कभी प्राथमिकता नहीं दी। हम उससे कहते रहते हैं कि अब खुद को प्राथमिकता दें कि हम सब बड़े हो गए हैं, लेकिन मुझे लगता है कि मां वही करती रहेंगी। मां अपने बच्चों को जीवन भर बच्चों के रूप में देखती हैं और हर समय उनकी चिंता करती हैं। मदर्स डे का महत्व सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि हर रोज होना चाहिए।"

मैं हर दिन अपनी मां के लिए शुक्रगुजार हूं
गीता बसरा आगे कहती है, "हां, लेकिन यह एक अच्छा दिन है, जहां आप उन्हें लाड़ प्यार करने और उन्हें प्यार दिखाने का प्रयास करते हैं। क्योंकि हर रोज हम ऐसा नहीं करते हैं, या हर रोज हम अपने इमोशंस व्यक्त नहीं करते हैं। इसलिए कभी-कभी ऐसे दिनों की भी जरूरत होती है, जहां आप बस अपने आप को व्यक्त करते हैं और अपना प्यार दिखाते हैं। अगर मैं अपनी मां को एक चीज दे सकती हूं तो वह मेरा समय होगा। क्योंकि वह सबसे अच्छी चीज है, जो उसने मुझे एक बच्चे के रूप में दी और उसी ने मुझे वह बनाया जो मैं आज हूं। मैं हर दिन अपनी मां के लिए शुक्रगुजार हूं और कोशिश रहेगी अपने बच्चों के लिए भी कुछ ऐसा ही करूंगी।" बता दें कि पिछले साल गीता ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया था।