4 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी आ सकते हैं अलवर:दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे के उद्घाटन की तैयारी में लगा प्रशासन
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को अलवर का सकते हैं। देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे का दिल्ली-सोहना से दौसा तक का काम पूरा हो गया है। इस एक्सप्रेस -वे के उद्घाटन का कार्यक्रम है। इस दिन अलवर के बडौदामेव में जन सभा भी संभव है। अभी NHAI की तरफ से पूरा कार्यक्रम नहीं आया है। लेकिन अलवर प्रशासन के स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। असल में यह पूरा एक्सप्रे-वे 1350 KM का है। पहले फेज का 210 KM बन चुका है। जिसका उद्घाटन होगा। हालांकि पूरे एक्सप्रेस-वे का काम जारी है। NHAI के अधिकारियों ने बताया कि अभी फाइनल कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है। लेकिन इसके उद्घाटन कराने की तैयारी शुरू कर दी है। एक्सप्रेस वे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुदित गर्ग ने बताया कि अभी पूरा कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। सिर्फ यह बताया गया कि 4 को पीएम का कार्यक्रम हो सकता है। इस आयोजन की तैयारी कई जगहों पर जारी है। उनके एक अलवर भी है।
8 लेन का है एक्सप्रेस-वे
1350 किमी लंबे 8 लेन एक्सप्रेस-वे का यह पहला फेज है, जो 210 किमी में बना है। जयपुर सहित आगरा एनएच से गुजरने वाले वाहनों को दिल्ली जाने में 4 की जगह 2 घंटे लगेंगे। 40 किमी का फेरा बचेगा।
- एक्सप्रेस-वे की ऊपरी परत जर्मनी तकनीक स्टोन मेट्रिक्स एसफाल्ट (एसएमए) से बनाई गई है। इससे यह 50 साल तक चलेगी। अमूनन 10 से 15 साल चलती है।
- इस तकनीक में फाइबरनुमा मोटे दानों का इस्तेमाल होता है। खास चट्टान का मैट्रिक्स या ग्राउंड मास सामग्री का महीन दाने वाला द्रव्यमान होता है। इसमें बड़े दाने, क्रिस्टल या क्लॉस्ट एम्बेडेड होते हैं। यह उच्च तापमान सहने के साथ लोडिंग वाहनों का भार सहने की भी क्षमता ज्यादा रखता है। निर्माण सामग्री भी जर्मनी से आई है।
खासियत... जो प्रदेश में इसी हाईवे पर
- सुरक्षा और सुविधा ... हर किमी पर सीसीटीवी कैमरे। कोई ब्रेकर नहीं, जगह-जगह स्पीड डिस्प्ले। एक्सप्रेस-वे ऊंचा बनाया है। दोनों तरफ सुरक्षा दीवार। जानवर सड़क पर नहीं आ सकेंगे। दुर्घटना की संभावना कम रहेगी। इंटरचेंज पर एंट्री करते ही टोल से पहले भारी वाहनों के वजन के लिए कांटे भी हैं।
- नियंत्रण... स्पीड 120 किमी, ओवरस्पीड हुई तो पता कंट्राेल रूम में चल जाएगा, पैनल्टी लगेगी। वाहन मालिक के माेबाइल पर ई-चालान पहुंच जाएगा।
- सार-संभाल... एक्सप्रेस-वे का रखरखाव निर्मात्री कंपनी दस साल तक करेगी। अमूनन हाइवे की रखरखाव अवधि 3 से 5 वर्ष रहती है।
Naresh Chouhan 

