तीन दिवसीय डिस्ट्रिक्ट कांफ्रेंस 'उर्जिता' का भव्य समापन:कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ बोले- अपनी मां की दिनचर्या देखकर सीखिए टाइम मैनेजमेंट

तीन दिवसीय डिस्ट्रिक्ट कांफ्रेंस 'उर्जिता' का भव्य समापन:कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ बोले- अपनी मां की दिनचर्या देखकर सीखिए टाइम मैनेजमेंट

'अपना चेहरा नहीं दिखाउंगी..','कबूतरी को वॉट्सअप..' जैसी हास्य कविताओं के साथ देश के जाने-माने कवियों ने जयपुर की गुलाबी सर्दी को और गुलजार कर दिया। मौका था रोटरी इंटरनेशनल की ओर से आयोजित हुए तीन दिवसीय डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंन्स ‘ऊर्जिता’ का। बिड़ला सभागार में कार्यक्रम का भव्य समापन सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व ओलंपियन और बीजेपी के सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने शिरकत की। इस दौरान सभी मेंबर्स ने राठौड़ को उनके जन्मदिन की सामूहिक रूप में बधाई दी।

सभी मेंबर्स को सम्बोधित करते हुए राठौड़ कहते है कि आज देश के युवा सबसे आगे है मगर उनसे यहीं कहना है कि वे सभी सीखना न छोड़े। हमेशा कुछ नया सीखने से ही ये देश सही दीक्षा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने रोटरी क्लब के मेंबर्स की प्रसंशा करते हुए कहा कि सम्मान समारोह में मैंने गौर किया कि सभी मेंबर्स सम्मान लेने अपनी अर्धांगिनियों के साथ आए है, जो की बहुत कम देखा गया है। असल शब्दों में इसे ही वीमन एम्पावरमेंट कह सकते है, जहां हम सभी के जीवन के सबसे मजबूत सहारे को हम धन्यवाद के तौर पर श्रेय देने से पीछे न हटे।
इस दौरान रोटरी इंटरनेशनल डायरेक्टर महेश कोतबगी, आरआईपीआर अशोक सिंह, रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बलवंत चिराना, कॉन्फ्रेंस चेयरमैन विशाल गुप्ता, डिस्ट्रिक्ट मेंटर अशोक गुप्ता, डिस्ट्रिक्ट ट्रेनर अजय काला, क्लब प्रेजिडेंट अजय बिनायकिया और रीना गुप्ता उपस्थित रहें। कार्यक्रमों की लड़ी में सुबह धार्मिक और मोटिवेशनल सेशन का भी आयोजन किया गया, जिसके लिए वृन्दावन से डॉ वृन्दावन चंद्र दास ने श्रीभगवद गीता के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, उन्होंने बताया मैं कुछ साल तक 5 सितारा होटल का मैनेजर रहकर ये समझ गया था कि हम जीवन के झूठे मापदंडों में उलझे हुए है जिसके बाद मैंने श्रीभगवद गीता के श्लोको का सहारा लिया। जिन भी युवाओं के मन में उलझन है, सवाल है वे सब भगवद गीता का सहारा ले और जीवन में टाइम, लाइफ, मनी, हैप्पीनेस और रिलेशनशिप मैनेजमेंट सिखने के लिए श्रीभगवद गीता से बेहतर संस्था नहीं है। इसी के बाद कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया, जिसमें कवी अरुण जैमिनी, कवी अमन अक्षर, कवी मुमताज नसीम और कवि अशोक चारण ने अपनी हास्यप्रद और गंभीर कविताओं से कार्यक्रम का समां बांध दिया