शिक्षा विभाग रैंकिंग में सीकर टॉप, जयपुर 8वें पर:शिक्षा विभाग की रैंकिंग बनी औपचारिकता, 150 में से एक तिहाई अंक भी हासिल नहीं कर पा रहे जिले

शिक्षा विभाग रैंकिंग में सीकर टॉप, जयपुर 8वें पर:शिक्षा विभाग की रैंकिंग बनी औपचारिकता, 150 में से एक तिहाई अंक भी हासिल नहीं कर पा रहे जिले

शिक्षा विभाग की ओर से हर महीने जारी होने वाली जिलों की शैक्षिक रैंकिंग महज औपचारिकता बनकर रह गई है। प्रदेश के जिले रैंकिंग के लिए तय स्कोर 150 में से एक-तिहाई अंक भी हासिल नहीं कर पा रहे हैं। इस बार 50 अंक से अधिक स्कोर प्राप्त करने वाले जिलों की संख्या केवल 4 रही है। जनवरी की रैंकिंग में सीकर ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जयपुर रैंकिंग में काफी पिछड़ गया। उसको 8वां स्थान मिला है। बीकानेर को 14वां, कोटा को 21वां और अजमेर को 25वां स्थान मिला है।

यह रैंकिंग नामांकन, इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित विद्यार्थियों की संख्या, राजीव गांधी कॅरियर गाइडेंस पोर्टल पर विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले लॉगिन की संख्या, औसत उपस्थिति, लाइब्रेरी से पुस्तकों का वितरण, राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर खेल गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी, नामांकन बढ़ोतरी, जनाधार प्रमाणीकरण, ज्ञान संकल पोर्टल पर प्राप्त राशि सहित अन्य प्रावधानों में अच्छे प्रदर्शन के आधार पर दी जाती है। इस सूची में टोंक सबसे निचले पायदान पर आया है। टोंक को 150 में से 19.32 अंक मिले हैं।

ऐसे मिलते हैं अंक- रैंकिंग के लिए कुल 4 श्रेणियां तय की गई है। इन श्रेणियों के 150 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें शैक्षणिक श्रेणी के 100 अंक, नामांकन के 20 अंक, सामुदायिक सहभागिता के 20 अंक और आधारभूत सुविधाओं के 10 अंक तय किए गए हैं। शैक्षणिक श्रेणी के अंकों को 7 बिंदुओं में, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के अंकों को 3-3 बिंदुओं और आधारभूत सुविधाओं के अंकों को 2 बिंदुओं में बांटा गया है।