काठमांडू से रक्सौल तक 136 किमी लंबा रेल लाइन डालेगी भारतीय कंपनी

काठमांडू से रक्सौल तक 136 किमी लंबा रेल लाइन डालेगी भारतीय कंपनी

एक बार फिर भारत और नेपाल ने चीन को बहुत बड़ा झटका दिया है। भारत और नेपाल के बीच ट्रांसपोर्ट के लिए रेल लाइन डालने जा रही हैं। इससे नेपाल के पहाड़ी इलाकों की ट्रांसपोर्ट सिस्टम में पैठ बनाने की चीन की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। इसमें भारत ने बाजी मार ली। नेपाल ने काठमांडू से बिहार के रक्सौल तक रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है। 136 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन बिछाने की जिम्मेदारी भारत की कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। खास बात यह है कि इस नेटवर्क का 42 किमी. लंबा सेक्शन अंडरग्राउंड होगा।

बताया जा रहा था की चीन इस कोशिश में था कि वह तिब्बत से नेपाल तक रेल चलाए। इसके लिए वह लंबे समय से कोशिश कर रहा है। चीन भी काठमांडू तक रेल नेटवर्क पहुंचाना चाहता है। इसके लिए वह कई बार नेपाल से बातचीत भी कर चुका है। लेकिन चीन सफलता हासिल नहीं कर पाया।

नेपाल के अधिकारियों ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की इजाजत दे दी है। वंही ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के सचिव रबींद्रनाथ श्रेष्ठ ने काठमांडू- रक्सौल रेल लिंक को मंजूरी मिलने की बात मानी है। भारत ने इसकी DPR तैयार करने और कंस्ट्रक्शन के लिए पिछले साल अगस्त में इजाजत मांगी थी। इन दोनों कामों को शुरू करने की मंजूरी देते हुए चिट्‌ठी भारत को भेज दी गई है। इसमें नेपाल ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने भारत को कुछ सुझाव भी दिए हैं। काठमांडू- रक्सौल रेल लिंक पर स्टडी के लिए भारत-नेपाल के बीच 2018 में समझौता हुआ था।