होटल नटनी हैरिटेज अब पूरा टूटेगा:कोर्ट ने कहा - पूरी सुनवाई हो चुकी, इसमें कोई दम नहीं

होटल नटनी हैरिटेज अब पूरा टूटेगा:कोर्ट ने कहा - पूरी सुनवाई हो चुकी, इसमें कोई दम नहीं

सिलीसेढ़ बांध की ऊपरा से आने वाले पानी के बहाव व भराव क्षेत्र में बन रहे होटल हैरिटैज के मामले में एडीजे कोर्ट नंबर एक में कमिश्नर रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद जज ने साफ शब्दों में कहा कि अब यह केस चलने लायक नहीं है। अपना वाद वापस लिजिए। जब सिंचाई विभाग व यूआईटी ने पहले ही जमीन का भू उपयोग परिवर्तन करने से मना करते समय इस जमीन को भराव व बहाव क्षेत्र मान लिया था। अब कमिश्नर रिपोर्ट में भी पूरे निर्माण को अवैध मान लिया। पानी के बहाव के अंदर बिल्डिंग बनना पाया गया। इस पर जज ने कहा कि कुछ नहीं हो सकता। यह पूरा ही निर्माण अवैध है। अब यहां पतंग उड़ाएं।

47 मीटर तक बहाव क्षेत्र में निर्माण

एडवोकेट भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कमिश्रनर रिपोर्ट पाया गया कि उत्तरी छोर में करीब 47 फीट अतिक्रमण है। खसरा 768 में दक्षिण में 47 फीट और दूसरी तरफ 3 फीट जमीन तो नाले की जमीन है। इस नाले से भी 50 मीटर तक बहाव क्षेत्र माना जा चुका है। जिसके हिसाब से पीछे के हिस्से की पूरी निर्माणाधीन बिल्डिंग अवैध है। मतलब बहाव क्षेत्र में आती है। जिसका निर्माण कतई संभव नहीं है। यह रिपोर्ट पेश होने के बाद जज ने साफ कह दिया कि बहाव क्षेत्र में बिल्डिंग बनी है। इसका कोई अंश नहीं बच रहा है।

5 फरवरी 2024 की को यूआईटी व सिंचाई विभाग की रिपोर्ट में भी बहाव क्षेत्र

एडवोकेट भूपेंद्र सिंह ने बताया कि फरवरी 2024 में यूआईटी ने इस जमीन का भू रूपांतरण बदलने से मना कर दिया था। साथ में सिंचाई विभाग की रिपोर्ट थी कि यह जमीन सिलीसेबढ़ बांध से आने वाले पानी के बहाव क्षेत्र में आती है। यहां जमीन का रूपातंरण नहीं हो सकता। इसका हवाला देते हुए जज ने कहा कि जब यूआईटी ने पहले ही इसे बहाव क्षेत्र मान लिया तो निर्माण नहीं हो सकता। अब केवल पिछले हिस्से का निर्माण ही नहीं। पूरे होटल का निर्माण अवैध है।

फिर वादी पक्ष ने 7 दिन का समय मांगा

जज ने वाद वापस लेने काे कहा कि वादी के वकील ने कहा कि UIT की ओर से जमीन का रूपांतरण नहीं करने के मामले की अपील संभागीय आयुक्त में की हुई है। आप केवल 7 दिन का समय और दीजिए। इसके बाद जज ने कहा कि संभागीय आयुक्त के स्तर का अलग विषय है।