ई-रिक्शा में महिला की डिलीवरी का VIDEO:दोपहर अस्पताल पहुंची इसलिए सोनाेग्राफी नहीं हुई, हॉस्पिटल के बाहर बच्चे को दिया जन्म

ई-रिक्शा में महिला की डिलीवरी का VIDEO:दोपहर अस्पताल पहुंची इसलिए सोनाेग्राफी नहीं हुई, हॉस्पिटल के बाहर बच्चे को दिया जन्म

एक महिला के ई-रिक्शा में डिलीवरी का मामला सामने आया है। परिजन उसे अस्पताल भी लेकर पहुंचे लेकिन दोपहर का समय था, ऐसे में सोनोग्राफी नहीं हो पाई। परिजन जब उसे दूसरे सोनोग्राफी सेंटर पर ले जाने के लिए अस्पताल से बाहर लाए तो लैबर पेन शुरू हो गया। इसी बीच वह दर्द से चिल्लाने लगी तो परिवार की महिलाओं ने ई-रिक्शा को कवर किया। इसके 15 मिनट बाद उसने बच्चे को जन्म दिया। मामला भरतपुर के जनाना हॉस्पिटल में बुधवार की है।

इधर, महिला की हॉस्पिटल के बाहर डिलीवरी की सूचना मिलते ही स्टाफ मौके पर पहुंचा और मां व बेटे को एडमिट किया। इधर, मामला सामने आने के बाद हॉस्पिटल मैनेजमेंट मामले की जांच कराने का दावा कर रहा है।

ये था मामला

प्रसूता पूजा (23) बयाना की रहने वाली है। एक साल पहले विवेक (26) से शादी हुई थी। पूजा के चाचा ससुर ने विजय ने बताया कि भतीजे के बहू की पहली डिलीवरी थी। बुधवार काे पेट में दर्द होने पर सुबह 10 बजे बयाना हॉस्पिटल ले गए थे। यहां 2 घंटे उसे एडमिट रखा और भरतपुर जनाना हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया।

दोपहर करीब 2 बजे पूजा को जनाना हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। डॉक्टर को दिखाया तो सोनोग्राफी करवाकर लाने को कहा। चाचा ससुर का कहना है कि सोनोग्राफी करवाने पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारी ने कहा कि सोनोग्राफी तो हो जाएगी लेकिन रिपोर्ट कल मिलेगी। ऐसे में वे पूजा को बाहर सेंटर पर लेकर चले गए।इस बीच सोनोग्राफी करवा जब वे दोबारा हॉस्पिटल आ रहे थे तो गेट के बाहर ही लेबर पेन शुरू हो गया। इस दौरान वह दर्द से तड़पती रही। पूजा की हालात को देख घर की महिलाओं ने ई-रिक्शा को कपड़े से ढकने को कहा। करीब 15 मिनट बाद ई-रिक्शा में ही उसने बेटे को जन्म दिया।

इधर, डिलीवरी की खबर मिलते ही पहुंचा स्टाफ

ई-रिक्शा को कपड़े से पूरी तरह ढक लिया था। इस दौरान मौके पर काफी लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी। इधर, जैसे ही हॉस्पिटल के स्टाफ को पता चला कि महिला ने रिक्शा में ही बच्चे को जन्म दे दिया है वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद मां-बेटे को एडमिट किया। फिलहाल दोनों की हालात सामान्य बताई जा रही है।

अब अस्पताल प्रबंधन का दावा करवाएंगे जांच

इस घटना के बारे में जब जनाना अस्पताल इंचार्ज रूपेंद्र झा से बात की तो उन्होंने बताया कि जनाना अस्पताल का सोनोग्राफी सेंटर सुबह 9 बजे से 3 बजे तक खुलता है। एक बजे सोनोग्राफी करना बंद कर दिया जाता है। क्योंकि, दोपहर 1 से 3 बजे तक सोनोग्राफी की रिपोर्ट तैयार की जाती है, अगर कोई इमरजेंसी केस होता है तो उसकी सोनोग्राफी अस्पताल में कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि वे गुरुवार को इस मामले की जांच करवाएंगे कि पूजा की सोनोग्राफी अस्पताल में क्यों नहीं की गई।