आयुष नीति-2020 का मसौदा तैयार आयुर्वेदिक औषधालयों के सुधरेंगे हालात, मिलेगी क्वालिटी युक्त औषधियां और इलाज

आयुष नीति-2020 का मसौदा तैयार आयुर्वेदिक औषधालयों के सुधरेंगे हालात, मिलेगी क्वालिटी युक्त औषधियां और इलाज

प्रदेश में आने वाले दिनों में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी औषधालियों में आने वाले मरीजों को क्वालिटी से युक्त इलाज मिलेगा। और मिलने वाली दवाओं पर भी विभाग मॉनिटरिंग करेगा। किराए के चल रहे भवनों के लिए खुद का भवन बनाने, औषधियां उपलब्ध करवाना और मैनपावर के लिए बजट बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। हर जिले में सर्वे कर औषधालयों को चिह्नित कर खुद का भवन उपलब्ध करवाया जाना प्रस्तावित है।

चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा के अनुसार कोरोनाकाल में परंपरागत चिकित्सा पद्वतियों का मरीजों को फायदा मिला है। सरकार ने ‘आयुष नीति-2020’ का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे पहले कैबिनेट में रखा जाएगा। उसके बाद में लागू किया जाएगा। नीति में मरीजों के इलाज, औषधियां, औषधालयों के मानक, आउटडोर व इनडोर, औषधिय पादपों को बढ़ावा देने के लिए हर्बल गार्डन विकसित करना शामिल है।

भास्कर में पांच फरवरी को भास्कर में 1500 करोड़ सालाना बजट, मेगा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर किराए के भवनों में चल रहे अधिकतर औषधालय’ खबर प्रकाशित की है। इसमें न विशेषज्ञ न ही पर्याप्त दवाएं , बजट का 90 फीसदी स्टाफ के वेतन और अन्य मदों में ही खर्च हो जाता है। सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। और परंपरागत चिकित्सा पद्वतियों को पूर्नजीवित करने के लिए प्रयासरत है।
आमजन की सुविधा के लिए इन बातों पर रहेगा जोर

  • इलाज के लिए सस्ती, उच्च गुणवत्ता से युक्त सेवाओं के साथ आमजन की पहुंच में लाना।
  • जड़ी-बूटियो‌ का संरक्षण, उत्पादन, विपणन के साथ घरेलू व निर्यात के लिए प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराना।
  • लैब में बनने वाली दवाओं की मॉनिटरिंग।
  • आधारभूत संरचना और मानवसंसाधन में बढ़ोत्तरी।
  • लाइफ स्टाइल और क्रोनिक बीमारियों में प्रभावी आयुष चिकित्सा को लागू करना।
  • आयुष कार्यक्रम में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को स्वीकार्य बनाना।
  • परंपरागत चिकित्सा पद्वति का प्रचार-प्रसार पर जोर।
  • सूचना प्रौद्योगिकी के युग में जिला और आयुर्वेदिक औषधालयों का कंप्यूटराइजेशन।
  • एलौपैथी की तर्ज पर औषधालयों में रजिस्ट्रेशन व दवा काउंटर बनाना।
  • आयुष चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता, इन्फ्रास्ट्रक्टर और मेनपावर में बढ़ोत्तरी।