‘युद्धाभ्यास’ का 16वां संस्करण भारत-अमेरिका के बीच युद्धाभ्यास आज से, 20 से ज्यादा गैर-परंपरागत तरीकों की आजमाइश होगी
भारत और अमेरिका की थल सेनाएं बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के धोरों में जमीनी लड़ाई का नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं। ‘युद्धाभ्यास’ के 16 वें संस्करण के दौरान अमेरिका की 1-2 स्ट्राइकर ब्रिगेड कॉम्बेट टीम के स्ट्राइकर दुश्मन पर सीधा हमला करेंगे, तो भारतीय थल सेना की 11 वीं जम्मू-कश्मीर राइफल के जांबाज जमीनी युद्ध कौशल सीखेंगे।
इस दौरान परंपरागत व गैर परंपरागत युद्ध शैली पर फोकस किया जाएगा। दोनों ही देशों के 500 से ज्यादा ट्रूप्स 21 फरवरी तक 20 से ज्यादा तरीकों से युद्ध की आजमाइश करेंगे। ये पेशेवर तौर पर अलग-अलग स्थानों पर दक्षता बताएंगे। युद्धाभ्यास के माध्यम से चीन व पाकिस्तान के साथ इंडो पेसेफिक क्षेत्र में दोनों देश अपना दबदबा कायम करेंगे।
यह युद्धाभ्यास, दोनों देशों के बीच चल रहे सबसे बड़े सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग प्रयासों में से एक है, जो इस बात का संकेत है कि दोनों देश आतंकवाद के खतरे को समझते हैं और उसका मुकाबला करने में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
भारतीय सैनिकों के पास कश्मीर जबकि अमेरिका के पास अफगानिस्तान का अनुभव
अमेरिकी सेना को अफगानिस्तान, इराक सहित कई देशों में आतंकवाद से लड़ने का अनुभव है, जबकि भारतीय सेना कश्मीर सहित पूर्वोत्तर में आतंकवाद का सामना करने में दक्ष है। ऐसे में दोनों देश के सैनिक अनुभव को बांटते हुए नई रणनीति बनाकर अभ्यास करेंगे।
इस द्विपक्षीय अभ्यास में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व सप्त शक्ति कमान की 11 वीं बटालियन जम्मू-काश्मीर राइफल्स करेगी। वहीं, अमेरिकी सेना का प्रतिनिधित्व 2 इन्फेंट्री बटालियन 3 इन्फेंट्री रेजिमेंट, 1.2 स्ट्राइकर ब्रिगेड कॉम्बेट टीम के सैनिकों द्वारा किया जाएगा।


