सरिस्का के तीनों गेट बंद:टूरिस्ट भी नहीं जा सकेंगे सफारी करने, वनकर्मियों का विरोध बढ़ा

सरिस्का के तीनों गेट बंद:टूरिस्ट भी नहीं जा सकेंगे सफारी करने, वनकर्मियों का विरोध बढ़ा

15 सूत्री मांगों को लेकर अलवर में वनकर्मियों का आंदोलन तेज हो गया है। कार्य का बहिष्कार और सद्बुद्दि यज्ञ करने के बाद गुरुवार को वनकर्मियों ने सरिस्का के तीनों गेट बंद कर दिए हैं। अब टूरिस्ट भी अंदर नहीं जा सकते। यही नहीं टाइगर की मॉनिटरिंग करने वाले कर्मचारी और गाइड तक उनके साथ धरने पर बैठे हैं। सरकार को खुली चेतावनी है कि उनकी मांगें मानी जाए। सरकार के प्रतिनिधि आकर वार्ता करें।

राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रामवीर गुर्जर व अध्यक्ष पुरुषोत्तम ने कहा कि सरिस्का केतीनों गेट बंद करदिए हैं। अगर अब भी नहीं चेताता है तो वन्यजीों को लेकरकोई भी घटना होती है तो उसका जिम्मेदार वन प्रशासन होगा। अभी तक उनके पास नेता या जनप्रतिनिधि नहीं आए हैं। संघर्ष समिति के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन जाारी है। इस आंदोलन में समिति के अध्यक्ष, टाइगर मॉनिटरिंग के प्रभारी, जिप्सी चालक व गाइड भी साथ हैं। आगे वन्यजीवों को लेकर कोई भी घटना होती है तो कर्मचारी जिम्मेदार नहीं होंगे।

इस तरह बढ़ा आंदोलन आगे

1 फरवरी को विधानसभा घेराव का प्रयास किया गया। इसके बाद अब 6 फरवरी को पूरे प्रदेश में वनकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। सब अपनी ड्यूटी छोड़कर मुख्यालयों पर पहुंच गए। वन विभाग के कर्मचारियों की काफी लंबे समय से मांग करते रहे हैं। अब ठोस आश्वासन नहीं मिलने तक आंदोलन चलेगा। अब वनकर्मियों ने अपने सब कार्य बंद कर दिए हैं। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विभाग की है।

ये 15 सूत्री मांगें

वनकर्मियों ने बताया कि 15 सूत्री मांगों को लेकर कर रहे हैं। जिसमें पुलिस, पटवारी, ग्रामसेवक के समान वेतन, राशन भत्ता, 7000 नकद वर्दी भत्ता, हार्ड ड्यूटी अलाउंस, पेट्रोल भत्ता आदि मांगे हैं । ऐसे में सरिस्का के कर्मचारियों का हड़ताल पर जाने से टाइगर मॉनिटरिंग अवैध कटान, खनन, अतिक्रमण, रेस्क्यू ऑपरेशन आदि कार्य बाधित हो गए हैं।