शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा-डार्कनेट से हुआ पेपर लीक:UGC NET पेपर लीक मामले में CBI को सौंपी जांच; 500 से 5 हजार तक में बेचे पेपर

UGC NET एग्जाम कैंसिल होने के 24 घंटे के भीतर ही शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि UGC NET का पेपर 'डार्कनेट' पर पहले ही लीक हो चुका था। डार्कनेट पर कैंडिडेटस को बेचे गए पेपर डार्कनेट इंटरनेट पर एक प्राइवेट वेबसाइट है। इस वेबसाइट का इस्तेमाल ज्यादातर हैकर्स करते हैं या इसका इस्तेमाल गैर कानूनी एक्टिविटी में किया जाता है। NTA के एक अधिकारी ने बताया कि डार्कनेट पर मौजूद इन पेपर्स को, एग्जाम के क्वेश्चन पेपर्स से मिलाया गया तो दोनों एक ही थे। इसीलिए पेपर कैंसिल किया गया। सायबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपनी पहली इंवेस्टिगेशन में यही पाया कि UGC NET के पेपर ऑनलाइन वेब पोर्टल डार्कनेट और टेलीग्राम पर डाले गए थे। इसके साथ ही प्रधान ने कहा कि नए एग्जाम की डेट जल्दी ही घोषित की जाएगी। 18 जून को हुआ पेपर डार्कनेट और टेलीग्राम पर 500 से 5 हजार रुपए तक में बेचा गया था। CBI ने UGC NET के मामले में दर्ज की FIR UGC NET पेपर लीक मामले की जांच के लिए CBI ने धारा 120B और 420 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसकी जांच की जिम्मेदारी CBI इंस्पेक्टर सुनील कुमार को सौंपी गई है। दरअसल, 18 जून को आयोजित किए गए UGC NET एग्जाम में पेपर लीक के मामले को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई ने वेरिफाई किया थी। 20 जून को हायर एजुकेशन सेक्रेटरी के. संजय मूर्ति को ये जानकारी दी गई थी। इसके तुरंत बाद NET के पेपर को रद्द कर दिया गया था। UGC NET को लेकर कांग्रेस का देशव्यापी प्रोटेस्ट UGC NET का पेपर रद्द होने के बाद से ही अलग-अलग हिस्सों में इसे लेकर स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं। 21 जून को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में स्टूडेंट्स और कांग्रेस कार्यकर्ता UP विधान सभा घेराव के लिए निकले थे। लेकिन थोड़ा ही आगे जाने पर बैरिकेडिंग कर पुलिस ने सभी को रोक लिया। यहां कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। इसी बीच अजय राय समेत पार्टी नेता बैरिकेडिंग से आगे बढ़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक उनको रोका और धक्का मुक्की हुई। समाजवादी छात्र सभा ने भी पेपर लीक को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन किया। इसके साथ ही MK स्टालिन ने X पर लिखा 'NEET और UGC NET जैसी हर परीक्षा लीक कर सरकार छात्रों के मनोबल और उम्मीद को तोड़ रही है। छात्रों और नौजवानों के अधिकार को लेकर हम समाजवादी मैदान में हैं।' NEET एग्जाम को लेकर भी टेलीग्राम पर पेपर लीक का दावा डॉक्टर्स, स्टूडेंट्स और एक्टिविस्ट ने NEET को लेकर शिकायतें दर्ज की हैं। ये भी दावा किया है कि NEET कैंडिडेटस को एग्जाम के पहले टेलीग्राम पर अलर्ट आया था। RTI एक्टिविस्ट विवेक पांडे ने इसे लेकर सवाल उठाएं हैं। कई स्टूडेंट्स ने भी ये दावा किया है कि उन्हें एग्जाम से पहले इस तरह के कॉल आए थे, जिसमें पैसे के बदले क्वेश्चन पेपर ऑफर किया गया था। 19 जून को पेपर कैंसिल हुआ था 19 जून को देर रात UGC NET एग्जाम में पेपर लीक के शक के चलते एग्जाम को कैंसिल कर दिया गया था। एजुकेशन मिनिस्ट्री ने प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी थी। दरअसल दो दिन पहले है यानी 18 जून को UGC की परीक्षा हुई थी।UGC परीक्षा रद्द होने के विरोध में आज शिक्षा मंत्री के घर के बाहर स्टूडेंट्स और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा-डार्कनेट से हुआ पेपर लीक:UGC NET पेपर लीक मामले में CBI को सौंपी जांच; 500 से 5 हजार तक में बेचे पेपर
UGC NET एग्जाम कैंसिल होने के 24 घंटे के भीतर ही शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि UGC NET का पेपर 'डार्कनेट' पर पहले ही लीक हो चुका था। डार्कनेट पर कैंडिडेटस को बेचे गए पेपर डार्कनेट इंटरनेट पर एक प्राइवेट वेबसाइट है। इस वेबसाइट का इस्तेमाल ज्यादातर हैकर्स करते हैं या इसका इस्तेमाल गैर कानूनी एक्टिविटी में किया जाता है। NTA के एक अधिकारी ने बताया कि डार्कनेट पर मौजूद इन पेपर्स को, एग्जाम के क्वेश्चन पेपर्स से मिलाया गया तो दोनों एक ही थे। इसीलिए पेपर कैंसिल किया गया। सायबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपनी पहली इंवेस्टिगेशन में यही पाया कि UGC NET के पेपर ऑनलाइन वेब पोर्टल डार्कनेट और टेलीग्राम पर डाले गए थे। इसके साथ ही प्रधान ने कहा कि नए एग्जाम की डेट जल्दी ही घोषित की जाएगी। 18 जून को हुआ पेपर डार्कनेट और टेलीग्राम पर 500 से 5 हजार रुपए तक में बेचा गया था। CBI ने UGC NET के मामले में दर्ज की FIR UGC NET पेपर लीक मामले की जांच के लिए CBI ने धारा 120B और 420 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसकी जांच की जिम्मेदारी CBI इंस्पेक्टर सुनील कुमार को सौंपी गई है। दरअसल, 18 जून को आयोजित किए गए UGC NET एग्जाम में पेपर लीक के मामले को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई ने वेरिफाई किया थी। 20 जून को हायर एजुकेशन सेक्रेटरी के. संजय मूर्ति को ये जानकारी दी गई थी। इसके तुरंत बाद NET के पेपर को रद्द कर दिया गया था। UGC NET को लेकर कांग्रेस का देशव्यापी प्रोटेस्ट UGC NET का पेपर रद्द होने के बाद से ही अलग-अलग हिस्सों में इसे लेकर स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं। 21 जून को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में स्टूडेंट्स और कांग्रेस कार्यकर्ता UP विधान सभा घेराव के लिए निकले थे। लेकिन थोड़ा ही आगे जाने पर बैरिकेडिंग कर पुलिस ने सभी को रोक लिया। यहां कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। इसी बीच अजय राय समेत पार्टी नेता बैरिकेडिंग से आगे बढ़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक उनको रोका और धक्का मुक्की हुई। समाजवादी छात्र सभा ने भी पेपर लीक को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन किया। इसके साथ ही MK स्टालिन ने X पर लिखा 'NEET और UGC NET जैसी हर परीक्षा लीक कर सरकार छात्रों के मनोबल और उम्मीद को तोड़ रही है। छात्रों और नौजवानों के अधिकार को लेकर हम समाजवादी मैदान में हैं।' NEET एग्जाम को लेकर भी टेलीग्राम पर पेपर लीक का दावा डॉक्टर्स, स्टूडेंट्स और एक्टिविस्ट ने NEET को लेकर शिकायतें दर्ज की हैं। ये भी दावा किया है कि NEET कैंडिडेटस को एग्जाम के पहले टेलीग्राम पर अलर्ट आया था। RTI एक्टिविस्ट विवेक पांडे ने इसे लेकर सवाल उठाएं हैं। कई स्टूडेंट्स ने भी ये दावा किया है कि उन्हें एग्जाम से पहले इस तरह के कॉल आए थे, जिसमें पैसे के बदले क्वेश्चन पेपर ऑफर किया गया था। 19 जून को पेपर कैंसिल हुआ था 19 जून को देर रात UGC NET एग्जाम में पेपर लीक के शक के चलते एग्जाम को कैंसिल कर दिया गया था। एजुकेशन मिनिस्ट्री ने प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी थी। दरअसल दो दिन पहले है यानी 18 जून को UGC की परीक्षा हुई थी।UGC परीक्षा रद्द होने के विरोध में आज शिक्षा मंत्री के घर के बाहर स्टूडेंट्स और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।