पूर्व CM का कोरोना पर पार्टी से अलग रुख: वसुंधरा राजे बोलीं- कोविड के समय राजनीति नहीं, राज्य नीति पर चलना होगा, तो आओ साथ चलें; जबकि पार्टी के नेता गहलोत पर निशाना साध रहे
कोविड संकट और वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस भाजपा के बीच चल रही बयानबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि कोविड के समय राजनीति नहीं,राज्य नीति पर चलना होगा। तो आओ साथ चलें। कोविड के कारण देश ही नहीं, हमारा प्रदेश भी संकट से गुज़र रहा है। ऐसी स्थिति में डरने की नहीं, सावधानी बरतने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि अगर हम स्वेच्छा से घर पर रहते हैं तो इसका फ़ायदा परिवार को ही नहीं पूरे प्रदेश को होगा। मास्क पहनोगे और हाथ धोओगे तो इसका लाभ भी सबको मिलेगा।
वसुंधरा राजे का बयान ऐसे वक्त आया है जब भाजपा के बाकी नेता राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राजे ने सियासी बयानबाजी से हटकर बयान दिया है। सुबह इसी लाइन पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने बयान दिया था। कोविड संकट के बाद वसुंधरा राजे के इस बयान की सियासी हलकों में चर्चाएं हैं। 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को फ्री वैक्सीन की मांग को लेकर कल से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ गहलोत सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
लीक से हटकर बयान
वसुंधरा राजे का यह बयान लीक से हटकर आया है। मुख्यमंत्री ने मिनी लॉकडाउन से पहले पिछले दिनों सभी दलों के नेताओं, धर्मगुरुओं से चर्चा की थी, उस वक्त राजे उसमें शामिल नहीं हुईं थीं। उस दिन भाजपा नेताओं ने कोविड में सरकार के साथ होने और इसे लेकर सियासी बयानबाजी नहीं करने की बात कही थी। उस दिन के बाद फिर से कोरोना वैक्सीन, ऑक्सीजन और रेमडेसिवर की कमी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है।
राजे के बयान के सियासी मायने, भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से अलग लाइन
वसुंधरा राजे का बयान लंबे समय बाद आया है। कोविड संकट में उन्होंने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व से अलग लाइन ली है। यह बयान भले सियासी नहीं है लेकिन इसके मायने सियासी हैं। राजे ने साफ कर दिया है कि कोरोना पर वे प्रदेश भाजपा के नेताओं के मौजूदा आरोप प्रत्यारोपों से इत्तेफाक नहीं रखतीं। उन्होंने साफ संकेत दे दिए हैं कि वे मुद्दों पर खुद स्टैंड लेंगी।


