कोरोना ने छीनी खुशियां: सात दिन बाद बेटी को दुल्हन बनते देखने वाली मां की कोरोना ने छीनी सांसें, बेटी की चीखों से गूंजा मोक्षधाम

कोरोना ने छीनी खुशियां: सात दिन बाद बेटी को दुल्हन बनते देखने वाली मां की कोरोना ने छीनी सांसें, बेटी की चीखों से गूंजा मोक्षधाम

कोरोना की दूसरी खतरनाक लहर के बीच गुरुवार रात दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। कोविड के कारण इस दर्दभरी कहानी से हमें सबक लेने की जरूरत है। परिवार में खुशी के बीच कोराेना से मां की मौत ने सिर्फ एक बेटी ही नहीं, बल्कि सभी को झकझोर के रख दिया। नाथोतालाब श्मशानघाट बेटी दीपा की चीखों से हिल गया। वह बेसुध हो गई। 30 अप्रैल को दीपा की शादी होनी है।

मध्यप्रदेश के शहडोल की 45 वर्षीय शकुन देवी की कोरोना से मौत हो गई। कोविड ने दीपा के जीवन की एकमात्र सहारा उसकी मां को उससे छीन लिया। कोविड गाइडलाइन के कारण बेटी अंतिम समय में न ठीक से मां को देख पाई और न ही उन्हें छू पाई। बस दूर खड़ी जोर-जोर से रोती रही। देखते ही देखते पत्थर सी होकर वहीं बैठ गई।

शकुन देवी 19 अप्रैल को बेटी दीपा की शादी करने के लिए सुजानगढ़ आई थीं। वैवाहिक वेबसाइट पर सुजानगढ़ के राजकुमार शर्मा से बेटी का रिश्ता तय किया था। इसी 30 अप्रैल को शादी होनी है। शादी के सामान की खरीदारी के लिए वह बेटी को लेकर 19 अप्रैल दोपहर को ही सुजानगढ़ पहुंच गई थीं। कुछ और रिश्तेदारों का शादी के एक दो दिन पहले आने का कार्यक्रम तय हुआ था।

शकुन देवी
शकुन देवी

बेटी की शादी करने 19 अप्रैल को सुजानगढ़ आते ही शकुन देवी को सांस में तकलीफ होने लगी, 22 अप्रैल को मौत

19 अप्रैल की शाम शकुन देवी को सांस में तकलीफ होने लग गई। डॉक्टर को दिखाया तो अस्पताल भेजकर कोविड सैंपल लेने की सलाह दी व फेंफड़ों की जांच करवाई। 20 अप्रैल शाम को हालत बिगड़ गई और ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा तो चूरू के कोविड सेंटर ले गए। गुरुवार दोपहर शकुन देवी की मौत हो गई।

शव को सीधे नाथोतालाब श्मशान घाट लाया गया, जहां बेटी दीपा ने उसके अंतिम संस्कार को दूर से देखा और दहाड़े मार कर रोने के बाद बेसुध हो गई। ऐसी हालत में राजकुमार की भाभी राधिका ने उसे संभाला। टीम हारे का सहारा संयोजक श्याम स्वर्णकार, दीपा के मंगेतर राजकुमार व एक अन्य परिजन ने पीपीई किट पहन कर अंतिम संस्कार करवाया।

इधर, 19 अप्रैल को ही शहर के हनुमानधोरा के 40 वर्षीय युवक मूलचंद गुर्जर ने कोरोना संक्रमित के बाद गुरुवार रात सीकर के सांवली कोविड सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अंतिम संस्कार नाथोतालाब स्थित मुक्तिधाम में किया गया।