नॉयज ऑफ साइलेंस: NRC के मुद्दे को लेकर बनाई गई फिल्म को काफी पसंद किया गया

नॉयज ऑफ साइलेंस: NRC के मुद्दे को लेकर बनाई गई फिल्म को काफी पसंद किया गया

भारत में बीते साल NRC का मुद्दा काफी चर्चा में रहा था। जो असम में लाखों हिंदू और मुस्लिमाें के नाम NRC लिस्ट से हटा दिए गए थे। जिसके बाद उन पर देश छोड़ने का दबाव बना हुआ था और उन्हें रिफ्यूजी बताया गया है। इसी पर आधारित एक ‘नॉयज ऑफ साइलेंस' (Noise of Silence) नाम की फ़िल्म बनाई गई है। जो सत्य घटना पर आधारित है। इस फिल्म के मुख्य पात्र में है पूजा झा। पूजा इस फिल्म में एक रोहिंग्या मुस्लिम लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो फिल्म में अपनी मां की तलाश करती नजर आ रही है। फिल्म का ट्रेलर भी काफी धूम मचा चुका है।

‘नॉयज ऑफ साइलेंस' फिल्म की कहानी रियल इंसीडेंट पर आधारित है। असम में बीते साल NRC का मुद्दा बहुत ही ज्यादा गरमाया हुआ था। NRC लिस्ट में करीब 19 लाख लोगों के नाम हटा दिए गए थे। मतलब कि लिस्ट के हिसाब से इतने लोग भारत के नागरिक नहीं हैं। इसमें लगभग 15 लाख लोग थे और 4 लाख के करीबन मुस्लिम थे।

फ़िल्म की कहानी में म्यांमार से आई एक रोहिंग्या समुदाय की लड़की है, जो अपनी मां की तलाश कर रही है। कहानी का दूसरा पात्र एक शख्स है, जो अपनी बीवी का नाम राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खाता दिखता है। दो विपरीत कहानियां एक अहम मुकाम पर आकर एक दूसरे से टकराती हैं। भारतीय सिनेमा का ये अपनी तरह का एक अनूठा प्रयोग है, जिसमें राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर को मुख्य विषय को फिल्म में शामिल किया गया है। फिल्म के निर्देशक सैफ बैद्या ने इस फिल्म की शूटिंग त्रिपुरा में की है और इसमें उन्हें वहां के स्थानीय कलाकारों की भी काफी मदद मिली है।