उमस से बिलों को छोड़ घर की चीजों में आसरा ढूंढ़ते हैं सांप
मानसून की समय पूर्व विदाई के हालात और बढ़ती उमस ने इंसानों को ही नहीं सर्पों को भी बेचैन कर दिया है। इस कारण सांप बिलों से निकलकर अब ऐसे इलाकों में पहुंच रहे हैं, जहां अंधेरा रहता है। इसीलिए इन दिनों जूतों, गेंत, बिटोरा, तबेले, अलमारी और कपड़ों में सर्प निकलने की ज्यादा घटनाएं सामने आ रही हैं।
शनिवार को भी गांव बछामदी के एक बिटोरा में सांप निकला, जिसे स्नेक कैचर देवेंद्र झा ने पकड़ कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। जिले में इस साल सांप काटने की वजह से करीब 13-14 लोगों की जान जा चुकी है। अक्सर देखा गया है कि सांप के काटने पर रोगी को उसके परिजन भोपा और तांत्रिकों के पास ले जाते हैं। वे झाड़फूंक और तांत्रिक क्रिया के दम पर रोगी को ठीक करने का दावा करते हैं। लेकिन, ज्यादातर मामलों में रोगी को जान ही गंवानी पड़ती है। जबकि अगर सांप के काटने पर रोगी को सीधे अस्पताल लाया जाए तो उसके बचने की संभावनाएं ज्यादा हैं।
पिछले 8 साल से सर्प को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ रहे स्नेक कैचर देवेंद्र झा कहते हैं कि इन दिनों में सांप निकलने के मामले 30 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। क्योंकि बारिश की वजह से उनके बिलों में पानी भर जाता है और कई बार मिट्टी भर जाती है। बारिश का दौर थमने के बाद तेज धूप और उमस पड़ती है।
इस वजह से सांप भोजन और सुरक्षा की तलाश में घरों में घुस जाते हैं, क्योंकि उन्हें वहां ठंडक मिलती है। चूंकि इन दिनों तेज धूप और उमस का माहौल है। इसीलिए सांप निकलने के मामले भी इस समय दोगुने से अधिक हो गए हैं। स्थिति यह है कि करैत जैसे जहरीले सांप तो मकानों की पहली मंजिल तक भी पहुंच रहे हैं। इनमें कोबरा, करैत, रसल वाइपर आदि जहरीले सांप होते हैं।
सावधानी रख ऐसे पकड़ सकते हैं सांप
स्नेक कैचर देवेंद्र झा ने बताया कि वैसे तो सांप को पकड़ने के दौरान सुरक्षा के लिए स्टिक होनी चाहिए। लेकिन, सावधानी पूर्वक किसी डंडे की सहायता से भी सांप को पकड़ सकते हैं। इसके लिए झिझक और भय त्यागना पड़ता है। काेबरा, वाइपर, करैत ही ज्यादा जहरीले होते हैं। इसलिए ज्यादा सावधानी बरतें। वैसे सांप बहुत ही संवेदनशील और सतर्क जीव है। यह अटैक तभी करता है जब उसे खतरा हो।
इन बातों का ध्यान जरूर रखें
जूते पहनने से पहले देखें क्योंकि करैत सांप कई बार जूते में छिप जाता है। यह अंधेरे में रहना पसंद करता है। गेंत, बिटोरा, तबेले आदि सुनसान स्थान पर जाने पर आहट करें। रात में बाहर निकलने पर चप्पल-जूते जरूर पहनें। क्योंकि सांप सबसे ज्यादा हाथ या पैर पर काटता है। अंधेरे में सामान उठाने के पहले अच्छे से देख लें। सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल जाएं। काटे गए स्थान के ऊपर कपड़ा बांध दें। अगर सांप दिख रहा है तो उसका फोटो ले लें। इससे पहचान और इलाज में आसानी होगी। घर के आसपास बेल या पेड़ खिड़की पर आ रहे हैं तो इन्हें छंटवाएं। कई बार बेल आदि से सांप ऊपर पहुंच जाते हैं और घर की चीजों में पनाह ले लेते हैं।


