Sukanya Samriddhi Yojana: 31 मार्च तक यह काम नहीं किया तो बंद हो जाएगा अकाउंट, जानिए क्यों
Sukanya Samriddhi Yojana: If this work is not done till 31st March, the account will be closed, know why
सरकार ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए कई तरह की स्कीम चलाई है। इन स्कीम में से एक सुकन्या समृद्धि योजना भी है। यह एक इन्वेस्टमेंट प्लान है। इसमें निवेश की गई राशि के साथ किसानों को अच्छा रिटर्न भी मिलता है। इस स्कीम का लाभ 31 मार्च 2024 के बाद कई निवेशकों को नहीं मिलेगा। चलिए इस आर्टिकल में इसके पीछे की वजह जानते हैं।
केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए कई स्कीम्स चला रही है। यह स्कीम्स महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है। इन स्कीम में से एक सुकन्या समृद्धि योजना है। यह स्कीम खासकर बेटियों के लिए शुरू किया गया था।
इस स्कीम में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निवेश किया जाता है। इस स्कीम में (Sukanya Samriddhi Account) को एक्टिव रखने के लिए मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी है। अगर निवेशक मिनिमम बैलेंस को मैंटेन नहीं करता है तो उनका अकाउंट फ्रीज हो जाएगा। दोबारा अकाउंट को एक्टिव करने के लिए पेनल्टी देना होगा।
कब तक मैंटेन करना होता मिनिमम बैलेंस
31 मार्च 2024 तक अकाउंट होल्डर को मिनिमम बैलेंस केो मैंटेन करना होता है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनका अकाउंट इनएक्टिव हो जाएगा। अकाउंट को दोबारा शुरू करने के लिए खाताधारक को जुर्माना देना होगा।
मिनिमम बैलेंस के लिए कितना जमा करना होता है राशि
सुकन्या समृद्धि योजना में मिनिमम बैलेंस 250 रुपये है। खाताधारक को एक वित्त वर्ष में कम से कम 250 रुपये जमा करना होता है। अगर वह पूरे वित्त वर्ष में 250 रुपये नहीं जमा करते हैं तो उनका अकाउंट इनएक्टिव हो जाएगा।
इनएक्टिव अकाउंट को दोबारा शुरू करने के लिए 50 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से जुर्माना देना होगा।
सुकन्या समृद्धि योजना सरकार 8.2 फीसदी की हिसाब से ब्याज देता है। इस स्कीम में निवेशक को एक वित्त वर्ष में कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये का निवेश करना होता है।
यह स्कीम 21 साल के बाद मैच्योर हो जाता है। जब बेटी की उम्र 18 साल की हो जाती है तब वह सुकन्या समृद्धि अकाउंट से 50 फीसदी राशि विड्रॉ कर सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना में मिलता है टैक्स का लाभ
सुकन्या समृद्धि योजना में सरकार टैक्स बेनिफिट की सुविधा देता है। इस पर तीन असर स्तर पर टैक्स का छूट दिया जाता है। आयकर अधिनियम के 80C के तहत 1.50 लाख रुपये का सालाना निवेश का टैक्स डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा इस योजना में मिलने वाले रिटर्न पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
इस योजना में मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता है यानी कि यह टैक्स फ्री होता है।
Kumkum sharma 

