सानू रेल लाइन प्रोजेक्ट में 10 करोड़ के घपले की आशंका, 350 करोड़ के प्रोजेक्ट में घटिया निर्माण नजर आया तो विजिलेंस ने जांच शुरू की

सानू रेल लाइन प्रोजेक्ट में 10 करोड़ के घपले की आशंका, 350 करोड़ के प्रोजेक्ट में घटिया निर्माण नजर आया तो विजिलेंस ने जांच शुरू की

जयपुर: उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के सानू-हमीरा रेल लाइन में दस करोड़ की धांधली का मामला आया है। लाइम स्टोन लदान के लिए बनाए गए प्लेटफार्म की लोडर चलते ही पोल खुल गई थी। प्रोजेक्ट 350 करोड़ का था और उद्घाटन के पहले दिन घटिया निर्माण नजर आया तो रेलवे विजिलेंस ने जांच् शुरू कर दी। टीम ने बुधवार को निर्माण सामग्री के नमूने लेने के साथ इस प्रोजेक्ट की डिजायन में बरती गई लापरवाही को जांच का बिंदु बनाया है।

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प्रोजेक्ट रेलवे के ही निर्माण विभाग ने पूरा किया था, ऐसे में अफसरों पर गाज तय है। राज्य की राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल लिमिटेड व रेलवे ने प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दिया था। आरएसएमएमएल ने राशि रेलवे को दे दी तो रेलवे ने हिस्से की राशि मिलाकर निर्माण विंग को प्रोजेक्ट सौंपा।

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प्रोजेक्ट पूरा होने पर पहली ट्रेन चली तो प्लेटफार्म की डिजायन में खामी दिखी। ट्रेन फंस गई। प्लेटफार्म में इस कदर घटिया सामग्री काम में ली गई कि लाइम स्टोन लोडिंग के लिए लोडर दौड़े तो प्लेटफार्म के नीचे से रेत व पत्थर के टुकड़े निकल कर बाहर आ गए। जयपुर मुख्यालय से टीम सानू पहुंची और नमूने लेकर जयपुर लौट आई।

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घटिया निर्माण मतलब, कमीशन का बड़ा खेल
इस मामले में प्राथमिक रूप से घटिया निर्माण की बात हर कोई मान रहा है। विजिलेंस की जांच में यह पहलु भी शामिल किया जा सकता है कि करीब 10 करोड़ रुपए का फायदा ठेकेदार को पहुंचाया गया है। इसमें अफसरों को कितना कमीशन मिला, इसकी भी जांच हो सकती है।

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रेलवे के निर्माण विभाग के अफसरों की ही मॉनिटरिंग में यहा काम हो रहा था, ऐसे में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता व प्लेटफार्म की डिजायन में बरती गई लापरवाही को यूं ही नजरअंदाज कैसे किया जा सकता है, इस पर सवाल उठ रहे हैं।