कोरोना जैसी महामारी में कानून तोड़ा तो 10 हजार तक जुर्माना और 2 साल तक की कैद...या दोनों

कोरोना जैसी महामारी में कानून तोड़ा तो 10 हजार तक जुर्माना और 2 साल तक की कैद...या दोनों

जयपुर: कोरोना, स्वाइन फ्लू, प्लेग, स्क्रब टाइफस, कांगो फीवर जैसी महामारी को लेकर अब जिला कलेक्टर को अधिकारी दिए गए हैं। इसमें नोटिफिकेशन, जांच, क्वारेंटाइन, इलाके को सील करना, सीएमएचओ के जरिए टीम भेजना, शिविर लगाना, अस्पतालों को अधिकृत करना आदि शामिल है।

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प्रदेश में कोरोना के बाद 1957 से चल रहे एपिडेमिक डिजीज एक्ट को खत्म कर नया महामारी कानून 2020 लागू कर दिया गया है। इसके तहत महामारी के दौरान नियमों की पालना नहीं करने वालों पर जुर्माना, सजा या दोनों लगाए जा सकते हैं। धारा 5 में पांच में अब कानून तोड़ने पर दस हजार रुपए तक जुर्माना या दो साल की सजा का प्रावधान किया गया है। नियम तोड़ने को संज्ञेय अपराध माना है। पुलिस स्वप्रेरणा से अपराध दर्ज कर सकती है।केन्द्र सरकार ने 22 अप्रैल, 2020 को एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में नए संशोधन को मंजूरी दी थी।

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इसमें हेल्थकेयर वर्कर्स पर हमला करने पर 6 महीने से लेकर 7 साल तक की कैद का प्रावधान है। इसे गैर-जमानती अपराध भी घोषित किया है। पहले सरकार महामारी से निपटने के लिए एनडीएमए एक्ट में कार्रवाई करती थी।

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अब महामारी से निपटने के लिए सरकार को कई तरह के अधिकार मिल गए हैं। इस बारे में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा का कहना है कि विधानसभा में राजस्थान एपिडेमिक डिजीज बिल-2020 पारित किया गया है। जिसके तहत धार्मिक स्थलों और स्कूल-कॉलेज जैसे संस्थानों को खोलना या बंद करना और सीमाओं को सील करने का अधिकार दिया गया है। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सजा का प्रावधान किया गया है।