पायलट के गढ़ में चुनौती देंगे ओवैसी, 19 फरवरी को टोंक में मतदाताओं की टटोलेंगे नब्ज

पायलट के गढ़ में चुनौती देंगे ओवैसी, 19 फरवरी को टोंक में मतदाताओं की टटोलेंगे नब्ज

-18 फरवरी को भरतपुर के कामां और 19 फरवरी को टोंक विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभा करेंगे असदुद्दीन ओवैसी, प्रदेश की 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

 प्रदेश में 10 महीने के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर(एआईएमआईएम) पार्टी ने भी अपनी सक्रियता तेज कर दी है। प्रदेश में पिछले 1 साल से चुनावी जमीन तलाश रही एमआईएम अब जन सभाओं के जरिए मतदाताओं की नब्ज टटोलने का काम भी शुरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर एमआईएम के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे जहां ओवैसी जन सभाओं के जरिए मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करेंगे।

19 फरवरी को पायलट के गढ़ में जनसभा
दिलचस्प बात तो यह है कि इस बार चुनावी दौरे पर आ रहे एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी 19 फरवरी को राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम रहे सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक में चुनावी जनसभा करेंगे और जनसभा के बाद टोंक विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों में भी लोगों से जनसंपर्क करेंगे।

सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र टोंक को अल्पसंख्यक बाहुल्य माना जाता है। ऐसे में ओवैसी ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सचिन पायलट को उनके घर में ही चुनौती देने की तैयारी कर ली है। वहीं टोंक में असदुद्दीन ओवैसी की चुनावी जनसभा को सफल बनाने के लिए एमआईएम स्थानीय कार्यकर्ता और नेता भी तैयारियों में जुटे हुए हैं।कामां में भी 18 फरवरी को चुनावी जनसभा करेंगे ओवैसी
वहीं अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान असदुद्दीन ओवैसी 18 फरवरी को भी भरतपुर के कामां विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभा करेंगे। भरतपुर का कामां विधानसभा क्षेत्र भी अल्पसंख्यक बाहुल्य माना जाता है, खास तौर पर यहां पर मेव जाति के मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। जाहिदा खान यहां से दूसरी बार विधायक हैं और सरकार में मंत्री हैं।

40 सीटों पर ओवैसी का फोकस
दरअसल असदुद्दीन ओवैसी का फोकस इन दिनों प्रदेश की 40 सीटों पर है। यह 40 सीटें ऐसी हैं जहां पर अल्पसंख्यक बाहुल्य है या फिर कई सीटों पर निर्णायक भूमिका में है। राजधानी जयपुर की हवामहल, किशनपोल और आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र भी इन 40 सीटों में शामिल हैं।

शेखावाटी में भी चुनावी दौरा कर चुके हैं ओवैसी
इससे पहले बीते साल असदुद्दीन ओवैसी शेखावाटी अंचल पर भी सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले के दौरे करके चुनावी जनसभाएं कर चुके हैं। शेखावाटी अंचल की भी कई सीटें अल्पसंख्यक बाहुल्य हैं।