हाई वोल्टेज से कोविड लैब की फुंकी मशीनों की जांच के लिए जयपुर से पहुंचे इंजीनियर
हाई वोल्टेज से कोविड लैब की फुंकी मशीनों की जांच के लिए सोमवार को जांच के लिए जयपुर से एनएचएम और कंपनियों के इंजीनियर अलवर पहुंचे। एनएचएम के एईएन ओपी विश्नोई ने लैब में बिजली सप्लाई की लाइनों की जांच की। इस दौरान ठेकेदारों के इलेक्ट्रिशयन से लाइनों को सुधरवाया, लेकिन डिस्कॉम की लाइनों में सप्लाई में 250 वोल्टेज मिले, जो सामान्य से अधिक थे।
एईएन से इलेक्ट्रिशियनों से अपनी मौजूदगी में सभी लाइनों की जांच कराई और बिजली वोल्टेज को सामान्य करने के लिए सर्वो वोल्ट स्टेबलाइजर लगाने का सुझाव दिया। क्योंकि लैब की मशीनों पर 220 से 230 वोल्टेज पर संचालित करने के निर्देश लिखे हुए हैं। वहीं हाई वोल्टेज से फुंक मशीनों की जांच और सुधार के लिए कंपनियों के इंजीनियर पूरे दिन लगे रहे। अभी मशीनें नहीं सुधारी जा सकी हैं। क्योंकि मशीनों के जो पार्ट खराब हुए हैं, उन्हें कंपनियों से मंगवाना पड़ेगा।
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हाई वोल्टेज से फुंकी थी लैब की मशीनें
लैब की बिजली लाइनों में न्यूट्रल वायर के जलने पर डबल फेस (440 वोल्ट) होने पर 2 एलनप्रो फ्रीज, 1 बायो सेफ्टी केबिनेट विद वायरस वर्न यूनिट, 1 थर्मो साइंटीफिक सेंट्रीफ्यूज मशीन, 1 रेमी सेंट्रीफ्यूज मशीन, 2 एयर कंडीशनर, 2 स्टेबलाइजर्स, 2 यूपीएस, 1 सीसीटीवी व 1 इंटरकॉम सैटअप और 2 यूपीएस बायोरेड खराब होने से जांच ठप हो गई।


