सिलेबस बदलने से पुरानी किताबें भी नहीं आ रही काम अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं अगले महीने, 12वीं की चित्रकला बुक अब तक नहीं मिली
राज्य के स्कूलों में अगले माह 13 दिसंबर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू होंगी। स्टूडेंट्स ने अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी है। उधर, दूसरी ओर राज्य के सरकारी स्कूलों की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले चित्रकला सब्जेक्ट के 17 हजार स्टूडेंट्स को आधा सत्र बीत जाने के बाद भी किताबें नहीं मिली है। किताबें नहीं होने से मजबूरन ड्रॉइंग के छात्र-छात्राओं को पासबुक का सहारा लेना पड़ रहा है।
शिक्षा सत्र 2021-22 से 12वीं चित्रकला विषय के सिलेबस में बदलाव किया गया है। एनसीईआरटी का सिलेबस लागू होने के कारण स्टूडेंट्स को पिछले साल की किताबें भी काम नहीं आ रही है। राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल की ओर से अभी तक स्कूलों में 12वीं के छात्र-छात्राओं को चित्रकला के पुस्तक नहीं पहुंचाई गई है।
प्रदेश के 400 से अधिक उच्च माध्यमिक स्कूलों में चित्रकला विषय संचालित है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले 17 हजार से अधिक स्टूडेंट्स को सितंबर और अक्टूबर माह में बिना किताबों के ही फर्स्ट और सेकंड टेस्ट देना पड़ा था। उधर, किताबें नहीं होने के कारण शिक्षक स्टूडेंट्स का कोर्स भी पूरा नहीं करवा पा रहे हैं।
पिछले 3 सालों में चित्रकला ऐच्छिक विषय लेने वाले स्टूडेंट्स
साल - स्टूडेंट्स
2020 - 17414
2019 - 17013
2018 - 15542
नोट: यह संख्या सरकारी स्कूलों की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले चित्रकला सब्जेक्ट के स्टूडेंट्स की है।
सरकार को जल्द से जल्द स्कूलों में चित्रकला विषय की किताबों का वितरण करना चाहिए। ताकि स्टूडेंट्स अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी कर सकें। -महेश गुर्जर, महासचिव, राजस्थान बेरोजगार चित्रकला अभ्यर्थी संगठन
12वीं कक्षा की चित्रकला पुस्तकों की डिमांड पाठ्य पुस्तक मंडल को भिजवाई हुई है। पुस्तके आते ही स्कूलों में वितरण किया जाएगा। -राजकुमार शर्मा, सीडीईओ, माध्यमिक शिक्षा
9वीं और 11वीं कक्षा का सिलेबस पिछले साल बदला गया था। इस सत्र से 10वीं और 12वीं के चित्रकला सब्जेक्ट के सिलेबस में बदलाव हुआ है। किताबे समय पर नहीं पहुंचने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। -सुनील दत्त रंगा, व्याख्याता, चित्रकला


