राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला तिरंगा फहराने के कुछ ही देर बाद उतारा; कमरे में बंद कर गया स्टाफ, तहसीलदार मौके पर पहुंचे तो हुई पुष्टि
राजकीय पशु अस्पताल रामगढ़ के अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण के कुछ ही देर बाद राष्ट्रीय ध्वज कार्यालय से उतार दिया। नाश्ता करने के बाद तिरंगा कमरे में बंद कर घर चले गए। सूचना पर रामगढ़ तहसीलदार अस्पताल पहुंचे।
दोपहर करीब 3.30 बजे गेट पर ताला लगा था और तिरंगा नहीं लगा हुआ था। तहसीलदार घमंडी राम मीणा ने आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि सुबह झंडारोहण के कुछ देर बाद स्टाफ ने इसे उतार दिया और घर चले गए। तहसीलदार ने अस्पताल के डॉ अशोक कुमार मिश्रा को फोन कर जानकारी की। डॉ मिश्रा ने बताया कि वे झंडे की सुरक्षा के लिए कर्मचारी की ड्यूटी लगाकर घर चले गए थे। मौके पर तहसीलदार ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला है। ध्वजारोहण के बाद समय से पूर्व राष्ट्रीय ध्वज को उतारकर कमरे में बंद करने की पुष्टि हुई है।
इस पर कार्रवाई करेंगे। इसके बाद उन्होंने झंडा निकलवा इसे फहराया। लेकिन बुधवार को तहसीलदार भी अपनी बात से पलट गए। मामले में उनका कहना था कि कोई खबर इस बारे में छपती है तब ही कार्रवाई करेंगे। प्रशासन को रिपोर्ट भी भेजी जाएगी। जबकि एक दिन पहले उन्होंने डॉ मिश्रा को मोबाइल पर लताड़ते हुए चार्जशीट की चेतावनी दी थी।
दोपहर में ही झंडा उतारने की सूचना पर मौके पर गया था। यहां सुबह झंडा फहराने के बाद उतार लेने की बात सामने आई। अभी तक उच्चाधिकारी अथवा जिला प्रशासन को मैंने सूचना नहीं दी है। खबर छपेगी और अधिकारी जवाब मांगेंगे तो जानकारी देंगे। -घमंडी राम मीना, तहसीलदार रामगढ़


