एनजीटी-सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का असर: एनसीआर में शामिल अलवर-भरतपुर के इलाकों में 15 साल पुराने पेट्रोल,10 साल पुराने डीजल वाहन नहीं चलेंगे

एनजीटी-सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का असर: एनसीआर में शामिल अलवर-भरतपुर के इलाकों में  15 साल पुराने पेट्रोल,10 साल  पुराने डीजल वाहन नहीं चलेंगे
सुप्रीम काेर्ट और एनजीटी के आदेशों का पालन करवाने को लेकर मुख्य सचिव की बैठक

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले प्रदेश के अलवर और भरतपुर जिलों के इलाकों में 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल के वाहन नहीं चल सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की राजस्थान सरकार ने सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव निरजंन आर्य ने आज सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की पालना की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को एनसीआर में नहीं चलाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए हैं।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी ) के एनसीआर क्षेत्र में एयर क्वालिटी सुधारने के आदेशों की पालना पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने एयर क्वालिटी मैनेजमेंट को लेकर एनजीटी के निर्देशों को अलवर भरतपुर, भिवाड़ी और इनके निकटवर्ती क्षेत्रों में सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। अलवर -भरतपुर के कलेक्टरों को अपने जिलों में एयर क्वावालिटी मैनेजमेंट के सुधार पर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। इस कार्ययोजना में रोड डस्ट,औद्योगिक इकाइयों और वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण में प्रभावी कमी लाने के उपायों पर फोकास किया जाएगा।

रोड डस्ट का प्रदूषण रोकने भिवाड़ी और आसपास के सभी रीको क्षेत्र में सीसी रोड बनेंगे

मुख्य सचिव ने एनसीआर के सभी रीको क्षेत्रों में सीसी रोड बनाने के निर्देश दिए हैं। निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि भिवाड़ी पूरी तरह से रीको के अधीन है और यहां वायु प्रदूषण में औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ रोड डस्ट का भी बड़ा योगदान है। इस क्षेत्र में रोड़-डस्ट का प्रदूषण में कुल 76.7 प्रतिशत होता है जो कि ज्यादा है।

एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करने वाली खानों पर कार्रवाई के आदेश

मुख्य सचिव ने एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन करने वाली खानों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। एनजीटी के निर्देशों की पालना में समयबद्ध योजना बनाकर एनसीआर क्षेत्र में जीरो एमिशन व्हीकल की तर्ज पर ई-व्हीकल,सीएनजी और एलएनजी वाहनों को बढ़ावा देने को कहा है।