आसमान में पति-पत्नी की लड़ाई:बीच में रोकनी पड़ी इंटरनेशनल फ्लाइट
कल एक अनोखी खबर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। जर्मनी से थाईलैंड जा रहे एक विमान की भारत में ही इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। कारण यह था कि उस फ्लाइट में सवार पति-पत्नी आपस में लड़ बैठे।
लड़ाई भी ऐसी वैसी नहीं थी। उनके झगड़े की वजह से क्रू मेंबर्स और बाकी पैसेंजर्स काफी परेशान हो गए। फ्लाइट को आगे ले जाना क्रू मेंबर्स के लिए मुश्किल हो गया। ऐसे में इंटरनेशनल फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग दिल्ली में कराई गई और झगड़ा करने वाले पति-पत्नी को फ्लाइट से उतार दिया गया।
आप सोच रहे होंगे कि पति-पत्नी में लड़ाई नए जमाने की बात है तो हजारों साल पुरानी एक मिथकीय कहानी पढ़िए। इसके मुताबिक दुनिया के पहले पति-पत्नी की भी आपस में नहीं बनी और दोनों लड़-झगड़कर अलग हो गए।
इतिहास की पहली जोड़ी की भी आपस में नहीं बनी
अब्राह्मिक यानी यहूदी-ईसाई मान्यताओं के अनुसार इस धरती पर जीवन की शुरुआत आदम और हव्वा से हुई। ईश्वर ने पहले स्त्री और पुरुष के रूप में आदम और हव्वा को धरती पर भेजा। फिर इन्हीं से दुनिया का सिलसिला बनता चला गया।
हालांकि, यह बात ज्यादा लोगों को पता नहीं कि ये जोड़ी ईश्वर की दूसरी कोशिश थी। ईश्वर ने पहले आदम की जोड़ी लिलिथ नाम की महिला के साथ बनाई। लेकिन दोनों का रिश्ता लड़ाई-झगड़े का शिकार हो गया और निभ नहीं पाया और फिर हव्वा आई।
बाइबिल के ओल्ड टेस्टामेंट में लिखा है कि ईश्वर ने आदम और लिलिथ को पहले पति-पत्नी के रूप में बनाया था। दोनों ईश्वर के आदेश से ईडन के स्वर्गीय बाग में रहते थे। लेकिन जल्दी ही दोनों में तनाव होने लगा। आदम का मानना था कि वह पुरुष है, इसलिए लिलिथ को उसके सामने झुककर रहना चाहिए और पति की सेवा करनी चाहिए।
दूसरी ओर लिलिथ का तर्क था कि ईश्वर ने दोनों को एक ही तरीके से बनाया है। इसलिए वह किसी भी मायने में आदम से कमतर नहीं है। लिलिथ ने अपने लिए बराबरी के अधिकार की मांग की। बात यहां तक बढ़ गई कि उसने संबंध बनाने के दौरान आदम के नीचे रहने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि वह किसी भी मामले में आदम से कम नहीं, इसलिए वह उसके नीचे नहीं रह सकती।
जानकर शायद आश्चर्य हो, लेकिन पति-पत्नी के बीच होने वाली नोंक-झोंक उनके रिश्ते के लिए काफी बेहतर है। स्टडी बताती है कि छोटी-मोटी लड़ाई और बहस करते रहने वाले जोड़ों में तलाक लेने की दर कम होती है। यानी उनका रिश्ते लड़ाई से दूर रहने वाले कपल्स के मुकाबले ज्यादा मजबूत होता है।
झगड़ा बनाए रिश्ता, लड़ने वाले पति-पत्नी कम लेते हैं तलाक
इतनी कहानी से आप यह तो समझ ही गए होंगे कि पति-पत्नी में झगड़ा होना नई बात नहीं और इसे पूरी तरह से टाला जाना भी संभव नहीं।
अमेरिका में 1000 शादीशुदा जोड़ों पर हुई एक स्टडी बताती है कि बहस और छोटी-मोटी लड़ाई करने वाले कपल्स का रिश्ता ज्यादा मजबूत होता है और उनमें तलाक की दर कम होती है।
इंटरनेशनल बेस्ट सेलिंग किताब ‘Crucial Conversations’ के राइटर जोसेफ ग्रेनी ने अपनी स्टडी में पाया कि बहस करने वाले कपल्स में तलाक की दर बाकी कपल्स के मुकाबले 10 गुना कम होती है।
लड़ने से कैसे संवरता है रिश्ता, रिलेशनशिप कोच से समझिए
जोसेफ ग्रेनी ने अपनी किताब में पति-पत्नी के बीच होने वाली बहसों के फायदे गिनाए हैं। इसके मुताबिक जब पति-पत्नी किसी मुद्दे पर लड़ाई या बहस करते हैं तो उस मुद्दे को लेकर उनकी समझ क्लियर हो जाती है। उस विषय को लेकर पति-पत्नी एक-दूसरे की पसंद-नापसंद समझ जाते हैं।
छोटी-छोटी लड़ाइयां किसी भी एक पार्टनर के मन में गुबार नहीं भरने देतीं। अगर पार्टनर्स बहस रोकने के लिए समझौते करना शुरू कर दें तो वे अंदर ही अंदर घुटने लगते हैं। एक समय बाद उन्हें ऐसा लगता है कि रिश्ते के लिए उन्हें बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी। फिर वो अचानक से फट पड़ते हैं। छोटी बहसबाजी को रोकने के चक्कर में वे एक बड़े झगड़े को न्योता देते हैं। इसी वजह से कम बहस करने वाले कपल्स में तलाक की दर ज्यादा होती है।
स्टडी का निचोड़ और रिलेशनशिप कोच की राय तो यही है कि पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी लड़ाइयां कॉमन और रिश्ते के लिए फायदेमंद हैं। यहां इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि पति-पत्नी की लड़ाई रिश्ते को खोखला न कर दे। उनके झगड़े की चर्चा दुनिया जहान में न हो। रिश्ते में प्यार की तरह तकरार भी नॉर्मल है। प्यार अकेले में करते हैं तो तकरार भी दुनिया के सामने न ही आए तो बेहतर है।
Kumkum sharma 

