1 चम्मच नमक कम करने से कंट्रोल में ब्लड प्रेशर:दवा खाने से ज्यादा जरूरी नमक कम खाना
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की वर्ष 2019 -20 की रिपोर्ट के मुताबिक हमारे देश में 24% पुरुष और 21% महिलाएं हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं। वहीं साल 2015-16 में ये आंकड़ा पुरुषों में 19% और महिलाओं में 17% था। मतलब सिर्फ पांच साल के भीतर करीब 5% का इजाफा।
आज दुनिया भर में कार्डियो वैस्क्युलर डिजीज यानी हृदय से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और इन बीमरियों के पीछे सबसे बड़ा कारण है हाइपरटेंशन। इंडियन हार्ट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2015 में हाइपरटेंशन की वजह से करीब 16 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई। दुनिया भर में आज इस हेल्थ क्राइसिस ने एक विकराल रूप धारण कर लिया है।
लेकिन हाल ही में इस दिशा में उम्मीद की एक किरण भी दिखी है। मेडिकल जर्नल जामा नेटवर्क में छपी एक रिसर्च के मुताबिक बिना दवाओं के भी ब्लड प्रेशर को काबू में रखा जा सकता है। इस स्टडी के मुताबिक, हाइपरटेंशन यानी ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने में दवाइयों से ज्यादा बड़ी और निर्णायक भूमिका हमारे खानपान यानी फूड की है।
इस रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अपने रोजमर्रा के खानपान में सिर्फ एक चम्मच नमक की मात्रा को कम करके उतना ही ब्लड प्रेशर कम किया जा सकता है, जितना कि यह बीपी और हाइपरटेंशन की दवाओं से कम होता है। यानी जितना फायदा दवा खाने से होता है, ठीक उतना ही फायदा नमक न खाने से भी हो सकता है।
रिसर्च की अगुवाई कर रहे वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी, अमेरिका के प्रोफेसर दीपक गुप्ता बताते हैं कि रिसर्च के दौरान उन्होंने पाया कि सिर्फ खाने में नमक की मात्रा कम करने से ब्लड प्रेशर 6 (mm Hg) तक कम हो गया। मतलब एक छोटी सी आदत कई जानलेवा बीमारियों का खतरा कम कर सकती है।
लेकिन हमारे भोजन में यह बेहद जरूरी और मामूली सी दिखने वाला बदलाव क्या इतना आसान है। सुनने में लगता है कि नमक की मात्रा ही तो कम करनी है। लेकिन नमक हमारे भोजन और स्वाद को तय करने वाला एक केंद्रीय तत्व है और इससे दूरी बनाना उतना आसान भी नहीं, जितना लगता है।
मेडिकल जर्नल ‘नेचर’ में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक एक औसत भारतीय प्रतिदिन 8-10 ग्राम नमक खाता है, जबकि WHO प्रतिदिन सिर्फ 5 ग्राम या एक छोटे चाय के चम्मच नमक खाने की सलाह देता है। हाइपरटेंशन के बढ़ते मामलों के पीछे इस आदत का बड़ा हाथ है।
तो आइए आज समझते हैं कि नमक से जुड़ी इस रिसर्च में और कौन-कौन सी जरूरी बातें सामने आईं। लेकिन उससे पहले नीचे लगे ग्राफिक से जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर किन-किन बीमारियों की जड़ है।
सिर्फ एक तिहाई भारतीय जानते हैं ज्यादा नमक के नुकसान
मेडिकल जर्नल नेचर की रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि सिर्फ एक तिहाई भारतीयों ही ज्यादा नमक खाने के खतरों के प्रति जागरूक हैं। यानी हर 3 में से 2 लोगों को यह पता ही नहीं है कि ज्यादा नमक खाने से किडनी, ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं।
यहां तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में केवल 12% हाइपरटेंशन के मरीज ही अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रख पाते हैं। इसके पीछे एक बड़ा हाथ हाई सोडियम डाइट का है।
क्या नमक कम करना दवाओं जितना असरदार
वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 50 से 75 साल के 213 लोगों पर ये रिसर्च की। इस समूह में कुछ लोग पहले से हाइपरटेंशन से पीड़ित थे। कुछ हाइपरटेंशन की दवाएं ले रहे थे और कुछ लोग नॉर्मल थे।
रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने इन लोगों की डाइट पर कड़ी नजर रखी और इन्हें खाने में सिर्फ 500 मिलीग्राम सोडियम दिया गया। कुछ हफ्तों बाद जब वैज्ञानिकों ने सभी पार्टिसिपेंट्स का ब्लड प्रेशर चेक किया तो नतीजे हैरान करने वाले थे।
वैज्ञानिकों ने देखा कि खाने में सिर्फ नमक की मात्रा कम करने से 70-75% पार्टिसिपेंट्स का ब्लड प्रेशर उतना कम हुआ था, जितना महंगी दवाओं से होता है। मतलब एक छोटी सी सावधानी भी दवाओं जितनी असरदार निकली।
क्या सिर्फ नमक में होता है सोडियम
ब्लड प्रेशर के खतरे को समझने से पहले हमें ये समझना होगा कि क्या सिर्फ नमक ही हाई ब्लड प्रेशर के लिए जिम्मेदार है? दरअसल नमक में मौजूद सोडियम इस समस्या की असली जड़ है। सोडियम हमारे लिए
जरूरी तो है, लेकिन जिस हिसाब से आजकल फास्ट-फूड डाइट में इसकी बहुतायत हो गई है, ये जहर बनता जा रहा है। इसी के चलते हाल ही में कोलंबिया ने जंक फूड पर एक कानून भी बनाया, जो अपनी तरह का अनोखा कानून है। इसका मकसद है जंक फूड की खपत को कम करके लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करना।
पिज्जा-बर्गर, चिप्स वगैरह के टेस्ट से चाहे हमें पता न चले, लेकिन इसमें भी हाई सोडियम मौजूद रहता है। और ये सोडियम हमारा ब्लड प्रेशर बढ़ाकर बाकी अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
बीपी बढ़ने से हार्ट पर बढ़ता बोझ
हमारा दिल हर मिनट में 5 लीटर खून पूरे शरीर में भेजता है। यह खून अपने साथ ऑक्सीजन और जरूरी तत्व लेकर पूरे शरीर का चक्कर काटकर वापस हार्ट में आता है। इसी तरह हमारे शरीर में जरूरी तत्व सही जगह पहुंचते हैं और गैर जरूरी तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
हमारा हार्ट सातों दिन चौबीसों घंटे बिना रुके लगातार काम करता है। लेकिन अगर ब्लड प्रेशर बढ़ जाए तो जाहिर है दिल पर भी दबाव बढ़ जाता है। जब ये दबाव हार्ट पर लगातार बना रहता है तो हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।
किडनी पर भी संकट
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर की वजह से शरीर के ब्लड वेसल्स पर भी ज्यादा दबाव पड़ता है और छोटी वेसल्स डैमेज होने लगती हैं। इस मामले में किडनी की ब्लड वेसल्स भी अछूती नहीं हैं। धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर की वजह से किडनी पर भी दबाव पड़ता है और इसे नुकसान पहुंच सकता है।
नमक को कैसे कंट्रोल में रखें
जब डॉक्टर, वैज्ञानिक भोजन में नमक की मात्रा को संतुलित रखने या कम करने की बात करते हैं तो उससे हम क्या आशय निकालते हैं। क्या हमें सब्जी में एक चम्मच की जगह सिर्फ आधा चम्मच नमक डालना चाहिए?
इस संबंध में एक मजेदार स्टडी वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन में हुई। यह स्टडी कहती है कि हम अपने हाथ से घर में जो खाना बनाते हैं, उसमें नमक की मात्रा एक तय सीमा से ज्यादा हो ही नहीं सकती।
यानि घर की सब्जी, दाल, सलाद और चिकन हर चीज में जो नमक है, वो हर व्यक्ति के स्वाद के मुताबिक थोड़ा कम-ज्यादा होने के बावजूद शरीर की आवश्यकता से बहुत ज्यादा नहीं है। फिर दिक्कत कहां है? आखिर ये जरूरत से ज्यादा नमक शरीर में आ कहां से रहा है?
ये आ रहा है नमकीन, चिप्स, वेफर्स, नट्स के उन पैकेट्स से, जो आप रेडीमेड खरीदकर खा रहे हैं। हर वो चीज, जो आपने अपने हाथ से, अपनी रसोई में बनाई नहीं है। हर वो चीज, जो खरीदा, पैकेट खोला और सीधे खा लिया। चिप्स के उस पैकेट में घर के बने चिप्स के मुकाबले चार गुना ज्यादा नमक है। उसमें चीनी भी है, जो आपको पता भी नहीं कि है।
रेडीमेड फूड के लेबल पर रखें नजर
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दिन में 2000 मिलीग्राम से ज्यादा सोडियम खतरनाक है। आपके चिप्स के पैकेट में 170 मिलीग्राम सोडियम हो सकता है। मतलब सिर्फ एक पैकेट चिप्स से आप दिनभर के सोडियम की जरूरत का 7 फीसदी हिस्सा ले सकते हैं। इसलिए खाने-पीने की चीजों का लेबल चेक करें कि उसमें सोडियम की मात्रा कितनी है।
छिपे हुए नमक से बचें
एक ब्रेड की स्लाइस में 250 मिलीग्राम तक सोडियम हो सकता है। दरअसल हर पैकेज्ड फूड में चीनी और नमक दोनों की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। ये दोनों ही हमारे लिए बहुत हैं।
इसलिए इनसे बचें और होम मेड फूड के जरिए अपने सॉल्ट इनटेक पर नियंत्रण रखें।
Kumkum sharma 

