रातभर डकैतों को बीहड़ों में तलाशती रही पुलिस
तीन राज्यों में मोस्ट वांटेड सवा लाख रुपए के इनामी केशव डकैत को धौलपुर पुलिस रातभर बीहड़ों में तलाशती रही। अलसुबह सोने के गुर्जा में पूरा गिरोह एक ही जगह मिल गया। खुद को चारों ओर से घिरा देखकर डकैतों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। करीब पौन घंटे तक चली फायरिंग के दौरान सिपाही अवधेश शर्मा को पेट में गोली लग गई।
उसे इलाज के लिए पहले आगरा ले जाया गया। लेकिन, वहां कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया। इस पर उसके लिए आगरा से जयपुर तक ग्रीन कॉरीडोर बनाया गया। बाद में सवाई मानसिंह अस्पताल में ऑपरेशन के बाद उसकी जान बच सकी। इधर, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने केशव की कथित पत्नी और दो डकैतों को गिरफ्तार किया है।
एसपी केसर सिंह शेखावत ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान अवधेश शर्मा को गोली लगने के बाद जहां अस्पताल रवाना किया, वहीं पुलिस की दूसरी बीहड़ों में ही मोर्चा संभाले रही। कुछ देर की गोलीबारी के बाद एक महिला समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि डकैत केशव गुर्जर लंबे समय से पुलिस की राडार पर है।
उस पर एमपी, यूपी एवं राजस्थान में इनाम घोषित किया हुआ है। तीनों राज्यों में हत्या, लूट, अपहरण आदि के 18 मामले दर्ज हैं। डकैत केशव के रविवार को मिनखोर जंगल के बीहड़ों छिपे होने की सूचना मिली थी। इस पर बीहड़ों में रात को ही सर्च अभियान चलाया गया।
राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी मोस्टवांटेड है केशव, 18 मुकदमे दर्ज


केशव ने सुरक्षा में लगा रखे थे अन्य डकैत
पुलिस जब सोने का गुर्जा पहुंची तो डकैत केशव जंगल में एक छप्पर के नीचे डेरा डाले हुए था। उसने अपनी सुरक्षा के लिए अन्य डकैतों को तैनात किया हुआ था। जैसे ही पुलिस टीम नजदीक पहुंची तो डकैतों अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। फायरिंग के बीच ही कुछ डकैत वहां से भाग निकले।
पुलिस ने कुछ दूर उनका पीछा भी किया। लेकिन वे जंगलों में फरार हो गए। इस दौरान डकैत केशव की कथित पत्नी और दो डकैतों को गिरफ्तार कर लिया। यह महिला रविवार रात को ही केशव से मिलने जंगल में आई थी। मौके से कुछ डायरियां मिली हैं, जिनमें हिसाब-किताब के साथ कई नाम और उनके नंबर लिखे हुए हैं। कई मोबाइल फोन, कारतूस और अन्य सामग्री भी मिली है।
मदद : घायल सिपाही को चारपाई पर 5 किमी तक पैदल लाए पुलिसकर्मी
डांग इलाके में जहां पर मुठभेड़ हुई वहां से घायल सिपाही को चारपाई पर डालकर साथी पुलिसकर्मी करीब 5 किमी तक पैदल लेकर आए। इनमें सदर थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह, डीएसटी प्रभारी अमित शर्मा, ओमवीर सिंह, दीनदयाल, नरेंद्र, रामसहाय और गोपाल शामिल थे। इससे पहले दो सिपाही पास ही एक गांव में जाकर चारपाई मांगकर लाए थे। फिर गाड़ी से घायल सिपाही को आगरा पहुंचाया गया।
पहली बार बनवाया ग्रीन कॉरीडोर
मुठभेड़ के दौरान पेट में गोली लगने से घायल कांस्टेबल अवधेश शर्मा की हालत गंभीर होने और आगरा में ऑपरेशन न हो पाने पर एसपी केसर सिंह ने जयपुर पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राहुल प्रकाश से संपर्क कर कांस्टेबल को जल्दी जयपुर पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनवाने का आग्रह किया।
इस पर एसीपी ने ग्रीन कारीडोर बनाने के आदेश जारी किए। इसके बाद धौलपुर से आगरा और आगरा से जयपुर तक नेशनल हाइवे में एंबुलेंस को निकलने के लिए रास्ता क्लियर रखा गया। इससे अवधेश को बहुत कम समय में जयपुर पहुंचाय जा सका।


